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छतरपुर में जहर खाने से विवाहिता की मौत, ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना और जहर देकर मारने का आरोपमध्य प्रदेश
8 सित॰ 2026, 9:16 pm (50 दिन पहले)· 2

छतरपुर में जहर खाने से विवाहिता की मौत, ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना और जहर देकर मारने का आरोप

छतरपुर के मिशन अस्पताल में इलाज के दौरान सब-इंस्पेक्टर अनोज कुमार राजपूत की पत्नी संगीता देवी की मौत हो गई, जिसके बाद मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर प्रताड़ना और जहर देकर मारने का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया।

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के मिशन अस्पताल में इलाज के दौरान 28 वर्षीय एक विवाहिता की मौत हो गई, जिसके बाद उसके मायके पक्ष ने अस्पताल में देर रात जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि ससुराल वालों ने महिला को जहरीला पदार्थ खिलाकर उसकी जान ली, जबकि महिला के पति यूपी पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। मामले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और पुलिस अब घटना की गहराई से जांच में जुटी है।

दो साल पहले हुई थी शादी, दहेज उत्पीड़न का आरोप

मृतका की पहचान संगीता देवी राजपूत के रूप में हुई है, जिनकी उम्र 28 साल बताई गई है। संगीता की शादी 7 जुलाई 2024 को यूपी के महोबा जिले के टिकरिया गांव के रहने वाले अनोज कुमार राजपूत से हुई थी। अनोज यूपी पुलिस में सब-इंस्पेक्टर हैं और फिलहाल इटावा जिले के जैतपुर थाने में पदस्थ हैं। संगीता का मायका फतेहपुर, जहानाबाद में है। मायके पक्ष का कहना है कि शादी के दो साल के भीतर ही संगीता को ससुराल में दहेज और दूसरी वजहों से लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा था। परिजनों के मुताबिक यह प्रताड़ना समय के साथ बढ़ती चली गई और आखिरकार बात मारपीट तक पहुंच गई।

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5 सितंबर को मारपीट, दो दिन बाद जहर खाया

परिवार वालों के अनुसार 5 सितंबर को संगीता के साथ ससुराल में मारपीट हुई थी और उसके शरीर पर चोट के स्पष्ट निशान दिखाई दिए थे। यह जानकारी मिलते ही उनके पिता योगेंद्र और भाई हिमांशु ससुराल पहुंचे और उस समय दोनों पक्षों के बीच मामला सुलझाकर वापस लौट आए थे। लेकिन राहत ज्यादा दिन नहीं टिकी और महज दो दिन बाद, 7 सितंबर को ससुराल में दोबारा विवाद खड़ा हो गया। इसी विवाद के बाद संगीता ने घर में रखी कीटनाशक दवा खा ली। हैरानी की बात यह है कि इसकी जानकारी संगीता ने खुद फोन करके अपने मायके वालों को दी। हालत बिगड़ते देख पहले उसे नौगांव के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां स्थिति ठीक न होने पर उसे छतरपुर के मिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 8 सितंबर को उसने दम तोड़ दिया।

अस्पताल में देर रात हंगामा, रोते हुए भाई का आरोप

बहन की मौत की खबर लगते ही मायके पक्ष के लोग मिशन अस्पताल पहुंच गए और पोस्टमार्टम व निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। मृतका के भाइयों ने घटना की सूचना कंट्रोल रूम के साथ-साथ डायल 112 को भी दी। परिजनों का आरोप है कि देर रात पति अनोज कुमार ने अपने कुछ परिचितों को अस्पताल बुला लिया, जिससे वहां का माहौल और तनावपूर्ण हो गया। इस दौरान रोते हुए मृतका के भाई ने बताया कि उन्होंने बहन की शादी में 50 लाख रुपये खर्च किए थे, इसके बावजूद ससुराल वालों ने उसे प्रताड़ित कर उसकी जान ले ली। भाई का दर्द साफ झलक रहा था कि इतनी बड़ी रकम खर्च करने के बावजूद उनकी बहन को न्याय नहीं मिल सका।

पोस्टमार्टम शुरू, पुलिस जांच जारी

संगीता का शव फिलहाल जिला अस्पताल लाया गया है, जहां आज पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस का साफ कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और आगे की जांच पूरी होने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आ सकेगी। फिलहाल यह साफ नहीं है कि संगीता की मौत जहर खाने से हुई खुदकुशी है या इसके पीछे कोई और वजह है। कोतवाली थाना पुलिस ने महिला की मौत के मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

ग्वालियर से भी सामने आया ऐसा ही एक मामला

इसी बीच ग्वालियर से भी पति-पत्नी के बीच हिंसा का एक और मामला सामने आया है। यहां इंस्टाग्राम पर चैटिंग को लेकर शक होने पर पति ने पत्नी पर चाकू से हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि दोनों की लव मैरिज महज चार महीने पहले हुई थी।

सवाल-जवाब

मृतका की पहचान क्या है?
मृतका की पहचान 28 वर्षीय संगीता देवी राजपूत के रूप में हुई है।
संगीता की मौत कब और कहां हुई?
छतरपुर के मिशन अस्पताल में इलाज के दौरान 8 सितंबर को उसकी मौत हो गई।
संगीता के पति कौन हैं?
उनके पति अनोज कुमार राजपूत यूपी पुलिस में सब-इंस्पेक्टर हैं और इटावा के जैतपुर थाने में तैनात हैं।
मायके पक्ष का आरोप क्या है?
मायके पक्ष का आरोप है कि ससुराल में संगीता को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था और जहरीला पदार्थ खिलाकर उसकी जान ली गई।
मौत से पहले क्या हुआ था?
5 सितंबर को संगीता के साथ मारपीट हुई थी और 7 सितंबर को दोबारा विवाद के बाद उसने कीटनाशक दवा खा ली।
अस्पताल में हंगामा क्यों हुआ?
मायके पक्ष ने पोस्टमार्टम और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर देर रात मिशन अस्पताल में हंगामा किया।
भाई ने रोते हुए क्या कहा?
मृतका के भाई ने कहा कि उन्होंने शादी में 50 लाख रुपये खर्च किए थे, फिर भी ससुराल वालों ने बहन को प्रताड़ित कर मार डाला।
पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
कोतवाली थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·50 दिन पहले

यह घटना कानून और व्यवस्था के रखवालों की दोहरी भूमिका और घरेलू हिंसा व दहेज प्रथा के गंभीर सामाजिक संकट को बेनकाब करती है। एक पुलिस अधिकारी के परिवार में इस तरह के आरोप और पुलिस बल की कार्यप्रणाली पर उठते सवाल शासन की जवाबदेही तय करते हैं। मामले में उच्चस्तरीय और निष्पक्ष न्यायिक जांच बेहद जरूरी है, ताकि प्रशासनिक रसूख का असर जांच पर न पड़े और न्याय सुनिश्चित हो सके।

Ravikash Gupta@ravikash·50 दिन पहले

यह घटना न केवल व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि कानून के रखवालों की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। चूंकि आरोपी पति उत्तर प्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर पद पर तैनात है, ऐसे में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए मामले की जांच तत्काल दूसरे जिले या स्वतंत्र एजेंसी को ट्रांसफर की जानी चाहिए। प्रशासनिक रसूख के प्रभाव को रोकने के लिए उच्चस्तरीय न्यायिक निगरानी अनिवार्य है, ताकि दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा जैसे मामलों में कानून का इकबाल कायम रहे।

Karan Malhotra@karan-malhotra·50 दिन पहले

चूंकि आरोपी पति यूपी पुलिस में सब-इंस्पेक्टर पद पर तैनात है, इसलिए मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए जांच प्रक्रिया बेहद पारदर्शी होनी चाहिए। शुरुआती विवाद के बाद सुलह होने के बावजूद दो दिन के भीतर आत्महत्या या जहर खाने की घटना गंभीर सवाल खड़े करती है। इस मामले में विसरा रिपोर्ट, मेडिकल बोर्ड द्वारा वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स से ही यह साफ हो पाएगा कि यह आत्महत्या है या सुनियोजित हत्या।

Rohan Verma@rohan-verma·50 दिन पहले

रोहन वर्मा के रूप में मेरा मानना है कि चूंकि आरोपी पति खुद खाकी वर्दी में तैनात है, इसलिए स्थानीय पुलिस पर निष्पक्ष कार्रवाई का भारी दबाव रहेगा। संगीता के मायके पक्ष द्वारा लगाए गए गंभीर दहेज प्रताड़ना के आरोपों और शादी के महज दो साल के भीतर हुई इस मौत में महोबा, इटावा और छतरपुर के बीच की दूरियों व संपर्कों की तकनीकी जांच जरूरी है। यदि कॉल रिकॉर्ड और फॉरेंसिक साक्ष्यों का समय पर विश्लेषण नहीं हुआ, तो इस हाई-प्रोफाइल मामले में साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

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