मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ठगी के अजीबोगरीब और हैरान करने वाले मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा घटनाक्रम एमपी नगर थाना क्षेत्र का है, जहां खुद को आईपीएस अधिकारी और आयकर विभाग की खुफिया इकाई का नुमाइंदा बताकर बेरोजगार युवाओं को ठगने वाले एक शातिर को पुलिस ने धर दबोचा है। नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठने के इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अब उससे पूछताछ की जा रही है।
फर्जी अधिकारी बनकर ऐसे दिया झांसा
पकड़े गए आरोपी की पहचान ऋषि कुमार यादव के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के शक्ति नगर, बीएचईएल का रहने वाला है। फिलहाल वह भोपाल के एमपी नगर जोन-2 स्थित मीरा कॉम्पलेक्स में रह रहा था। आरोपी लोगों पर अपना प्रभाव जमाने के लिए खुद को कभी आईपीएस अधिकारी तो कभी आयकर विभाग में डेपुटेशन पर तैनात खुफिया टीम का बड़ा अधिकारी बताता था। इसी फर्जी रसूख का इस्तेमाल करके उसने एक नौकरी चाहने वाले व्यक्ति को अपने जाल में फंसाया और सरकारी नौकरी लगवाने का लालच देकर उससे 7 से 8 लाख रुपये वसूल लिए।
शिकायत मिलने पर हरकत में आई पुलिस
जब तय समय बीतने के बाद भी पीड़ित को नौकरी नहीं मिली और आरोपी टालमटोल करने लगा, तब उसे अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद 29 अगस्त को पीड़ित ने थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। आवेदन मिलते ही एमपी नगर पुलिस हरकत में आई और मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन मुकदमा दर्ज कर जांच का दायरा बढ़ा दिया। पुलिस अधिकारियों ने आरोपी की धरपकड़ के लिए एक विशेष टीम का गठन किया था।
मीरा कॉम्पलेक्स से हुई गिरफ्तारी
गठित टीम ने तकनीकी और मैदानी सुरागों के आधार पर आरोपी के छिपने के ठिकाने का पता लगाया। इसके बाद एमपी नगर जोन-2 स्थित मीरा कॉम्पलेक्स में दबिश देकर पुलिस ने ऋषि कुमार यादव को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत कस्टडी में लिया गया है। पुलिस अब इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि इस शातिर ने और कितने लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है तथा वसूली गई रकम का इस्तेमाल कहां किया गया।
पुलिस प्रशासन की आम जनता से अपील
इस पूरे मामले पर एडिशनल डीसीपी अनिल शर्मा ने मीडिया को जानकारी दी कि पीड़ित की लिखित शिकायत के आधार पर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे ठगी गई रकम भी बरामद कर ली गई है। पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों के नाम एक जरूरी चेतावनी जारी करते हुए अपील की है कि लोग इस तरह के फर्जी, भ्रामक और तथाकथित आईएएस या आईपीएस अधिकारियों के झांसे में बिल्कुल न आएं। यदि उनके आसपास ऐसा कोई संदिग्ध व्यक्ति खुद को अधिकारी बताकर प्रभाव जमाने की कोशिश करे या अवैध मांग करे, तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दें ताकि समय रहते ऐसे जालसाजों पर कानूनी शिकंजा कसा जा सके।





















