पुणे से सटे कात्रज इलाके में सोमवार रात एक 17 साल के लड़के को सरेराह घेरकर धारदार हथियारों से हमला किया गया, जिसमें उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान कात्रज गांव निवासी गणेश रविंद्र माळवे के रूप में हुई है, जो अपने एक दोस्त के साथ मोबाइल फोन ठीक कराने के लिए घर से निकला था।
तीन महीने पुरानी रंजिश बनी वजह
पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता गणेश रामदास चव्हाण मृतक का करीबी दोस्त है। उसने बताया कि करीब तीन महीने पहले आरोपी आकाश गायकवाड की बहन और मृतक गणेश के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। इसी विवाद से नाराज होकर आकाश ने गणेश को जान से मारने की धमकी दी थी। शिकायतकर्ता का कहना है कि यही पुरानी दुश्मनी सोमवार रात हुए हमले की जड़ बनी।
सड़क पर घेरकर किया हमला
घटना वाली रात गणेश और उसका दोस्त कात्रज कट्टा इलाके में मोबाइल लेने पहुंचे थे। इसी दौरान दो बाइकों पर सवार होकर आए सात युवकों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया। खतरा भांपकर गणेश भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन आरोपी उसका पीछा करते हुए उसे पकड़ने में कामयाब हो गए। शिकायत के अनुसार हमलावरों ने उसके सिर, चेहरे और दोनों हाथों पर कोयते और लोहे के हथियारों से एक के बाद एक वार किए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सड़क पर खून से लथपथ अवस्था में गिरने के बावजूद हमलावरों ने वार करना बंद नहीं किया। गंभीर हालत में उसे तुरंत भारती अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान चिकित्सकों ने उसे मृत करार दे दिया। इस वारदात की खबर फैलते ही पूरे कात्रज इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
भीगते हुए आरोपियों को घुमाया गया इलाके में
वारदात के तुरंत बाद हरकत में आई भारती विद्यापीठ पुलिस ने चार आरोपियों को पकड़कर पूछताछ शुरू की। इनमें से तीन को पुलिस ने भारी बारिश के बीच वाहन के पीछे बांधकर पूरे इलाके में घुमाया। इस नजारे को देखने के लिए सड़क किनारे लोगों की भीड़ जुट गई। मृतक के परिजन इस दौरान फूट-फूटकर रोते नजर आए और उन्होंने बार-बार मांग की कि आरोपियों के चेहरे सबके सामने दिखाए जाएं ताकि पूरा इलाका उन्हें पहचान सके।
सातों आरोपी नाबालिग, हत्या का केस दर्ज
भारती विद्यापीठ थाने में इस मामले में सात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि सभी सातों आरोपी उम्र में नाबालिग हैं और पुरानी रंजिश के चलते ही उन्होंने धारदार हथियारों से यह हमला किया। सहायक पुलिस निरीक्षक गणेश मोहिते इस केस की जांच का जिम्मा संभाल रहे हैं। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के साथ ही आर्म्स एक्ट और महाराष्ट्र पुलिस एक्ट की भी संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस आगे की जांच में जुटी है।
नागपुर में भी कुछ दिन पहले हुई थी ऐसी ही कार्रवाई
गौरतलब है कि इससे पहले नागपुर में भी लूटपाट के दौरान एक ऑटो रिक्शा चालक की जान लेने वाले आरोपियों को पुलिस ने खुलेआम परेड कराई थी। ऐसी सख्ती से पुलिस अपराधियों में डर पैदा करने और आम लोगों को सुरक्षा का भरोसा देने की कोशिश करती दिख रही है।



















