मध्य प्रदेश के सागर जिले से बड़ी खबर सामने आई है, जहां जिले की बंडा तहसील में शराब पीने से नौ लोगों की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
बंडा के बराज गांव में मातम
पुलिस के मुताबिक यह घटना शनिवार और रविवार के बीच हुई। मरने वाले सभी लोग बंडा तहसील के बराज गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं। नौ लोगों की मौत की खबर फैलते ही प्रशासनिक अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया। सागर के पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया अपने अधीनस्थ अमले के साथ मौके पर पहुंच गए और हालात का जायजा लिया। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आखिर गांव में शराब कहां से और कैसे पहुंची।
देश में जहरीली शराब से मौतों का सिलसिला नहीं थम रहा
सागर की यह घटना अकेली नहीं है, पिछले कुछ महीनों में देश के अलग-अलग हिस्सों से ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं। 18 अगस्त को पुणे में जहरीली शराब पीने से 15 लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जांच के आदेश दिए थे। इससे पहले 3 अप्रैल को बिहार के मोतिहारी में जहरीली शराब ने 5 लोगों की जान ले ली थी, जबकि 15 लोगों की हालत नाजुक बनी हुई थी और कई लोगों की आंखों की रोशनी तक चली गई थी। पटना के बाढ़ इलाके में मछली और शराब पार्टी के बाद 4 युवकों की मौत का मामला भी सामने आया था, जिसमें डॉक्टरों ने जहरीले पेय पदार्थ को वजह बताया था। उधर उत्तर प्रदेश में बीते एक साल के भीतर जहरीली शराब से जुड़े मामलों में करीब 1 लाख FIR दर्ज हो चुकी हैं और 19 हजार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरा
बिहार में हुई ऐसी ही मौतों को लेकर नेता तेजस्वी यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए हाईलेवल जांच की मांग की थी। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर जहरीली शराब से हर बार गरीब तबके के लोग ही अपनी जान क्यों गंवाते हैं और इसमें दलित-अतिपिछड़ों से जुड़ा मुद्दा भी उठाया।


















