नवरात्रि का तीसरा दिन: मां चंद्रघंटा की पूजा और उनकी उत्पत्ति की पौराणिक कथाफ्रांस के ओबाग्ने में स्कूल के अंदर चली गोली, 14 साल का छात्र गिरफ्तार और दो शिक्षक घायलसुप्रीम कोर्ट की याचिका में राहुल गांधी को बड़ा झटका, 220 रुपये की कमी और वकालतनामे गायब मिलने से अटकी सुनवाईजंतर-मंतर पर प्रदर्शनों पर लगी रोक, राहुल गांधी और विपक्ष की रणनीति को झटकाअलवर ट्रिपल मर्डर केस में पुलिस को बड़ी कामयाबी, 10000 रुपये का इनामी हिमांशु मीणा गिरफ्तारएलोन मस्क ने ग्रोख बॉट से खरीदे लेगो स्टार वॉर्स सेट, फिर यूजर्स ने ऐसे किया खेलहनीजार स्टार्टअप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से पब्लिक रिलेशंस और कम्युनिकेशन के काम को आसान बनाने में जुटाएक नया स्टार्टअप मिनटों में तैयार कर रहा है पास होने लायक आर्किटेक्ट ब्लूप्रिंटप्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत पर कांग्रेस का सीधा हमला, इस्तीफे की मांग उठने के बाद सोशल मीडिया पर छिड़ी बहसहंसल मेहता की नई सीरीज से छह साल बाद एक्टिंग में लौटेंगी बिपाशा बसु, सनी कौशल के साथ शुरू हुई शूटिंग
नागपुर विधान परिषद बगावत मामले में देवेंद्र फडणवीस की बड़ी सफलता, अनिल सोले को मनायामहाराष्ट्र
12 अक्तू॰ 2026, 11:06 pm (2 घंटे पहले)· 0

नागपुर विधान परिषद बगावत मामले में देवेंद्र फडणवीस की बड़ी सफलता, अनिल सोले को मनाया

नागपुर विधान परिषद सीट पर बगावत करने वाले अनिल सोले को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मना लिया है। सोले अब पार्टी उम्मीदवार को जिताने के लिए पूरी ताकत से काम करेंगे।

नागपुर विधान परिषद चुनाव के दौरान उपजे राजनीतिक गतिरोध को खत्म करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बगावत का रास्ता चुनने वाले उम्मीदवार अनिल सोले को अंततः अपने पाले में वापस ले लिया है। पार्टी से नाराजगी के चलते बगावती तेवर दिखाने वाले अनिल सोले अब आगामी चुनावी मैदान में भारतीय जनता पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करेंगे। इस हाई-प्रोफाइल राजनीतिक उठापटक के बाद दोनों नेताओं के बीच सुलह की बात सामने आई है।

अनिल सोले की नाराजगी की असली वजह और समाधान

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मीडिया के सामने स्पष्ट किया कि अनिल सोले की जिन बातों को लेकर शिकायत थी और जिसके विरोधस्वरूप उन्होंने नामांकन दाखिल किया था, उन सभी बिंदुओं पर सकारात्मक चर्चा कर सहमति बना ली गई है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अनिल सोले का गुस्सा सीधे तौर पर पार्टी की विचारधारा से नहीं, बल्कि संगठन की कार्यप्रणाली को लेकर था। सोले का साफ मानना था कि पार्टी चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो जाए, लेकिन संगठन के लिए वर्षों का समय समर्पित करने वाले पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी नहीं होनी चाहिए और उन्हें उचित सम्मान तथा काम मिलना चाहिए।

ये भी पढ़ें

कार्यशैली में बदलाव पर बनी सहमति

देवेंद्र फडणवीस ने स्वीकार किया कि अनिल सोले द्वारा उठाए गए मुद्दे बिल्कुल वाजिब थे और संगठन की कार्यपद्धति में बदलाव करने की आवश्यकता महसूस की गई है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर पूरा भरोसा जताया कि अनिल सोले जैसे वरिष्ठ और समर्पित व्यक्ति, जिन्होंने अपने जीवन के इतने साल संगठन को सींचने में बिताए हैं, वे कभी भी पार्टी का अहित नहीं होने दे सकते। बातचीत का दौर सफल रहने के बाद अनिल सोले ने अपने सभी गिले-शिकवे भुलाकर पार्टी के साथ मजबूती से खड़े रहने का दृढ़ निर्णय लिया है और वे चुनावी समर में पार्टी प्रत्याशी की जीत की इबारत लिखने के लिए तैयार हैं।

सवाल-जवाब

अनिल सोले ने नागपुर विधान परिषद सीट पर बगावत क्यों की थी?
अनिल सोले संगठन की कार्यपद्धति से नाराज थे और उनका मानना था कि पुराने कार्यकर्ताओं को उचित स्थान और काम मिलना चाहिए।
अनिल सोले को किसने मनाया?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अनिल सोले से बातचीत कर उनकी नाराजगी को दूर किया।
सुलह के बाद अनिल सोले का अगला कदम क्या होगा?
अनिल सोले पार्टी के साथ बने रहेंगे और पार्टी के उम्मीदवार को चुनकर लाने के लिए काम करेंगे।
क्या अनिल सोले की शंकाओं का समाधान हुआ?
हाँ, मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि कार्यपद्धति में बदलाव की आवश्यकता है और सोले की सभी बातें मान ली गई हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Priya Sharma@priya-sharma·26 मिनट पहले

पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी न हो, यह बात बिल्कुल सही लगी। जब संगठन पुराने लोगों को भूलने लगता है, तो अपनों से ही बगावत होनी तय है।

Ravikash Gupta@ravikash·47 मिनट पहले

फडणवीस ने बढ़िया राजनीतिक मैनेजमेंट दिखाया है, पुराने कार्यकर्ता की नाराजगी दूर करना चुनाव से पहले बहुत जरूरी था।

Laxmi Gupta@laxmi-gupta·47 मिनट पहले

रविकेश जी, बात तो आपकी ठीक है, पर क्या सच में पुरानी कार्यशैली में बदलाव होगा या ये सिर्फ चुनाव जीतने की एक चाल है?

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

फडणवीस ने मौके पर चौका मार दिया है। बगावत बढ़ने से पहले ही अनिल सोले को मना लेना मास्टरस्ट्रोक है, वरना नागपुर में पार्टी की फजीहत तय थी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

रोहन जी, राजनीति में ऐसी बगावतें अगर समय पर न संभालें तो कोर्ट-कचहरी और मुकदमों तक बात पहुँचते देर नहीं लगती। फडणवीस ने सही समय पर मामला शांत कर दिया।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp