मध्य प्रदेश के सतना जिले में मूसलाधार बारिश की वजह से नदियां और नाले विकराल रूप धारण कर चुके हैं। प्रशासनिक चेतावनियों और पुलिस की पाबंदियों को धता बताते हुए स्थानीय लोग अपनी जान जोखिम में डालते दिखाई दे रहे हैं। उफनती नदी के तेज बहाव में युवाओं के कूदने और प्रतिबंधित जर्जर पुल पर एक बच्चे के साइकिल चलाने की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था और जन जागरूकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उफनती सतना नदी में छलांग और तेज बहाव का जोखिम
सतना नदी का जलस्तर भारी बारिश के बाद तेजी से बढ़ा है और पानी का वेग बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। इस खतरनाक स्थिति के बावजूद कुछ नवयुवकों ने नदी के तेज बहाव के बीच पानी में छलांग लगा दी। घटना के सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि युवक पानी में कूदने के बाद धारा के साथ काफी दूर तक बहते चले गए। हालांकि इस दौरान कोई बड़ा हादसा होने से बच गया, लेकिन जलधारा में थोड़ी सी भी असावधानी जानलेवा साबित हो सकती थी। अगर कोई युवक नदी के भंवर या गहरे गड्ढे में फंस जाता, तो उसे सकुशल बाहर निकालना बेहद कठिन हो सकता था। इस दुस्साहसिक कृत्य का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस हरकत में आई है और फुटेज की मदद से युवकों की पहचान में जुट गई है।
माधवगढ़ नदी के जर्जर पुल पर सुरक्षा इंतजामों की अनदेखी
एक अन्य मामले में कोलगवां थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली माधवगढ़ नदी में उफान के कारण पुलिस प्रशासन को सख्त कदम उठाने पड़े थे। नदी का जलस्तर खतरे के निशान को छूने के कारण पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर पुल से आवाजाही पूरी तरह रोक दी थी। इसके बावजूद एक नाबालिग बच्चा सुरक्षा घेरे को पार करते हुए जर्जर पुल पर साइकिल चलाता हुआ नजर आया। जिस स्थान पर संभावित खतरे को देखते हुए आम लोगों की आवाजाही बंद की गई थी, वहां इस तरह किसी बच्चे का पहुंच जाना स्थानीय नागरिकों और सुरक्षा व्यवस्था दोनों के लिए चिंता का विषय है।
प्रशासन की अपीलों के बावजूद लापरवाही का सिलसिला
प्रशासनिक अधिकारी लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे बारिश के इस मौसम में नदी-नालों, रपटों और निचले जलभराव वाले इलाकों से पर्याप्त दूरी बनाकर रखें। विशेष रूप से तेज बहाव वाले पानी के करीब जाने या उसमें उतरने से सख्ती से बचने की हिदायत दी जा रही है। इसके बाद भी रोमांच हासिल करने या सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाने के उद्देश्य से लोग अपनी सुरक्षा को ताक पर रख रहे हैं। पुलिस अब दोनों मामलों में फुटेज के आधार पर जांच कर रही है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की बात कह रही है।
नदी-नालों के आसपास छोटी सी चूक बन सकती है जानलेवा
मानसून के दौरान नदी और नालों का व्यवहार अप्रत्याशित हो जाता है। देखने में शांत या कम पानी वाला हिस्सा भी पलक झपकते ही जलस्तर बढ़ने से विनाशकारी रूप ले सकता है। विशेषज्ञों और प्रशासन का मानना है कि ऐसे माहौल में फोटो-वीडियो खिंचवाने, खतरनाक स्टंट करने या बंद पुलों को पार करने की कोशिश करना सीधे तौर पर हादसे को न्योता देना है। सतना और माधवगढ़ नदी में सामने आई ये तस्वीरें यह साफ दर्शाती हैं कि लोग जोखिम की गंभीरता को नहीं समझ रहे हैं। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए नागरिकों को स्वयं जिम्मेदारी महसूस करनी होगी और बंद रपटों तथा उफनती नदियों से दूरी रखनी होगी।



















