महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले की पन्हाला तहसील अंतर्गत सातवे गांव में चोरी का एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां 19 साल के एक युवक ने अपने ही चाचा के घर से 15 तोले सोने के जेवरात चुरा लिए। इस चोरी के पैसे से आरोपी ने एक नई महिंद्रा थार गाड़ी खरीदी। इसके बाद उसने जिस चाचा के घर चोरी की थी, उन्हें ही गाड़ी की पूजा के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित कर दिया। इसी निमंत्रण के दौरान पूरा मामला बेनकाब हो गया। कोडोली पुलिस ने आरोपी भतीजे और चोरी का सोना खरीदने वाले सर्राफा व्यापारी को गिरफ्तार कर लिया है।
सोने की चोरी और जेवरों की बिक्री
पुलिस के अनुसार, सातवे गांव निवासी 19 वर्षीय समर पोपट चव्हाण का घर उसके चचेरे चाचा उमेश मारुती चव्हाण के घर के ठीक बगल में स्थित है। लगभग एक महीने पहले समर को मौका मिला और उसने उमेश के घर में घुसकर अलमारी में रखे 15 तोले सोने के गहनों पर हाथ साफ कर दिया। गहने चुराने के बाद उसने पैसों का इंतजाम करने के लिए अपने ही गांव के एक सुनार संग्राम बाबासो मोरे से संपर्क किया। सुनार संग्राम मोरे ने चोरी के 15 तोले सोने के जेवर 10 लाख रुपये नकद में खरीद लिए।
महिंद्रा थार की खरीदारी और पूजा में चाचा को बुलावा
गहने बेचकर मिले 10 लाख रुपये हाथ में आते ही समर चव्हाण ने बिना समय गंवाए सीधे एक नई महिंद्रा थार कार खरीद ली। गाड़ी घर लाने के बाद उसने पूरे रीति-रिवाज के साथ वाहन की पूजा का आयोजन किया। समर ने खुशी का ढोंग करते हुए अपने उसी चचेरे चाचा उमेश चव्हाण को महिंद्रा थार की पूजा में शामिल होने के लिए खास तौर पर न्योता दिया, जिनके घर से उसने सोना चुराया था।
पूजा की तैयारी के दौरान खुली चोरी की पोल
भतीजे की नई गाड़ी की पूजा में जाने के लिए जब उमेश चव्हाण तैयार होने लगे, तो उन्होंने पहनने के लिए अलमारी से अपने गहने निकालने चाहे। अलमारी खोलते ही उनके होश उड़ गए क्योंकि उनके और उनकी पत्नी के 15 तोले सोने के जेवरात गायब थे।
जांच करने पर उमेश चव्हाण को अलमारी में एक अजीब बात नजर आई। गायब हुए गहनों के ठीक पास में ही रखी उनकी मां (दादी) के जेवर पूरी तरह सुरक्षित थे। केवल उमेश और उनकी पत्नी के गहने ही गायब हुए थे। इससे परिवार का शक पक्का हो गया कि चोरी में किसी बाहरी गिरोह का हाथ नहीं है, बल्कि यह काम घर के ही किसी करीबी व्यक्ति का है जो गहनों की सही जगह से अच्छी तरह वाकिफ था।
पुलिस की तफ्तीश और आरोपियों की गिरफ्तारी
गहने चोरी होने का अहसास होते ही उमेश चव्हाण तुरंत कोडोली पुलिस थाने पहुंचे और चोरी की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की छानबीन शुरू की। जांच के दौरान पुलिस का ध्यान समर चव्हाण पर गया, जिसके पास अचानक भारी मात्रा में नकद रकम आ गई थी और उसने हाल ही में महंगी महिंद्रा थार कार खरीदी थी।
संदेह के आधार पर पुलिस ने समर को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ शुरू की। पुलिस की सख्ती के आगे 19 वर्षीय समर ज्यादा देर टिक नहीं सका और उसने अपने चाचा उमेश के घर से 15 तोले सोना चुराने की बात स्वीकार कर ली। उसने पुलिस को यह भी बताया कि उसने यह सोना गांव के ही सुनार संग्राम मोरे को 10 लाख रुपये में बेचा था।
स्वीकारोक्ति के आधार पर कोडोली पुलिस ने मुख्य आरोपी समर पोपट चव्हाण को गिरफ्तार कर लिया और चोरी के गहने खरीदने के आरोप में सुनार संग्राम बाबासो मोरे को भी हिरासत में ले लिया। यह पूरी पुलिस कार्रवाई प्रशिक्षार्थी पुलिस उपाधीक्षक (DySP) श्रीकांत ठिकणे के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। कार्रवाई में पुलिस हवलदार युवराज पाटील, बाबासो कीटे, तथा पुलिस कॉन्स्टेबल महेश कदम, अमोल चव्हाण और महेश शिंदे की टीम शामिल थी। चाचा के घर चोरी कर उन्हें ही पूजा में बुलाने की इस घटना की चर्चा अब पूरे सातवे इलाके में जोरों पर है।























