दलाल स्ट्रीट पर शुक्रवार का कारोबारी सत्र स्विगी के शेयरधारकों के लिए भारी बिकवाली लेकर आया। दूसरी तिमाही के वित्तीय आंकड़े सामने आने के बाद निवेशकों की ओर से आक्रामक बिकवाली देखने को मिली। कारोबार के दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर कंपनी का शेयर 17.23 प्रतिशत तक लुढ़ककर 174.90 रुपये के अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर तक चला गया। दिन के अंत में यह स्टॉक पिछले बंद भाव 211.40 रुपये के मुकाबले लगभग 16 प्रतिशत गिरकर 176 रुपये पर बंद हुआ। तिमाही परिणाम घोषित होने से पहले गुरुवार को भी शेयर में पांच प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई थी। बाजार की इस तीव्र प्रतिक्रिया के पीछे मुख्य वजह कंपनी के क्विक कॉमर्स कारोबार इंस्टामार्ट के घाटे में आई बढ़ोतरी को माना जा रहा है।
सालाना राजस्व में बढ़त लेकिन तिमाही आधार पर बढ़ा घाटा
कंपनी के प्रमुख वित्तीय आंकड़ों को देखने पर स्थिति उतनी खराब नहीं लगती जितनी बाजार की प्रतिक्रिया से नजर आती है। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंपनी का परिचालन राजस्व सालाना आधार पर 36.1 प्रतिशत बढ़कर 7,571 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसके साथ ही समेकित शुद्ध घाटा भी पिछले साल की समान अवधि के 1,092 करोड़ रुपये से घटकर 922 करोड़ रुपये रह गया। सालाना आधार पर इन सुधारों के बावजूद क्रमिक यानी तिमाही दर तिमाही आंकड़े निवेशकों को निराश करने वाले रहे।
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का शुद्ध घाटा 791 करोड़ रुपये था, जो दूसरी तिमाही में बढ़कर 922 करोड़ रुपये हो गया। इसके अलावा समायोजित एबिटा घाटा भी पिछली तिमाही के लगभग 650 करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 760 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस अवधि में समायोजित एबिटा मार्जिन भी नकारात्मक 9.2 प्रतिशत से फिसलकर नकारात्मक 9.6 प्रतिशत पर आ गया। इन्ही क्रमिक आंकड़ों ने बाजार में घबराहट पैदा कर दी।
क्विक कॉमर्स में इंस्टामार्ट का नेटवर्क बढ़ा लेकिन दबाव जारी
स्विगी के क्विक कॉमर्स वर्टिकल इंस्टामार्ट का ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू सालाना आधार पर 31.4 प्रतिशत की बढ़त के साथ 9,230 करोड़ रुपये रहा। इस खंड में मासिक लेनदेन करने वाले सक्रिय उपभोक्ताओं की संख्या बढ़कर 14.8 मिलियन तक पहुंच गई। कंपनी ने इस तिमाही में अपने नेटवर्क में 69 नए डार्क स्टोर्स जोड़े, जिससे 133 शहरों में इसके कुल स्टोर्स की संख्या बढ़कर 1,240 हो गई। हालांकि इस विस्तार के साथ परिचालन नुकसान भी बढ़ गया।
इंस्टामार्ट का समायोजित एबिटा घाटा पहली तिमाही के 780 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 900 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं इसका कंट्रीब्यूशन मार्जिन ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू के नकारात्मक 0.2 प्रतिशत से गिरकर नकारात्मक 1 प्रतिशत दर्ज हुआ। कंपनी ने बताया कि पुराने ग्राहकों को दोबारा प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए किए गए खर्च और प्रतिकूल ऑर्डर मिश्रण की वजह से यह मार्जिन प्रभावित हुआ है। इस प्रदर्शन के बाद कई शोध फर्मों ने इंस्टामार्ट के बढ़ते घाटे और धीमी पड़ती वृद्धि दर को देखते हुए कंपनी के लक्ष्य मूल्य में कटौती कर दी है।
फूड डिलीवरी कारोबार में मजबूती और मार्जिन सुधार
त्वरित वाणिज्य खंड की विपरीत परिस्थितियों के बीच कंपनी के मुख्य फूड डिलीवरी व्यवसाय ने मजबूत प्रदर्शन जारी रखा है। इस खंड का ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू सालाना आधार पर 17.7 प्रतिशत बढ़कर 10,050 करोड़ रुपये रहा। इसके साथ ही समायोजित एबिटा मार्जिन पहली तिमाही के 3.1 प्रतिशत से सुधरकर ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू का 3.4 प्रतिशत हो गया। मासिक आधार पर लेनदेन करने वाले उपयोगकर्ताओं की संख्या भी 15.1 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के साथ 19.8 मिलियन दर्ज की गई।
फूड डिलीवरी सेगमेंट में मार्जिन विस्तार के पीछे विज्ञापन आय में बढ़ोतरी, डिलीवरी लागत की कार्यकुशलता और वोल्ट व 99-स्टोर जैसे प्रारूपों की बढ़ती हिस्सेदारी रही। ये दोनों नए प्रारूप मिलकर अब कुल फूड डिलीवरी वॉल्यूम के 25 प्रतिशत से अधिक का योगदान कर रहे हैं। इसके अलावा किफायती सेगमेंट पर केंद्रित ऐप टोइंग अब 50 से अधिक शहरों में पहुंच चुका है। कंपनी प्रबंधन ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए फूड डिलीवरी खंड में टोइंग को छोड़कर 18 से 20 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान बरकरार रखा है।
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज का रुख और मूल्यांकन में बदलाव
शेयरों में आई इस भारी गिरावट के बावजूद वित्तीय सेवा फर्म आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने कंपनी के दीर्घकालिक प्रदर्शन पर भरोसा बनाए रखा है। 23 अक्टूबर की अपनी रिपोर्ट में फर्म ने शेयर पर खरीद रेटिंग को बरकरार रखा है। हालांकि ब्रोकरेज ने अपने पूर्व निर्धारित लक्ष्य मूल्य 520 रुपये को घटाकर 400 रुपये कर दिया है। शुक्रवार के बंद भाव 176 रुपये के आधार पर देखें तो यह नया लक्ष्य मूल्य मौजूदा स्तर से करीब 127 प्रतिशत की संभावित तेजी को दर्शाता है। ब्रोकरेज रिपोर्ट तैयार करते समय 211 रुपये के भाव के आधार पर करीब 90 प्रतिशत बढ़त का आकलन किया गया था।
शोध फर्म ने लक्ष्य मूल्य घटाने के कारणों का विस्तार से ब्योरा दिया है। ब्रोकरेज के मुताबिक पूंजी की लागत में 100 आधार अंकों की वृद्धि और कर्मचारी ट्रस्ट द्वारा रखी गई गैर-निहित इक्विटी को शामिल करते हुए पूरी तरह से डाइल्यूटेड शेयर गणना की ओर बदलाव करने से यह संशोधन हुआ है। इसके अलावा आगामी वर्षों के लाभ अनुमानों में भी कमी की गई है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अब 2,253 करोड़ रुपये के एबिटा घाटे का अनुमान लगाया गया है, जो पहले 1,097 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2027-28 के लिए एबिटा अनुमान 1,376 करोड़ रुपये से घटाकर 301 करोड़ रुपये कर दिया गया है। साथ ही दोनों वर्षों के राजस्व अनुमानों में क्रमशः 2.8 प्रतिशत और 4 प्रतिशत की कटौती करते हुए इन्हें 30,222 करोड़ रुपये और 38,678 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है।


















