मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से एक सनसनीखेज और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां अस्पताल में पत्नी के प्रसव के भारी भरकम खर्च और कर्ज के दबाव में एक शख्स ने जुर्म का खौफनाक रास्ता चुन लिया। उसने पैसों का इंतजाम करने के लिए एक अधेड़ उम्र की महिला को अपना शिकार बनाया और उसकी निर्मम हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी महिला के शरीर पर पहने सोने के जेवरात लूटकर फरार हो गया था। पुलिस ने इस अंधी हत्या की गुत्थी को सुलझाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके कब्जे से लूटे गए गहने भी जब्त कर लिए हैं।
मवेशी चराने गई महिला की हत्या और गहने गायब
यह पूरी घटना बालाघाट जिले के अंतर्गत आने वाले थाना तिरोड़ी क्षेत्र के ग्राम हीरापुर की है। बीते 8 अक्टूबर को गांव की निवासी 53 वर्षीय खेलनबाई तुरकर अपने मवेशियों को चराने के लिए जंगल और खेतों की तरफ गई हुई थीं। जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटीं और उनका शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ, तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। प्राथमिक जांच में पाया गया कि महिला की हत्या की गई है और उनके शरीर से कान के सोने के टॉप्स और गले का मंगलसूत्र गायब थे। शुरुआत में पुलिस के पास कातिल का कोई सुराग नहीं था और मामला पूरी तरह से ब्लाइंड मर्डर केस बना हुआ था।
25 हजार रुपये में गिरवी रखे गए लूटे हुए जेवरात
हत्या और लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी रूपेश मरकाम सीधा सुनार के पास पहुंचा। उसने लूटे हुए सोने के मंगलसूत्र और कान के टॉप्स को एक स्थानीय सुनार के पास महज 25 हजार रुपये में गिरवी रख दिया। वारदात के बाद जब पुलिस ने गांव और आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों वाले लोगों पर नजर रखना शुरू किया, तो जामरापानी निवासी रूपेश मरकाम की भूमिका पर संदेह गहराया। पुलिस ने जब हिरासत में लेकर उससे कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने महिला की हत्या करने और जेवरात लूटकर सुनार के पास गिरवी रखने का जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर गिरवी रखे गए सभी गहने बरामद कर लिए हैं।
अस्पताल के 60 हजार के बिल की भरपाई के लिए वारदात
बालाघाट के पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी रूपेश मरकाम तिरोड़ी स्थित एक मॉल में दिहाड़ी मजदूर यानी डेली वेजेस वर्कर के तौर पर काम करता था। हाल ही में उसकी पत्नी की निजी अस्पताल में डिलिवरी हुई थी, जिसका कुल खर्चा 50 से 60 हजार रुपये के बीच आया था। रूपेश के पास अस्पताल के इस भारी बिल को चुकाने के लिए पैसे नहीं थे। अस्पताल के बकाए और कर्ज को चुकाने के दबाव में आकर उसने जल्द से जल्द ज्यादा पैसे जुटाने की साजिश रची और हत्या जैसा जघन्य कदम उठा लिया।
चोरी से शुरू हुआ जुर्म का सिलसिला
पुलिस की विस्तृत तफ्तीश में यह बात भी निकलकर सामने आई कि आरोपी ने हत्या की वारदात से पहले भी चोरी का प्रयास किया था। पैसों की सख्त जरूरत पूरी करने के लिए उसने बोनकट्टा गांव में एक सूने घर का ताला तोड़कर जेवरात की चोरी की थी। हालांकि, उस चोरी से उसकी जरूरत पूरी नहीं हो सकी, जिसके बाद उसने ग्राम हीरापुर में मवेशी चराने गई खेलनबाई तुरकर को अकेले देखकर हमला कर दिया। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई और पूछताछ के लिए उसकी रिमांड ली है।


















