बेंगलुरु के सराफा बाजार में गुरुवार, 20 अगस्त को सोने की दरों में बड़ा उछाल देखने को मिला, जिससे बहुमूल्य धातु की कीमतें पिछले तीन महीनों के उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गईं। अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में आई 4 प्रतिशत से अधिक की तेजी का असर स्थानीय कीमतों पर भी पड़ा है। शहर में 24 कैरेट सोने की कीमत उछलकर करीब 1.59 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गई है। कीमतों में इस अचानक वृद्धि से बेंगलुरु के खुदरा आभूषण खरीदारों और नए निवेशकों के बीच अस्थायी रूप से सतर्कता का माहौल बन गया है।
बेंगलुरु में सोने की दरों का विस्तृत विवरण
गुरुवार, 20 अगस्त को दर्ज किए गए नए आंकड़ों के अनुसार, बेंगलुरु में सभी श्रेणियों के सोने के दामों में जोरदार बढ़त दर्ज की गई। 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने की कीमत में 430 रुपये प्रति ग्राम की बढ़ोतरी हुई, जिससे इसका नया भाव 15,927 रुपये प्रति ग्राम हो गया। इस हिसाब से बेंगलुरु में 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कुल कीमत लगभग 1,59,270 रुपये (यानी 1.59 लाख रुपये के करीब) पहुंच गई है।
इसी तरह, आभूषण निर्माण में बहुतायत से इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने की कीमत 395 रुपये प्रति ग्राम बढ़कर 14,600 रुपये प्रति ग्राम हो गई। इसका मतलब है कि शहर में 10 ग्राम 22 कैरेट सोना खरीदने के लिए ग्राहकों को 1,46,000 रुपये खर्च करने होंगे। इसके अलावा, 18 कैरेट सोने के दाम में 323 रुपये प्रति ग्राम का इजाफा देखा गया, जिससे इसका भाव 11,946 रुपये प्रति ग्राम हो गया और 10 ग्राम 18 कैरेट सोने की कीमत 1,19,460 रुपये पर पहुंच गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इन ऊंचे दामों के कारण स्थानीय आभूषण खरीदार फिलहाल नई खरीदारी टाल सकते हैं।
चांदी की कीमतों की स्थिति और बाजार का हाल
बेंगलुरु में सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी गुरुवार, 20 अगस्त को तेजी दर्ज की गई। शहर में चांदी के दाम 10 रुपये प्रति ग्राम बढ़कर 255 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गए। थोक खरीद के हिसाब से देखें तो बेंगलुरु में चांदी की कीमत 2,55,000 रुपये (2.55 लाख रुपये) प्रति किलोग्राम दर्ज की गई।
हालिया बढ़त के बावजूद, बीते कुछ महीनों में शहर के भीतर चांदी की दरों में स्थिरता देखी गई है। यह स्थिरता साल की शुरुआत में आई भारी अस्थिरता के बाद आई है, जब जनवरी के महीने में चांदी में जोरदार तेजी देखने को मिली थी, जिसके बाद फरवरी में कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। इसके बाद से चांदी की कीमतें एक निश्चित दायरे में कारोबार कर रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय सराफा बाजार और अमेरिकी ट्रेजरी का प्रभाव
बेंगलुरु के स्थानीय बाजार में आई यह तेजी वैश्विक सराफा बाजारों में हुए सकारात्मक बदलावों से सीधे तौर पर जुड़ी है। ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स के आंकड़ों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव बुधवार की बढ़त को बनाए रखते हुए गुरुवार, 20 अगस्त को 4,500 डॉलर प्रति औंस के करीब बना रहा। इससे पिछले कारोबारी सत्र में अंतरराष्ट्रीय सोने में 4 प्रतिशत से अधिक की बड़ी उछाल दर्ज की गई थी।
वैश्विक स्तर पर सोने में आई इस तेजी की मुख्य वजह अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट रही, जब अमेरिकी सरकार ने लंबी अवधि की उधारी लागत को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने घोषणा की है कि वह आने वाले महीनों में 10-वर्षीय, 20-वर्षीय और 30-वर्षीय सरकारी कर्ज पत्रों की पुनर्खरीद (बायबैक) को दोगुने से भी अधिक बढ़ाएगा। ट्रेजरी यील्ड घटने से निवेशकों का रुझान बिना ब्याज वाली संपत्तियों जैसे सोने की ओर बढ़ा, जिससे वैश्विक कीमतों में उछाल आया।
विशेषज्ञ दृष्टिकोण और दीर्घकालिक निवेश रणनीति
सोने में आई हालिया तेजी बाजार विश्लेषकों के मध्यम से दीर्घकालिक दृष्टिकोण के अनुकूल है। टाटा म्यूचुअल फंड ने अपनी ताजा विश्लेषणात्मक रिपोर्ट में कहा कि केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार की जा रही सोने की खरीदारी, निवेशकों की मजबूत मांग और पोर्टफोलियो विविधीकरण की बढ़ती जरूरत इस परिसंपत्ति वर्ग को मौलिक समर्थन प्रदान कर रही है।
टाटा म्यूचुअल फंड की रिपोर्ट के अनुसार, सोना आज भी व्यापक आर्थिक अनिश्चितताओं और मुद्रा के अवमूल्यन के जोखिमों से बचाव (हेज) के रूप में एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। फंड हाउस ने निवेशकों को सलाह दी है कि जब भी बाजार में कोई अस्थायी गिरावट या नरमी आए, तो उसका फायदा उठाकर दीर्घकालिक रणनीति के तहत सोने में धीरे-धीरे अपना निवेश बढ़ाना चाहिए।


















