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मिलावटी खाद्य पदार्थों पर प्रशासन की सख्ती, पुणे में कई ठिकानों पर छापेमारी के बाद चार लोग गिरफ्तारभारत
20 अग॰ 2026, 11:18 am (52 मिनट पहले)· 3

मिलावटी खाद्य पदार्थों पर प्रशासन की सख्ती, पुणे में कई ठिकानों पर छापेमारी के बाद चार लोग गिरफ्तार

अन्न एवं औषधि प्रशासन ने पुणे में मिलावटी और घटिया खाद्य सामग्री के खिलाफ व्यापक अभियान चलाकर कई प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की, जहां बड़ी मात्रा में सामान जब्त किया गया और चार आरोपियों को पकड़ा गया.

त्योहारी मौसम के आगमन से ठीक पहले पुणे जिले में मिलावटी और असुरक्षित खाद्य सामग्री की बिक्री पर रोक लगाने के लिए अन्न एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने व्यापक स्तर पर दंडात्मक कार्रवाई की है. अन्न सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंढे के सीधे मार्गदर्शन में चलाए जा रहे ‘सेफ फूड, सेफ महाराष्ट्र’ विशेष अभियान के तहत 18 अगस्त को विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, कारखानों और गोदामों में औचक जांच अभियान चलाया गया. इस गहन पड़ताल का मुख्य उद्देश्य बाजार में उपभोक्ताओं को मिलने वाले खाद्य पदार्थों की शुद्धता, उनकी सही लेबलिंग और गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराना है.

छापेमारी, सील और गिरफ्तारियां

जांच दल ने 18 अगस्त को जिले के 4 प्रमुख प्रतिष्ठानों पर दबिश दी. इन ठिकानों के निरीक्षण के दौरान भारी मात्रा में प्रतिबंधित खाद्य सामग्री पाई गई. नियमों के उल्लंघन और असुरक्षित सामग्री के भंडारण को देखते हुए प्रशासन ने 4 अलग-अलग एफआईआर (FIR) दर्ज करवाईं और घटना से जुड़े 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया. इस कार्रवाई में कुल 14,598 रुपए मूल्य के प्रतिबंधित खाद्य पदार्थ तुरंत जब्त किए गए. इसके अतिरिक्त गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर 3 प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया तथा अवैध परिवहन और आपूर्ति में शामिल 1 वाहन को भी जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 15 हजार रुपए बताई गई है.

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इंडो एलाइड प्रोटीन फूड्स पर बड़ा एक्शन

विशेष अभियान के अंतर्गत FDA की टीम ने चाकण रोड, म्हालुंगे (तहसील खेड) स्थित मेसर्स इंडो एलाइड प्रोटीन फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के परिसर में भी विस्तृत जांच पड़ताल की. निरीक्षण के दौरान कारखाने में मौजूद खाद्य स्टॉक में घटिया गुणवत्ता और गलत लेबलिंग की गंभीर खामियां उजागर हुईं. अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए मौके से संपूर्ण संदिग्ध स्टॉक को अपने कब्जे में ले लिया.

जब्त की गई विशाल खेप में दो मुख्य उत्पाद शामिल हैं. इनमें करीब 5.09 लाख रुपए मूल्य का लगभग 5,098 किलो खिचड़ी मसाला और लगभग 4.47 लाख रुपए मूल्य का करीब 5.598 किलो डीफैटेड टोस्टेड सोया ग्रिट्स शामिल है. प्रशासन ने इन दोनों खाद्य पदार्थों के आधिकारिक नमूने एकत्र कर विस्तृत रासायनिक परीक्षण के लिए मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में भेज दिए हैं. लैब रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 तथा संबंधित कानूनी धाराओं के तहत आगे की सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.

दुग्ध उत्पादों, मसालों और गुड़ पर विशेष निगरानी

18 अगस्त को चलाए गए अभियान में केवल प्रतिबंधित पदार्थों पर ही नहीं, बल्कि त्योहारों में अत्यधिक मांग वाले दूध, दुग्धजन्य उत्पादों, विभिन्न मसालों और गुड़ की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया गया. इस दौरान पुणे के 2 अन्य बड़े प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई, जहां से 14,546 किलो संदिग्ध और मानकहीन माल जब्त किया गया. इस जब्त सामग्री का बाजार मूल्य लगभग 13.87 लाख रुपए आंका गया है. FDA अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि आगामी त्योहारों के दौरान बाजार में मिलावटी सामान की आपूर्ति रोकने के लिए यह अभियान निरंतर जारी रहेगा.

होटलों और ढाबों की जांच तथा सुधार नोटिस

प्रशासनिक दल ने पुणे शहर और आसपास के इलाकों में संचालित होटल, रेस्तरां और ढाबों समेत कुल 9 व्यावसायिक ठिकानों का बारीक निरीक्षण किया. इस पड़ताल में 6 प्रतिष्ठानों के संचालन में साफ-सफाई, स्वच्छता मानकों, उत्पाद लेबलिंग और आवश्यक खाद्य लाइसेंस संबंधी कई प्रशासनिक खामियां पाई गईं. FDA ने इन 6 संचालकों को तत्काल सुधार नोटिस जारी करते हुए तय समय सीमा के भीतर सभी कमियों को दुरुस्त करने की हिदायत दी है. साथ ही सभी खाद्य कारोबारियों से अपील की गई है कि वे जनस्वास्थ्य को सर्वोपरि मानते हुए खाद्य सुरक्षा नियमों का पूरी निष्ठा से पालन करें.

सवाल-जवाब

पुणे में FDA ने किस अभियान के तहत छापेमारी की?
यह कार्रवाई अन्न सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंढे के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे ‘सेफ फूड, सेफ महाराष्ट्र’ विशेष अभियान के तहत की गई.
18 अगस्त की कार्रवाई में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?
जांच के दौरान प्रतिबंधित खाद्य पदार्थ मिलने के बाद 4 एफआईआर दर्ज की गईं और 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया.
मेसर्स इंडो एलाइड प्रोटीन फूड्स से कितना सामान जब्त किया गया?
कंपनी से करीब 5,098 किलो खिचड़ी मसाला (कीमत ₹5.09 लाख) और 5.598 किलो डीफैटेड टोस्टेड सोया ग्रिट्स (कीमत ₹4.47 लाख) जब्त किया गया.
कितने होटल और रेस्तरां को सुधार नोटिस जारी किए गए हैं?
जांच किए गए 9 प्रतिष्ठानों में से 6 को साफ-सफाई, लेबलिंग और लाइसेंस संबंधी खामियों के लिए सुधार नोटिस जारी किए गए हैं.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·33 मिनट पहले

त्योहारों से ठीक पहले खाद्य सुरक्षा प्रशासन की यह मुस्तैदी उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने की दिशा में एक अहम कदम है। जिस तरह पुणे में थोक मात्रा में घटिया सामग्री और मिलावटी मसाले पकड़े गए हैं, वह संकेत देता है कि त्योहारी सीजन में मुनाफाखोरी के लिए बड़े पैमाने पर जालसाजी की जाती है। ऐसे मामलों में केवल औचक निरीक्षण और जब्ती तक सीमित रहने के बजाय, खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत दोषियों पर तेज गति से मुकदमे चलाए जाने चाहिए ताकि आपूर्ति श्रृंखला में पूरी तरह पारदर्शिता और डर का माहौल कायम हो सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·33 मिनट पहले

अन्न एवं औषधि प्रशासन द्वारा की गई यह कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन अपराधियों पर लगाम कसने के लिए केवल छापे मारना पर्याप्त नहीं है। खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत जब तक मिलावटखोरों के खिलाफ अदालतों में फास्ट-ट्रैक सुनवाई सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक ऐसे मामलों में डर का माहौल नहीं बनेगा। त्योहारी सीजन के दौरान पकड़े गए इन चारों आरोपियों और सील किए गए प्रतिष्ठानों के मामलों में यदि समय पर रासायनिक परीक्षण रिपोर्ट आ जाती है, तो कानूनी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाकर सप्लाई चेन के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सकता है।

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