केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने विदेश मंत्रालय (एमईए) और गृह मंत्रालय (एमएचए) के सहयोग से वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में वांछित विशाखा राठौड़ को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारत प्रत्यर्पित कराने में सफलता पाई है। यह महिला 3 अगस्त 2026 को पुणे पहुंची, जहां महाराष्ट्र पुलिस की टीम ने उसे तुरंत अपनी हिरासत में ले लिया। केंद्रीय एजेंसी ने बुधवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर इस सफल प्रत्यर्पण अभियान की विस्तृत जानकारी साझा की।
धोखाधड़ी का तरीका और इंटरपोल रेड नोटिस
सीबीआई के अनुसार विशाखा राठौड़ बड़े पैमाने पर हुए एक वित्तीय घोटाले की मुख्य आरोपी है। उसने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर एक आपराधिक साजिश रची और निवेशकों को विभिन्न योजनाओं में पैसे लगाने के लिए लुभाया। उसने निवेशकों को हर महीने निश्चित रिटर्न देने का झूठा आश्वासन दिया था। इसके बाद उसने निवेशकों की गाढ़ी कमाई हड़प ली और रकम को कई बैंक खातों तथा डीमैट खातों के जरिए इधर-उधर स्थानांतरित कर दिया। कानून से बचने के लिए विदेश भागने के बाद उसके खिलाफ इंटरपोल के माध्यम से रेड नोटिस जारी किया गया था। वह 3 अगस्त 2026 को पुणे पहुंची, जहां महाराष्ट्र पुलिस ने उसे धर दबोचा।
भगोड़ों पर शिकंजा: 36 देशों से 274 अपराधी वापस लाए गए
यह प्रत्यर्पण देश से बाहर छिपे अपराधियों को वापस लाने के लिए चलाए जा रहे एक बड़े अभियान का हिस्सा है। केंद्र सरकार द्वारा मंगलवार को साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2019 से जुलाई 2026 के बीच भारत ने 36 विभिन्न देशों से कुल 274 भगोड़े अपराधियों का सफलतापूर्वक प्रत्यर्पण कराया है। सरकार का कहना है कि यह बड़ी सफलता कड़े कानूनी प्रावधानों, बेहतर अंतरराष्ट्रीय सहयोग, विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतरीन तालमेल और आधुनिक तकनीक पर आधारित जांच प्रणाली के कारण संभव हुई है। इस पूरे अभियान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है।
राष्ट्रीय प्राथमिकता और नीति के तीन मुख्य स्तंभ
गृह मंत्रालय (एमएचए) ने अपने बयान में कहा कि पिछली सरकारों के समय भगोड़ों को विदेश से वापस लाने के लिए आवश्यक राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी थी। वहीं वर्तमान मोदी सरकार ने भगोड़े अपराधियों के प्रत्यर्पण को एक राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अनुसार भगोड़ों को न्याय के कटघरे में लाना देश की संप्रभुता, आर्थिक स्थिरता, कानून व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा से सीधा जुड़ा हुआ विषय है। सरकार ने भगोड़े अपराधियों से निपटने के लिए एक त्रिस्तरीय रणनीति अपनाई है, जो वैश्विक स्तर पर संपर्क बढ़ाने, मजबूत एजेंसी समन्वय और प्रभावी कूटनीति के तीन मुख्य स्तंभों पर टिकी है।



















