मुंबई के कोलाबा इलाके में स्थित नेवी नगर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां नौसेना के एक जवान ने अपनी पत्नी और दो मासूम बेटों की जान लेने के बाद खुद भी फंदे से लटककर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस सनसनीखेज मामले की जांच के दौरान पुलिस के सामने कई चौंकाने वाले तथ्य आए हैं, जिनसे पता चलता है कि यह खौफनाक वारदात कितनी बेरहमी से प्लान की गई थी। शुरुआती जांच के आधार पर यह साफ हुआ है कि आरोपी जवान पूरनमल मेहरा ने अपने परिवार के सदस्यों को अलग-अलग तरीकों से मौत के घाट उतारा था। इस पूरी घटना के प्रकाश में आने के बाद से स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
अलग-अलग तरीकों से दिया गया वारदात को अंजाम
सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलता है कि पूरनमल मेहरा ने अपनी पत्नी और दो महीने के छोटे बेटे को तकिए से मुंह दबाकर मौत के नींद सुला दिया था। इसके विपरीत, उसके बड़े बेटे को जहर दिए जाने की बात सामने आ रही है। प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट्स में पत्नी ओमा और दोनों बच्चों की मौत की वजह हत्या ही बताई गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मास्टर बेडरूम के अंदर इस खूनी खेल को अंजाम दिया गया, जहां जवान ने तकिए की मदद से अपनी पत्नी ओमा और दो महीने के शिशु दर्श का दम घोंटा। वहीं, बड़े बेटे यश की मौत खाने में कोई जहरीला पदार्थ मिलाए जाने की आशंका के आधार पर जांची जा रही है।
जांच एजेंसियों को फोरेंसिक और टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस इस गुत्थी को सुलझाने के लिए केमिकल एनालिसिस और टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट के आने का बेसब्री से इंतजार कर रही है, जिससे यह पुख्ता तौर पर साफ हो सके कि बड़े बेटे को कौन-सा जहर या जहरीला पदार्थ दिया गया था। इसके साथ ही, पुलिस ने इस मामले में हत्या का केस दर्ज करने की पूरी तैयारी कर ली है। अब तक की तफ्तीश में यह बात भी सामने आई है कि आरोपी जवान पूरनमल मेहरा का किसी चिकित्सीय समस्या के चलते इलाज भी चल रहा था, जिसे लेकर पुलिस हर एंगल से अपनी जांच आगे बढ़ा रही है।
पिता को भेजा था खौफनाक व्हाट्सएप संदेश
जांच के दौरान पुलिस के हाथ एक बेहद अहम और डरावना डिजिटल सबूत लगा है। नौसैनिक पूरनमल मेहरा ने 14 अगस्त की रात करीब 11 बजे अपने पिता के व्हाट्सएप नंबर पर एक संदेश भेजा था, जिसमें लिखा था कि आकर हमारे ठीक शव ले जाओ। इस संदेश के ठीक अगले दिन ही घर के भीतर से चारों लोगों के शव बरामद किए गए थे। पुलिस अब इस मामले में तकनीकी साक्ष्य जुटाने के लिए मोबाइल फोन को खंगाल रही है, जिसमें फोन के फॉर्मेट किए जाने और डिलीट किए गए डेटा की भी तकनीकी जांच की जा रही है ताकि आत्महत्या और हत्या के असली कारणों तक पहुंचा जा सके।
तनाव और पारिवारिक कलह की आशंका
इस पूरे मामले में पुलिस ने अभी तक कुल आठ लोगों के बयान दर्ज किए हैं। शुरुआती पड़ताल में पारिवारिक, आर्थिक और वैवाहिक तनाव के संकेत मिले हैं, जिनकी वजह से इस तरह का चरम कदम उठाए जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, असल वजह क्या थी, यह पूरी फोरेंसिक और टेक्निकल जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। कफ परेड पुलिस थाने के रिकॉर्ड के अनुसार, मृतक की पहचान 30 वर्षीय पूरनमल शंभूलाल मेहरा के रूप में हुई है, जो घर के अंदर फांसी के फंदे पर लटके हुए पाए गए थे।
अस्पताल में हुआ था चारों शवों का पोस्टमार्टम
घटना के समय पूरनमल मेहरा की 28 वर्षीय पत्नी ओमा पूरनमल मेहरा, उनका 3 साल का बड़ा बेटा यश पूरनमल मेहरा और 2 महीने का छोटा बेटा बिस्तर पर मृत अवस्था में मिले थे। इन सभी के शवों को तुरंत मुंबई के जे.जे. अस्पताल में भेजा गया था, जहां डॉक्टरों के पैनल द्वारा उनका पोस्टमार्टम किया गया। पुलिस अब पोस्टमार्टम, टॉक्सिकोलॉजी और अन्य फोरेंसिक रिपोर्ट्स के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई को अंतिम रूप दे रही है ताकि इस पूरे मामले की हर एक कड़ी को ठीक तरह से जोड़ा जा सके।



















