उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया, जहां एक युवती ने अचानक यमुना नदी में छलांग लगा दी। हालांकि, मौके पर मौजूद एक स्थानीय नाविक की तत्परता और सूचना पाते ही हरकत में आई पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई की बदौलत युवती को सकुशल बचा लिया गया। यह घटना कालपी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत स्थित पुराने यमुना पुल पर घटी, जहां आसपास के लोग रोजमर्रा की तरह आवाजाही कर रहे थे।
नाविक मलखान निषाद का साहस और त्वरित बचाव अभियान
घटना के समय कालपी क्षेत्र के पुराने यमुना पुल के पास अचानक अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवती ने बिना किसी चेतावनी के पुल से सीधे उफनती नदी के गहरे पानी में छलांग लगा दी। पानी में तेज लहरों के बीच युवती को डूबता देख किनारे पर मौजूद स्थानीय नाविक मलखान निषाद ने बिना एक पल गंवाए अदम्य साहस का परिचय दिया। मलखान निषाद तुरंत अपनी नाव लेकर पानी के बहाव के बीच पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद बेहद बहादुरी से युवती को पानी से बाहर निकाला। अगर नाविक ने सही समय पर सूझबूझ नहीं दिखाई होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
पुलिस टीम की मुस्तैदी और अस्पताल में भर्ती
युवती के नदी में कूदने की खबर मिलते ही स्थानीय लोगों ने आपातकालीन सेवाओं को सूचित किया। महमूदपुर पुलिस चौकी के प्रभारी दिलीप कुमार मिश्रा अपने सहयोगियों के साथ तुरंत घटनास्थल की ओर रवाना हुए। पुलिस टीम में कांस्टेबल मुकेश सोलंकी, हेड कांस्टेबल रामकुमारी, वाहन चालक शिवराज सिंह और पुलिसकर्मी अजीत शामिल थे। पुलिसकर्मियों ने डायल 112 की गाड़ी से तुरंत युवती को सुरक्षित संरक्षण में लिया और बिना समय गंवाए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कालपी पहुंचाया। अस्पताल के डॉक्टरों की देखरेख में युवती का इलाज जारी है और उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
छलांग लगाने के कारणों की जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल युवती ने इतना घातक कदम क्यों उठाया, इसके पीछे के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवती का इलाज पूरा होने और स्थिति सामान्य होने के बाद उसके बयान दर्ज किए जाएंगे। घटना के आसपास के क्षेत्रों के प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ की जा रही है। स्थानीय निवासियों और अधिकारियों ने नाविक मलखान निषाद के अदम्य साहस और पुलिसकर्मियों की त्वरित मानवीय संवेदनशीलता की जमकर सराहना की है, जिनकी साझा कोशिशों से एक अमूल्य जान बच सकी।
झांसी में भी पुलिस ने तत्परता दिखाकर बचाई थी युवक की जान
हाल ही में उत्तर प्रदेश के ही पड़ोसी जिले झांसी में भी डायल 112 पुलिस टीम की तत्परता से एक युवक की जान बचाई जा सकी थी। वहां केवल 15 हजार रुपये के कर्ज से परेशान होकर 26 वर्षीय शादीशुदा युवक मुकेश रेंकवार ने आत्महत्या की कोशिश की थी। मुकेश की दो साल की छोटी बेटी परी है और वह गंभीर आर्थिक तंगी का सामना कर रहा था। जब पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, तो मकान का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जवानों ने मकान की छत पर लगी सीमेंट की चादर को तोड़कर अंदर प्रवेश किया और युवक को फंदे से उतारकर समय रहते अस्पताल पहुंचाया था।























