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बेटी की चिता की राख लेकर 1000 किलोमीटर चल Jabalpur थाने पहुंची मां, दामाद पर हत्या का आरोपमध्य प्रदेश
5 जुल॰ 2026, 7:02 pm (45 दिन पहले)· 3

बेटी की चिता की राख लेकर 1000 किलोमीटर चल Jabalpur थाने पहुंची मां, दामाद पर हत्या का आरोप

जबलपुर SP कार्यालय में रविवार को बुजुर्ग मां लक्ष्मी नामदेव अपनी बेटी पिंकी नामदेव की अस्थियां लेकर पहुंचीं और आरोप लगाया कि गुजरात के वलसाड में दामाद महेंद्र नामदेव ने उसे ट्रेन के आगे धक्का देकर मार डाला।

जबलपुर के एसपी दफ्तर में रविवार को एक ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने वहां मौजूद हर किसी को भावुक कर दिया। बुजुर्ग महिला लक्ष्मी नामदेव अपनी बेटी की अस्थियों की पोटली लेकर दफ्तर पहुंचीं और रोते हुए इंसाफ मांगने लगीं। उनका कहना था कि बेटी की मौत हादसा नहीं बल्कि दामाद की सोची-समझी साजिश का नतीजा है।

प्रेम विवाह से शुरू हुई कहानी

जबलपुर के गांव पौड़ा में रहने वाली पिंकी नामदेव ने साल 2014 में कटनी निवासी महेंद्र नामदेव से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दंपती को दो बच्चे हुए और परिवार खुशी-खुशी जीवन बिता रहा था। बेहतर भविष्य और रोजी-रोटी की तलाश में यह परिवार 2018 में गुजरात के वलसाड शिफ्ट हो गया। वहां पहुंचने के बाद महेंद्र को शराब की लत लग गई और धीरे-धीरे वह पिंकी और बच्चों के साथ मारपीट करने लगा। नशे में होने वाला यह अत्याचार वक्त के साथ बढ़ता ही गया।

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5 जून की मारपीट और जबलपुर वापसी

लक्ष्मी नामदेव के मुताबिक 5 जून को महेंद्र ने पिंकी के साथ बेहद बुरी तरह मारपीट की। इस घटना से डरकर पिंकी अपने दोनों बच्चों को लेकर वलसाड छोड़कर जबलपुर आ गई। कुछ दिन बाद महेंद्र भी जबलपुर पहुंचा, माफी मांगी और पिंकी को मनाकर वापस वलसाड ले गया। हालांकि पिंकी के मन से पति का डर और अविश्वास नहीं गया था, इसलिए उसने पति के साथ रहने की बजाय वलसाड में ही एक अलग किराए के मकान में रहना शुरू कर दिया। साथ ही वह अपने पैरों पर खड़ी होने के लिए एक कंपनी में नौकरी भी करने लगी।

30 जून की वो शाम, जब जान चली गई

लक्ष्मी नामदेव का आरोप है कि 30 जून की शाम जब पिंकी अपनी ड्यूटी पूरी कर कंपनी से बाहर निकली, तो महेंद्र वहां पहले से घात लगाए खड़ा था। आरोप के मुताबिक उसने वहीं पिंकी के साथ मारपीट शुरू कर दी और फिर उसे जबरन घसीटते हुए पास के रेलवे ट्रैक की ओर ले गया। वहां उसने पिंकी को सामने से आ रही ट्रेन के आगे धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मां का कहना है कि इस पूरी वारदात के बाद महेंद्र ने खुद ही फोन करके परिवार को पिंकी की मौत की सूचना दी थी।

2 जुलाई का अंतिम संस्कार और मां का डर

2 जुलाई को वलसाड में ही पिंकी का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इसके बाद लक्ष्मी नामदेव को डर सताने लगा कि दामाद और उसके परिजन बेटी की अस्थियां छीन सकते हैं। इतना ही नहीं, महेंद्र दोनों मासूम बच्चों को भी जान से मारने की धमकी दे रहा था। इसी खौफ के चलते लक्ष्मी ने बेटी की अस्थियां और दोनों बच्चों को साथ लेकर करीब 1000 किलोमीटर का लंबा सफर तय किया और सीधे जबलपुर पुलिस के पास पहुंचकर सुरक्षा और इंसाफ की गुहार लगाई।

पुलिस ने क्या कहा?

जबलपुर पुलिस ने बुजुर्ग मां की शिकायत को गंभीरता से लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले को लेकर गुजरात पुलिस से संपर्क किया जा रहा है ताकि पूरे घटनाक्रम की सही जानकारी मिल सके। अधिकारियों ने साफ किया है कि जांच के दौरान अगर हत्या या किसी भी तरह के अपराध के सबूत मिलते हैं, तो आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सवाल-जवाब

जबलपुर SP दफ्तर में लक्ष्मी नामदेव क्यों पहुंचीं?
वह अपनी बेटी पिंकी नामदेव की अस्थियां लेकर दफ्तर पहुंचीं और आरोप लगाया कि उसकी मौत हादसा नहीं बल्कि दामाद महेंद्र नामदेव द्वारा की गई हत्या है।
पिंकी नामदेव और महेंद्र नामदेव की शादी कब हुई थी?
दोनों ने साल 2014 में प्रेम विवाह किया था और उनके दो बच्चे हैं।
परिवार गुजरात कब और क्यों गया था?
बेहतर भविष्य की तलाश में परिवार 2018 में गुजरात के वलसाड शिफ्ट हुआ था।
5 जून को क्या हुआ था?
मां के मुताबिक महेंद्र ने पिंकी के साथ बेहद बुरी तरह मारपीट की, जिसके बाद पिंकी बच्चों को लेकर जबलपुर आ गई थी।
30 जून को क्या हुआ था?
मां के आरोप के अनुसार महेंद्र ने कंपनी से निकलते ही पिंकी के साथ मारपीट की और उसे रेलवे ट्रैक पर ले जाकर आती हुई ट्रेन के आगे धक्का दे दिया।
पिंकी का अंतिम संस्कार कब और कहां हुआ?
उनका अंतिम संस्कार 2 जुलाई को गुजरात के वलसाड में किया गया।
लक्ष्मी नामदेव जबलपुर तक 1000 किलोमीटर का सफर क्यों तय करके आईं?
उन्हें डर था कि दामाद और उसके परिजन बेटी की अस्थियां छीन सकते हैं और वह बच्चों को भी जान से मारने की धमकी दे रहा था, इसी वजह से वह अस्थियां और बच्चों को लेकर पुलिस की शरण में पहुंचीं।
पुलिस ने इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की है?
जबलपुर पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए गुजरात पुलिस से संपर्क किया है और सबूत मिलने पर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की बात कही है।
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