महाराष्ट्र के वाशिम जिले के अंतर्गत आने वाले मालेगांव तालुका स्थित गोकसावंगी इलाके में एक बेहद दुखद और रहस्यमयी घटना सामने आई है। स्थानीय ऊर्ध्व मोर्णा तालाब के पानी में तैरते हुए दो लोगों के शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृत पाए गए लोगों की पहचान 26 साल के महादेव निंबालकर और 19 साल की निकीता कांबले के तौर पर की गई है। यह दोनों ही गोकसावंगी गांव के निवासी थे और पिछले कुछ दिनों से अचानक अपने घरों से गायब थे। पानी में शव दिखाई देने की खबर जंगल में आग की तरह फैली, जिसके बाद गांव और आसपास के इलाकों में भारी तनाव और शोक का माहौल बन गया।
गुमशुदगी की शिकायत और तलाश का दौर
मामले की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो महादेव निंबालकर और निकीता कांबले 14 अगस्त को अचानक अपने-अपने घरों से गायब हो गए थे। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी दोनों वापस नहीं लौटे, तो उनके परिजनों की चिंता बढ़ने लगी। परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और गांव के परिचितों ने मिलकर आसपास के सभी संभावित स्थानों, खेतों और सड़कों पर उनकी तलाश शुरू की। हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद दोनों का कोई पता नहीं चल सका। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, परिजनों ने 15 अगस्त को मालेगांव पुलिस थाने पहुंचकर आधिकारिक रूप से दोनों की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की कागजी कार्रवाई शुरू की थी।
मछुआरों की नजर और पुलिस का एक्शन
गुमशुदगी दर्ज होने के बाद भी दोनों का कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। इसी दौरान गोकसावंगी शिवार में स्थित ऊर्ध्व मोर्णा जलाशय के पास कुछ स्थानीय युवक मछली पकड़ने के इरादे से पहुंचे थे। जब वे तालाब के किनारे पानी में अपनी गतिविधियों में लगे थे, तभी अचानक उनकी नजर जलाशय के गहरे पानी में तैर रहे दो मानव शवों पर पड़ी। इस भयावह दृश्य को देखते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और युवकों ने तुरंत गांव के लोगों व मालेगांव पुलिस को इस घटना की सूचना दी। जानकारी मिलते ही पुलिस की एक विशेष टीम घटनास्थल पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों शवों को पानी से बाहर निकलवाया, जहां उनकी शिनाख्त महादेव और निकीता के रूप में हुई।
हत्या या आत्महत्या? पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी नजरें
शवों की बरामदगी की खबर मिलते ही मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया। दोनों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल इस बात का खुलासा नहीं हो सका है कि दोनों की मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस प्रशासन इस पूरी घटना को बेहद गंभीरता से ले रहा है। मालेगांव पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों ही संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर हर एंगल से जांच आगे बढ़ा रही है। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि 14 अगस्त को गायब होने के बाद दोनों कहां-कहां गए थे और वे जलाशय तक किस प्रकार पहुंचे। पुलिस का कहना है कि मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगा।
हालिया घटनाओं से उठते सवाल
गौरतलब है कि हाल ही में देश के अन्य हिस्सों से भी इस तरह के संदेहास्पद मामले सामने आए हैं। कुछ समय पहले दिल्ली के बुराड़ी इलाके में भी एक किराए के मकान के बंद कमरे से युवक और युवती के खून से लथपथ शव बरामद किए गए थे। उस मामले में 26 वर्षीय युवक और 22 वर्षीय युवती कमरे के अंदर मृत पाए गए थे, जो लगभग एक महीने से वहां किराए पर रह रहे थे। दिल्ली वाली घटना में पुलिस को मौके से एक पिस्टल भी मिली थी और मामले का खुलासा तब हुआ था जब युवक की बहन मकान पर पहुंची और दरवाजा अंदर से बंद पाया था। वाशिम की इस ताजा घटना ने एक बार फिर ऐसे मामलों में सुरक्षा और पुलिस जांच की गहराई पर ध्यान केंद्रित कर दिया है, जहां मालेगांव पुलिस पूरी मुस्तैदी से सुराग जुटाने में लगी है।





















