सागर विश्वविद्यालय में बीटेक अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहे एक 21 साल के छात्र ने साइबर अपराधियों की धमकियों से तंग आकर बीना के एक लॉज में फांसी लगाकर जान दे दी। अशोकनगर जिले के औडेर गांव के रहने वाले अमन प्रजापति की मौत के बाद जब पुलिस ने उसका मोबाइल खंगाला, तो एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा हुआ।
पाकिस्तानी नंबरों से आ रहे थे धमकी भरे मैसेज
अमन के फोन की शुरुआती जांच में +92 कंट्री कोड वाले नंबरों से लगातार धमकी भरे मैसेज मिलने की बात सामने आई है। आरोपी खुद को 'क्विक फंड' नाम की किसी स्कीम से जोड़कर रुपयों की मांग कर रहे थे। चैट के स्क्रीनशॉट में साफ दिख रहा है कि छात्र पर पैसे चुकाने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। सबसे डरावनी बात यह रही कि आरोपियों ने अमन को धमकी दी थी कि अगर उसने पैसे नहीं दिए, तो वे उसके परिवार की तस्वीरों को एडिट कर अश्लील बनाएंगे और उन्हें वायरल कर देंगे।
घर में बज रही थी शहनाई, भाई की शादी 7 जुलाई को थी
अमन अपने चार भाइयों में सबसे छोटा था। उसके बड़े भाई प्रियातेश प्रजापति की शादी 7 जुलाई को तय थी और पूरा परिवार इस उत्सव की तैयारियों में जुटा था। लेकिन 2 जुलाई को अमन बिना किसी को बताए घर से निकल गया। जब वह वापस नहीं लौटा, तो घरवालों ने उसकी तलाश शुरू की और गोपालगंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई।
सुबह ट्रेन पकड़नी थी, कमरा मिला अंदर से बंद
लक्ष्मी लॉज के संचालक राजू सोनकर के मुताबिक अमन ने शुक्रवार शाम कमरा नंबर 103 बुक कराया था। उसने स्टाफ से कहा था कि उसे सुबह जल्दी जगा दिया जाए क्योंकि उसे प्रयागराज जाने वाली ट्रेन पकड़नी है। लेकिन जब सुबह कर्मचारी उसे जगाने पहुंचा, तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। खिड़की से झांकने पर अमन का शव फंदे से लटका नजर आया।
पुलिस जांच रही पाकिस्तानी नंबरों और लोन एजेंट्स का नेटवर्क
छोटी बजरिया पुलिस ने बताया कि मृतक छात्र का मोबाइल जब्त कर लिया गया है। फोन लॉक होने की वजह से उसे तकनीकी जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस अब उन पाकिस्तानी नंबरों और डिजिटल लोन एजेंट्स के पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है, जिन्होंने कथित तौर पर छात्र को हफ्तों तक मानसिक रूप से प्रताड़ित किया था।













