भोपाल में छोटे तालाब के किनारे मिले एक किशोर के शव के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए चौंकाने वाली बात सामने रखी है। धोबी घाट के पास मिले 16 साल के इस किशोर के शव की गुत्थी पुलिस ने 11 दिन के भीतर सुलझा ली है। शुरुआती जांच-पड़ताल के बाद पुलिस के हाथ जो तथ्य लगे, उन्होंने हर किसी को हैरान कर दिया है। आरोपियों ने सोशल मीडिया पर एक रील देखी थी, जिसमें दावा किया गया था कि शरीर के प्राइवेट पार्ट बेचने पर भारी-भरकम राशि मिलती है। इसी रील से प्रभावित होकर आरोपियों ने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया।
पैसे कमाने के लालच में की गई हत्या
मृतक रेहान इलाके में घूम-घूमकर पेन और चाबी के छल्ले बेचने का काम करता था और इसी से अपना गुजारा चलाता था। आरोपियों ने किशोर की हत्या करने के बाद उसके शरीर से निजी अंग अलग कर दिए ताकि उन्हें बाजार में बेचा जा सके। हालांकि, उनका यह सौदा कामयाब नहीं हो सका और वे अंगों को ठिकाने लगाने में जुट गए। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनकी पहचान 18 साल के आमिर कुरैशी और 20 साल के जोहेब खान के रूप में हुई है। रेहान की हत्या 6 अगस्त को की गई थी और घटना के चार दिन बाद यानी 10 अगस्त को प्रेम मंदिर के नजदीक धोबी घाट के पास उसका शव बरामद किया गया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और टैटू से हुई पहचान
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई कि रेहान के पेट और पैरों पर गंभीर वार करके उसकी हत्या की गई थी। हत्या के बाद जब शव मिला तो उसके शरीर से प्राइवेट पार्ट गायब थे और चेहरा व शरीर ऐसी स्थिति में था कि तुरंत पहचान करना मुश्क़िल हो रहा था। ऐसे में मृतक की मां रानी शाह ने उसके हाथ पर गुदे हुए 'एसके-शंकर' टैटू को देखकर अपने बेटे के शव की शिनाख्त की। हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने रेहान के निजी अंगों को काटकर एक प्लास्टिक की थैली में रख लिया था। जोहेब उन अंगों को बेचने की कोशिश में सफल नहीं हो पाया, जिसके बाद वे अंग वापस आरोपियों को मिल गए और उन्होंने कुछ दिनों के बाद उन्हें तालाब में फेंक दिया।
मेडिकल छात्र होने का दावा करने वाले आरोपी की भूमिका
खुद को मेडिकल छात्र बताने वाले एक आरोपी ने जोहेब को सोशल मीडिया पर पाकिस्तान और सऊदी अरब से जुड़ी एक रील दिखाई थी, जिसमें प्राइवेट पार्ट बेचने पर 1.20 करोड़ रुपए मिलने की बात कही गई थी। इसी लालच और झांसे में आकर उन्होंने वारदात की योजना बनाई। आरोपियों ने रेहान को 100 रुपए का लालच देकर अपने साथ बुलाया और फिर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। फिलहाल पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि इस पूरी साजिश के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल थे और इस तरह की भ्रामक जानकारियां फैलाने वाले नेटवर्क के तार कहां तक जुड़े हैं।



















