भारत अपनी रक्षा क्षमताओं को और अधिक मजबूत करते हुए एक बार फिर लंबी दूरी की मिसाइल के परीक्षण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी सिलसिले में हिंद महासागर में नोटिस टू एयरमेन यानी नोटम जारी किया गया है। भारत की तरफ से यह नोटम 2995 किलोमीटर की दूरी के दायरे को ध्यान में रखकर लागू किया गया है। इस कदम से यह साफ हो जाता है कि देश मध्यम या उससे अधिक दूरी की किसी मारक प्रणाली का परीक्षण करने जा रहा है।
संभावित परीक्षण और पिछली सफलताएं
भारत द्वारा इस तरह के नोटम जारी करने की परंपरा से पहले भी कई महत्वपूर्ण रणनीतिक परीक्षण जुड़े रहे हैं। रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि पिछले दौर में जब ऐसा ही नोटम जारी किया गया था, तब देश ने अग्नि-4 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया था। इसके अलावा, भारत ने हाल के महीनों में कई उन्नत रक्षा मील के पत्थर हासिल किए हैं, जिनमें अगस्त के महीने में हुआ अग्नि-4 का सफल परीक्षण शामिल है, जिसे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सराहा था। इसके साथ ही मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेड री-एंट्री व्हीकल तकनीक से लैस उन्नत मिसाइलों के परीक्षण भी देश की सामरिक ताकत को लगातार बढ़ा रहे हैं।
पड़ोसी देशों की बढ़ी चिंताएं
भारतीय रक्षा क्षेत्र के इस बढ़ते दबदबे और लगातार हो रहे परीक्षणों से पड़ोसी देशों की बेचैनी साफ देखी जा सकती है। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, इस नए नोटम के सामने आने के बाद से ही सामरिक हलकों में अग्नि-6 के ट्रायल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। भारत की इस सैन्य प्रगति और रणनीतिक सतर्कता के कारण चीन और पाकिस्तान जैसे देशों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं, क्योंकि इस तरह के मिसाइल परीक्षण देश की सुरक्षा और सामरिक मुस्तैदी का स्पष्ट संदेश देते हैं।



















