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आतंकवादी संगठनों से जुड़े 114 कट्टरपंथी प्रकाशनों की जब्ती का आदेश, महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसलामहाराष्ट्र
7 अग॰ 2026, 10:20 am (45 दिन पहले)· 0

आतंकवादी संगठनों से जुड़े 114 कट्टरपंथी प्रकाशनों की जब्ती का आदेश, महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला

महाराष्ट्र के गृह विभाग ने 6 अगस्त 2026 को राजपत्र अधिसूचना जारी कर 114 कट्टरपंथी पत्रिकाओं और डिजिटल सामग्री को जब्त करने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई BNSS की धारा 98(1) के तहत की गई है।

राज्य में आतंकवाद की विचारधारा को फैलने से रोकने के लिए एक कड़ा कदम उठाते हुए 114 विभिन्न कट्टरपंथी पत्रिकाओं, किताबों और डिजिटल सामग्रियों को जब्त करने की आधिकारिक घोषणा की गई है। राज्य के गृह विभाग द्वारा जारी की गई इस विशेष राजपत्र अधिसूचना के तहत प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़ी इन सभी सामग्रियों की भौतिक और डिजिटल प्रतियों को सरकार अपने कब्जे में लेगी। यह पूरी कार्रवाई नए आपराधिक कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 98(1) के तहत अमल में लाई गई है।

जांच और सुरक्षा एजेंसियों की चेतावनी

एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS), केंद्रीय खुफिया एजेंसियों और साइबर सेल द्वारा की जा रही लगातार निगरानी में यह बात सामने आई थी कि कई माध्यमों से कट्टरपंथी साहित्य और आपत्तिजनक डिजिटल कंटेंट को लगातार प्रसारित किया जा रहा था। सुरक्षा विश्लेषकों और जांच टीमों ने पाया कि यह सामग्री युवाओं में उग्रवादी सोच को बढ़ावा देने और उन्हें हिंसक गतिविधियों की तरफ मोड़ने का काम कर रही थी। इसके अलावा, इस तरह के साहित्य का इस्तेमाल आतंकी गुटों में नए लोगों की भर्ती करने और उग्रवाद का महिमामंडन करने के लिए भी किया जा रहा था। गृह विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसी सामग्रियां देश की संप्रभुता, अखंडता, राज्य की आंतरिक सुरक्षा और आम जनता की कानून व्यवस्था के लिए सीधा और गंभीर खतरा बन चुकी थीं।

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प्रतिबंध का दायरा और कानूनी पाबंदियां

जारी किए गए सरकारी आदेश के अनुसार अब इन 114 प्रकाशनों से जुड़ी किसी भी गतिविधि पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इस प्रतिबंध के दायरे में इन सामग्रियों का नया मुद्रण करना, उन्हें किसी भी माध्यम से फैलाना, बाजार या ऑनलाइन बेचना, किसी जगह प्रदर्शित करना या फिर किसी भी व्यक्ति द्वारा इन्हें भौतिक कागजी रूप या कंप्यूटर, मोबाइल जैसे डिजिटल माध्यमों में संभालकर रखना शामिल है। कानून के तहत यदि कोई भी व्यक्ति या संस्था इन सामग्रियों को अपने पास रखती है या इनका वितरण करती पाई जाती है, तो उसे सरकार द्वारा जब्त कर लिया जाएगा और संबंधित पक्षों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

कार्रवाई की जद में आए प्रमुख प्रकाशन

राजपत्र में कुल 114 ऐसी पत्रिकाओं और दस्तावेजों को सूचीबद्ध किया गया है जिनका सीधा संबंध विभिन्न प्रतिबंधित उग्रवादी और आतंकी संगठनों से पाया गया है। इनमें से प्रमुख रूप से ‘वॉइस ऑफ खुरासान मैगजीन’, ‘द रिवोल्यूशनरी रीसर्जेंस’, ‘कश्मीर किफाह: रेजिलिएंस एंड करेज’, ‘द सोल ऑफ रेजिस्टेंस’ और ‘नवा-ए-गजवा-ए-हिंद’ जैसी पत्रिकाओं के नाम शामिल हैं। सरकार ने 6 अगस्त 2026 को अधिसूचना जारी करते हुए यह साफ कर दिया है कि इन तमाम साहित्य और उनसे जुड़ी सामग्री का अब राज्य की सीमा के भीतर किसी भी रूप में अस्तित्व नहीं रहने दिया जाएगा।

सवाल-जवाब

महाराष्ट्र सरकार ने कितनी कट्टरपंथी पत्रिकाओं और प्रकाशनों पर प्रतिबंध लगाया है?
सरकार ने कुल 114 कट्टरपंथी प्रकाशनों, पत्रिकाओं और डिजिटल दस्तावेजों को जब्त करने का आदेश दिया है।
यह जब्ती आदेश किस कानूनी प्रावधान के तहत जारी किया गया है?
यह कार्रवाई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 98(1) के तहत राजपत्र अधिसूचना जारी कर की गई है।
किन मुख्य प्रकाशनों को इस अधिसूचना में प्रतिबंधित किया गया है?
मुख्य प्रतिबंधित प्रकाशनों में 'वॉइस ऑफ खुरासान मैगजीन', 'द रिवोल्यूशनरी रीसर्जेंस', 'कश्मीर किफाह', 'द सोल ऑफ रेजिस्टेंस' और 'नवा-ए-गजवा-ए-हिंद' शामिल हैं।
यह राजपत्र अधिसूचना किस तारीख को जारी की गई थी?
महाराष्ट्र सरकार के गृह विभाग ने यह असाधारण राजपत्र अधिसूचना 6 अगस्त 2026 को जारी की थी।
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