हिमाचल प्रदेश का पहाड़ी जिला मंडी बुधवार को दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं से दहल उठा। इन हादसों में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पहली दुर्घटना मंडी शहर के पास पुलघ्राट इलाके में सुकेती खड्ड के पास घटी, जबकि दूसरी घटना करसोग क्षेत्र के माहूनाग के निकट दर्ज की गई। दुर्घटनाओं की खबर मिलते ही प्रशासनिक अमला और पुलिस टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं तथा स्थानीय लोगों की सहायता से राहत कार्य शुरू किया गया।
सुकेती खड्ड में गिरी कार, मंडी के युवक की मौत
पहला बड़ा हादसा मंडी शहर के अंतर्गत आने वाले पुलघ्राट के समीप पेश आया। यहाँ एक अनियंत्रित कार अचानक गहरी सुकेती खड्ड में जा गिरी। वाहन के खड्ड में गिरते ही तेज धमाके जैसी आवाज हुई, जिसे सुनकर आसपास मौजूद स्थानीय नागरिक तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। लोगों ने बिना समय गंवाए राहत अभियान चलाया और क्षतिग्रस्त कार के अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकालने का प्रयास किया। इस दुर्घटना में मंडी के एक युवक की जान चली गई, जबकि कार में सवार तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उनका इलाज जारी है।
करसोग में अनियंत्रित होकर पलटी कार, एक की जान गई
दूसरी दुखद घटना बुधवार सुबह करसोग उपमंडल के माहूनाग क्षेत्र के पास घटी। जानकारी के अनुसार, एक तेज रफ्तार कार अचानक अपना संतुलन खो बैठी और मुख्य सड़क पर ही पलट गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। वाहन दुर्घटनाग्रस्त होते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और कार में फंसे घायलों को बड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। हादसे में मोहन सिंह मेहरन की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, कार में सवार विनीत और चुड़ामणी बुरी तरह घायल हो गए। दोनों घायलों को एम्बुलेंस के माध्यम से नजदीकी अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ चिकित्सकों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है।
पुलिस ने शुरू की हादसे के कारणों की जाँच
हादसों की सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें दोनों घटनास्थल पर पहुँचीं और स्थिति का जायजा लिया। करसोग के उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) चांद किशोर ने दुर्घटना की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि करसोग हादसे में एक व्यक्ति की जान गई है और दो लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के सटीक कारणों की गहन जाँच शुरू कर दी है। इसके साथ ही, अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या हादसे किसी तकनीकी खराबी, तेज रफ्तार या सड़क की खराब स्थिति के कारण हुए।





















