मध्य प्रदेश के मंदसौर शहर में इन दिनों आवारा सांडों का आतंक लगातार बना हुआ है और सोमवार दोपहर इसका एक डरावना नजारा देखने को मिला। चक्रवर्ती विहार कॉलोनी की सड़क पर दो सांड आपस में भिड़ गए और स्कूल से घर लौट रहे बच्चों तथा एक महिला को रौंदते हुए आगे निकल गए। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी को गंभीर चोट नहीं आई और सभी बाल-बाल बच गए।
शहर में पहले से बना हुआ है आवारा सांडों का खौफ
मंदसौर शहर की सड़कों पर पिछले कुछ समय से आवारा सांड आम लोगों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। सोमवार को हुई यह घटना उसी बढ़ते खतरे की एक और झलक थी, जिसने कॉलोनी में रहने वाले लोगों को एक बार फिर डरा दिया।
सड़क पर अचानक भिड़े दो सांड
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक चक्रवर्ती विहार कॉलोनी की सड़क पर दो आवारा सांड अचानक आपस में लड़ने लगे। उसी वक्त स्कूल से लौट रहे कुछ बच्चे वहां से गुजर रहे थे और सड़क किनारे खड़े थे। लड़ते हुए सांड इतनी तेजी से बच्चों की तरफ बढ़े कि किसी को संभलने या रास्ता बदलने का मौका ही नहीं मिला। इसी बीच वहां मौजूद एक महिला और उसके साथ खड़ा एक और बच्चा भी सांडों की इस भिड़ंत की चपेट में आ गया।
बचने की कोशिश में गिरे बच्चे और महिला
जैसे ही बच्चों और महिला ने लड़ते हुए सांडों को अपनी ओर आते देखा, वे घबराकर इधर-उधर भागने लगे, लेकिन सांडों की रफ्तार के आगे किसी की एक न चली। हड़बड़ी में एक बच्चा जोर से दीवार से जा टकराया, जबकि एक लड़की बगल में गिर पड़ी। वहीं महिला और उसके साथ मौजूद दूसरा बच्चा जमीन पर गिर गए, जिसके बाद दोनों सांड उन्हें रौंदते हुए आगे निकल गए।
मदद के लिए दौड़े आसपास के लोग
हादसे के फौरन बाद आसपास मौजूद लोग बच्चों और महिला की मदद के लिए दौड़ पड़े। उन्होंने पास पहुंचकर सभी को उठाया और उनका हाल-चाल जाना। राहत की बात यह रही कि बच्चों और महिला में से किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई, हालांकि कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल जरूर बन गया।
सीसीटीवी में कैद हुई पूरी वारदात
यह पूरा घटनाक्रम कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। फुटेज में साफ नजर आता है कि लड़ते हुए सांड बच्चों के बेहद करीब पहुंच जाते हैं और एक बड़ा हादसा होते-होते बाल-बाल टल जाता है।
आवारा मवेशियों पर कार्रवाई की मांग
इस घटना के बाद कॉलोनी के रहवासियों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि शहर में घूम रहे आवारा मवेशियों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर भेजा जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कों पर आवारा पशुओं की बढ़ती तादाद लगातार दुर्घटनाओं की वजह बन रही है और अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।



















