मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में मिलावटखोरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए पुलिस और खाद्य विभाग ने नकली दूध और घी बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। मध्य प्रदेश के इस इलाके में अवैध रूप से चल रहे इस कारोबार की भनक लगते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया और तुरंत संयुक्त छापामार कार्रवाई की गई। इस अवैध कारोबार का खुलासा मंदसौर के सुवासरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खेजड़िया बूप गांव में हुआ, जहां एक ग्रामीण के घर के बाड़े में चुपचाप यह खेल चल रहा था। रविवार की दोपहर को जब पुलिस और खाद्य विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से इस ठिकाने पर दबिश दी, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए।
छह घंटे तक चली कार्रवाई और भारी जब्ती
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों को मौके पर तैनात किया गया था जो छह घंटे से अधिक समय तक लगातार चली। इस लंबी कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने पाया कि फैक्ट्री के भीतर खतरनाक तरीके से पाम ऑयल और मिल्क पावडर का इस्तेमाल करके भारी मात्रा में नकली दूध और देशी घी का निर्माण किया जा रहा था। प्रशासनिक टीम ने मौके पर ही पंचनामा तैयार किया और उपयोग में लाए जा रहे उपकरणों तथा सामग्रियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की। जब्ती के इतने बड़े सामान को थाने तक ले जाने के लिए विशेष रूप से सुवासरा से ट्रैक्टर-ट्रॉली और पिकअप वाहनों को गांव में मंगवाया गया, जिनकी मदद से सारा सामान शाम तक थाने पहुंचाया गया।
मौके से फरार हुआ मुख्य आरोपी पीरू सिंह
जैसे ही पुलिस बल और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने खेजड़िया बूप गांव में स्थित उस बाड़े पर धावा बोला, वहां अवैध फैक्ट्री का संचालन कर रहा मुख्य आरोपी पुलिस की भनक लगते ही मौके से भाग निकला। इस भगोड़े आरोपी की पहचान पीरू सिंह पिता रामसिंह के रूप में हुई है, जो उसी गांव का स्थानीय निवासी बताया जा रहा है। पुलिस ने आरोपी पीरू सिंह के खिलाफ औपचारिक तौर पर मामला दर्ज कर लिया है और उसकी सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है ताकि इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य पहलुओं का भी पता लगाया जा सके। सुवासरा से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित इस स्थान पर चल रहे इस कारखाने के पकड़े जाने के बाद से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।
फैक्ट्री सील और नमूनों की जांच
कार्रवाई के दौरान खाद्य विभाग के अधिकारियों ने मौके से संदिग्ध दूध और घी के आधिकारिक नमूने ले लिए हैं जिन्हें परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। इसके साथ ही प्रशासन ने इस अवैध निर्माण इकाई को पूरी तरह से सील कर दिया है ताकि आगे कोई अवैध गतिविधि यहां संचालित न हो सके। इस पूरी छापामार कार्रवाई के तहत कुल 85 मिल्क के डिब्बे, 10 डिब्बे पाम ऑयल के और 112 खाली डिब्बे बरामद किए गए हैं। इस बड़ी सफलता के बाद जिले के अन्य हिस्सों में भी खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है और कई अन्य डेयरियों व दुकानों का निरीक्षण करके साफ-सफाई रखने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।



















