राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के टपूकड़ा थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। नाखनोल गांव में एक युवक के घर पर जब पुलिस टीम साइबर जालसाजी के सिलसिले में पूछताछ करने पहुंची, उसी दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में युवक ने कथित रूप से फंदा लगा लिया। मौके पर मौजूद परिजनों और स्थानीय लोगों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए उसे फंदे से नीचे उतारा। इसके बाद युवक को तत्काल नजदीकी चिकित्सा केंद्र ले जाया गया, जहां उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए प्राथमिक डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उसे अलवर के बड़े अस्पताल में ट्रांसफर कर दिया।
बैंक खाते में साइबर अपराध से जुड़ी रकम का मामला
पीड़ित युवक की पहचान नाखनोल निवासी वारिश पुत्र हारूण के रूप में की गई है। शुरुआती जांच-पड़ताल और आधिकारिक सूचना के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई एक साइबर ठगी के प्रकरण से जुड़ी हुई है। बताया जा रहा है कि वारिश के बैंक खाते में साइबर धोखाधड़ी से ठगी गई रकम का हस्तांतरण हुआ था। आमतौर पर डिजिटल फ्रॉड करने वाले गिरोह आम नागरिकों के खातों का इस्तेमाल अवैध पैसों को घुमाने और निकालने के लिए करते हैं। इसी वित्तीय लेन-देन का सुराग खोजते हुए टपूकड़ा थाने की पुलिस टीम वारिश के निवास स्थान पर जांच-पड़ताल और बयान दर्ज करने पहुंची थी।
पुलिस की मौजूदगी में उठाया खौफनाक कदम
जिस समय टपूकड़ा थाना पुलिस घर में मौजूद थी और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही थी, उसी समय अचानक वारिश ने घर के भीतर ही फंदा लगा लिया। अचानक हुई इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, बिना समय गंवाए लोगों ने फौरन उसे नीचे उतारा और तुरंत टपूकड़ा के स्थानीय अस्पताल पहुंचाया। टपूकड़ा अस्पताल के डॉक्टरों ने मरीज का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन उसकी हालत अत्यधिक नाजुक और चिंताजनक पाई गई। इसके चलते डॉक्टरों ने बिना देरी किए उसे उच्च स्तरीय चिकित्सीय सुविधा के लिए अलवर रेफर कर दिया, जहां उसका उपचार जारी है।
दो अलग-अलग पहलुओं से जांच में जुटी पुलिस
टपूकड़ा थाना पुलिस अब इस पूरे मामले की बहुकोणीय जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि छानबीन के दो मुख्य बिंदु हैं। पहला पहलू यह पता लगाना है कि वारिश के बैंक खाते में वास्तव में किस साइबर अपराध से संबंधित पैसा आया था, वह राशि कितनी थी और क्या युवक की इस धोखाधड़ी में कोई प्रत्यक्ष भूमिका थी अथवा उसका खाता अनजाने में इस्तेमाल किया गया था। दूसरा पहलू यह जांचना है कि पुलिस की उपस्थिति के दौरान अचानक ऐसी कौन सी स्थिति उत्पन्न हुई या ऐसा क्या दबाव था जिसके कारण युवक ने फांसी लगाने जैसा आत्मघाती कदम उठाया। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम के हर तथ्य की गहनता से पड़ताल कर रही है।



















