मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। कानपुर से इंदौर की ओर जा रही एक तेज रफ्तार यात्री बस ब्यावरा शहर के पास स्थित भोपाल बाईपास पुल पर अनियंत्रित हो गई। मोड़ लेते समय बस सुरक्षा दीवार से टकराई और लगभग 30 फीट ऊंचे पुल से सीधे नीचे सर्विस रोड पर जा गिरी। इस भयानक दुर्घटना में बस सवार 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों व पुलिस की मदद से घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
पुल की सुरक्षा दीवार तोड़कर नीचे गिरी बस
यह घटना शुक्रवार सुबह लगभग 7:00 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, यात्री बस उत्तर प्रदेश के कानपुर से मध्य प्रदेश के इंदौर शहर की ओर जा रही थी। जैसे ही बस ब्यावरा में भोपाल बाईपास पुल पर पहुंची, तेज रफ्तार होने के कारण चालक मोड़ पर वाहन से नियंत्रण खो बैठा। अनियंत्रित बस पुल की सुरक्षा दीवार से टकराते हुए नीचे गिर गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दुर्घटना के समय बस में सवार चार यात्री लगभग 30 फीट की ऊंचाई से उछलकर नीचे सर्विस रोड पर आ गिरे।
बेंगलुरु साइबर पुलिस की टीम भी थी सवार
इस हादसे में मारे गए लोगों में कर्नाटक की बेंगलुरु साइबर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। राजगढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के एल बंजारे ने बताया कि बेंगलुरु साइबर सेल की एक पुलिस टीम किसी आपराधिक मामले के आरोपी की तलाश में बस में सवार होकर इंदौर जा रही थी। हादसे में बेंगलुरु साइबर सेल के 45 वर्षीय इंस्पेक्टर रवि केवि (पिता बस्सपा) की मृत्यु हो गई। इसके अलावा साइबर टीम के सब इंस्पेक्टर रमेश नायक (पिता पंडप्पा), असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (एएसआई) श्रीनिवास (पिता वेंकटेश गिरी, उम्र 50 वर्ष) और टेक्निकल स्टाफ विश्वनाथ (पिता मोहन, उम्र 39 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
हादसे में जान गंवाने वाले 5 लोग
इस दुखद दुर्घटना में जान गंवाने वाले पांचों व्यक्तियों की पहचान हो चुकी है। मृतकों में बेंगलुरु साइबर पुलिस के इंस्पेक्टर रवि केवि (45 वर्ष), बस चालक विकास शुक्ला, बेलाल अली (पिता कलीमुल्लाह मियां), और बिजवाड़ निवासी ज्योतिरादित्य सिंह गौड़ (पिता विक्रम सिंह गौड़) शामिल हैं। इसके अलावा एक अन्य यात्री ने भी दुर्घटना में अपनी जान गंवाई है। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
महाकाल दर्शन के लिए जा रहा था परिवार
बस में सवार कई यात्री उज्जैन में भगवान महाकालेश्वर के दर्शन करने जा रहे थे। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के मोहम्मदपुर निवासी अमित कुमार प्रताप ने बताया कि वह अपनी पत्नी मीनू सिंह (37 वर्ष), 13 वर्षीय बेटे रक्षित सिंह और 68 वर्षीय ससुर सुरेंद्र प्रताप सिंह (निवासी ग्राम हुरुरी, जौनपुर) के साथ उज्जैन महाकाल के दर्शन के लिए निकले थे। ब्यावरा में हुए इस हादसे में अमित कुमार का पूरा परिवार घायल हो गया। ससुर सुरेंद्र प्रताप सिंह की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल रेफर कर दिया गया है।
अन्य घायलों की स्थिति और इलाज
दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचा और राहत कार्य शुरू किया। सभी घायलों को इलाज के लिए ब्यावरा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से चार यात्रियों की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए भोपाल रेफर कर दिया। भोपाल रेफर किए गए घायलों में एएसआई श्रीनिवास, उत्तर प्रदेश के जौनपुर निवासी सुरेंद्र प्रताप सिंह, कानपुर निवासी सुमन शर्मा (36 वर्ष) शामिल हैं।
इसके अलावा घायलों में उत्तर प्रदेश के जौनपुर निवासी 40 वर्षीय विनोद कुमार सिंह, कानपुर निवासी 42 वर्षीय रवि शर्मा व उनका 8 वर्षीय बेटा पार्थ शर्मा, अलीगढ़ के मथुला निवासी 28 वर्षीय केशव (पिता श्रीपाल), सीतापुर जिले के खैराबाद निवासी 39 वर्षीय सोनू (पिता हरी बाबू), बेंगलुरु पुलिस के रमेश नायक और विश्वनाथ शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और मोड़ पर नियंत्रण खोना दुर्घटना की मुख्य वजह प्रतीत हो रहा है।



















