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पुणे हत्याकांड: सस्पेंस फिल्मों से प्रेरणा लेकर मंगेतर को चट्टान से धकेला, शादी रुकवाने के लिए रची साजिशमहाराष्ट्र
22 जुल॰ 2026, 2:22 am (28 दिन पहले)· 0

पुणे हत्याकांड: सस्पेंस फिल्मों से प्रेरणा लेकर मंगेतर को चट्टान से धकेला, शादी रुकवाने के लिए रची साजिश

पुणे में एक बीस वर्षीय महिला और उसके प्रेमी को शादी रुकवाने के लिए मंगेतर की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले सस्पेंस फिल्में देखीं और हफ्तों तक ऊंचाई वाले स्थानों का मुआयना किया।

पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में एक बेहद खौफनाक साजिश का खुलासा हुआ है, जिसे उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर रचा था। छब्बीस वर्षीय युवा कारोबारी की जिंदगी 18 जून को उस समय दुखद अंत पर पहुंच गई, जब उन्हें पुणे के पास स्थित ऐतिहासिक लोहागढ़ किले की एक ऊंची चट्टान से नीचे धकेल दिया गया। महाराष्ट्र पुलिस ने मंगलवार को इस मामले में अहम जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआत में हत्या की कोई योजना नहीं थी। पहले बीस वर्षीय सिया गोयल और बाईस वर्षीय चेतन चौधरी ने केवल एक फर्जी हादसे में अग्रवाल को गंभीर रूप से घायल करने की साजिश रची थी, ताकि किसी तरह होने वाली शादी को टाला जा सके। लेकिन, जैसे-जैसे केतन के साथ बाली की एक प्रस्तावित यात्रा की तारीख नजदीक आती गई, दोनों को यह अहसास हुआ कि केवल घायल करने की योजना में पकड़े जाने का जोखिम बहुत अधिक है। इसके बाद उन्होंने अपनी योजना को और खतरनाक बनाते हुए कारोबारी को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया।

परिवार की बदनामी से बचने के लिए रची गई खौफनाक साजिश

इस जघन्य अपराध की नींव सामाजिक शर्मिंदगी से बचने की चाहत पर रखी गई थी। जांच के अनुसार, सिया गोयल किसी भी सूरत में घर से भागकर शादी नहीं करना चाहती थी। उसे अपने परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा की बहुत फिक्र थी और वह अपने माता-पिता को उस बदनामी का सामना नहीं करने देना चाहती थी जो अमूमन ऐसी स्थितियों में होती है। इसके अलावा, वह अपने मंगेतर केतन अग्रवाल के परिवार को भी किसी तरह की शर्मिंदगी में नहीं डालना चाहती थी। चेतन चौधरी के साथ अपने रिश्ते और केतन के साथ तय हुई शादी के बीच फंसी सिया ने शादी को रुकवाने के लिए दूसरे उपाय तलाशने शुरू कर दिए। दोनों ने यह सोचा कि अगर किसी गंभीर दुर्घटना में केतन अग्रवाल घायल हो जाते हैं, तो शादी खुद-ब-खुद टल जाएगी या हमेशा के लिए रद्द हो जाएगी।

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हादसे की योजना से लेकर हत्या के फैसले तक का सफर

शुरुआती दौर में, इस जोड़े ने अपना पूरा ध्यान एक ऐसा हादसा रचने पर केंद्रित किया, जिसमें कारोबारी गंभीर रूप से चोटिल हो जाए। उन्होंने कई ऐसे तरीकों पर विचार किया जिनसे केतन को गहरी चोटें आ सकें। हालांकि, जैसे-जैसे उन्होंने इस फर्जी हादसे को अंजाम देने की बारीकियों पर चर्चा की, उनका नजरिया पूरी तरह से बदल गया। साजिशकर्ताओं को यह समझ आ गया कि केतन अग्रवाल को जिंदा छोड़ने में उनका भांडा फूटने का बहुत बड़ा जोखिम है। उन्हें डर था कि अगर हादसा सही तरीके से नहीं हुआ या केतन को होश आ गया, तो वह पूरी सच्चाई बयां कर सकते हैं। पकड़े जाने के इसी खौफ और इस सच्चाई के कारण कि घायल होने से केवल शादी कुछ समय के लिए टलेगी, सिया गोयल और चेतन चौधरी ने हादसे का विचार पूरी तरह से त्याग दिया। उन्होंने यह खौफनाक निष्कर्ष निकाला कि अपने रिश्ते को बचाने का एकमात्र सुरक्षित तरीका केतन अग्रवाल को हमेशा के लिए खत्म करना है।

बाली की प्रस्तावित यात्रा ने बढ़ाया दबाव

जून का महीना शुरू होते ही इस जानलेवा साजिश को अंजाम देने की जल्दबाजी काफी बढ़ गई। पुलिस ने खुलासा किया कि सिया गोयल और केतन अग्रवाल के लिए बाली की एक ट्रिप प्रस्तावित थी। जैसे-जैसे इस अंतरराष्ट्रीय यात्रा का समय करीब आने लगा, सिया और चेतन के भीतर एक घबराहट पैदा हो गई। उन्हें यह डर सताने लगा कि अगर यह बाली यात्रा हो गई या फिर शादी संपन्न हो गई, तो उनके अपने रिश्ते का भविष्य पूरी तरह से खतरे में पड़ जाएगा। इस प्रस्तावित छुट्टी ने उनके लिए एक टिक-टिक करती घड़ी का काम किया, जिसने साजिशकर्ताओं को जल्द से जल्द कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। उन्हें लगा कि यात्रा शुरू होने से पहले ही उन्हें अपने काम को अंजाम देना होगा, जिसके चलते कई हफ्तों से चल रही यह साजिश अचानक एक बेहद जरूरी और खतरनाक अभियान में तब्दील हो गई।

सस्पेंस फिल्मों और इंटरनेट से ली गई खौफनाक प्रेरणा

यह सुनिश्चित करने के लिए कि उनका अपराध कभी पकड़ा न जाए और यह पूरी तरह से एक दुर्घटना लगे, दोनों ने बाहरी चीजों से मदद लेनी शुरू की। जांच अधिकारियों ने बताया कि इस जोड़े ने कई सस्पेंस फिल्में देखीं, ताकि वे समझ सकें कि फिल्मों में अपराधी किस तरह बिना कोई सुराग छोड़े अपराध को अंजाम देते हैं। फिल्मों से आइडिया लेने के साथ-साथ, उन्होंने इंटरनेट पर भी व्यापक खोजबीन की। उनका मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना था कि एक जानलेवा हादसे को कैसे रचा जाए ताकि कोई भी फोरेंसिक सबूत उनके खिलाफ न मिल सके। इस डिजिटल और फिल्मी रिसर्च के बाद, दोनों एक बेहद डरावने नतीजे पर पहुंचे कि पीड़ित को किसी सुनसान पहाड़ी इलाके में ऊंचाई से नीचे धकेलना सबसे असरदार और सुरक्षित तरीका होगा। ऊंचाई से गिरने पर मौत निश्चित थी और इसे आसानी से किसी पर्यटक के साथ हुआ एक दर्दनाक हादसा बताया जा सकता था।

सही जगह की तलाश: टाइगर प्वाइंट और विसापुर किले का मुआयना

हत्या का तरीका तय हो जाने के बाद, उनके ऑपरेशन का अगला सबसे महत्वपूर्ण चरण वारदात के लिए एक उपयुक्त जगह की तलाश करना था। दोनों ने मिलकर कई ऊंचाई वाले पर्यटन स्थलों और दुर्गम इलाकों का मुआयना करना शुरू किया। उनकी यह तलाश उन्हें लोनावला के मशहूर टाइगर प्वाइंट और ऐतिहासिक विसापुर किले जैसी जगहों तक ले गई। इन जगहों का दौरा करते समय सिया गोयल और चेतन चौधरी लगातार एक-दूसरे के संपर्क में रहे। वे गहरी खाइयों और सुनसान जगहों की तस्वीरें खींचकर एक-दूसरे को भेजते थे और उन पर चर्चा करते थे। वे खास तौर पर एक ऐसी जगह की तलाश में थे जो इतनी ऊंची हो कि वहां से गिरने पर बचने की कोई गुंजाइश न रहे, और इतनी सुनसान हो कि कोई चश्मदीद गवाह मौजूद न हो और पुलिस को कोई भी सबूत न मिल पाए।

लोहागढ़ किले पर दिया गया हत्या को अंजाम

हफ्तों की लंबी साजिश, इंटरनेट पर गहन रिसर्च और कई जगहों के मुआयने के बाद, आखिरकार साजिशकर्ताओं ने पुणे के पास स्थित लोहागढ़ किले को अपनी वारदात के लिए सबसे मुफीद पाया। किले की दुर्गम भौगोलिक स्थिति और सीधी खड़ी चट्टानें उनकी योजना के बिल्कुल अनुकूल थीं। पुलिस को यह भी संदेह है कि हत्या की यह साजिश पहली बार में सफल नहीं हुई थी। अधिकारियों का मानना है कि सिया गोयल ने 14 जून को इसी लोहागढ़ किले पर केतन अग्रवाल की हत्या का एक असफल प्रयास किया था। इसके बावजूद, उनके इरादे नहीं डगमगाए। इस नाकामी के ठीक चार दिन बाद, 18 जून को दोनों ने अपनी पूर्व नियोजित साजिश को सफलतापूर्वक अंजाम दे दिया। वे छब्बीस वर्षीय कारोबारी को किले की चट्टान के बिल्कुल किनारे तक ले जाने में कामयाब रहे और वहां से उसे नीचे धकेल दिया।

जांच की वर्तमान स्थिति और जेल में आरोपी

हादसे का वह आवरण बहुत जल्दी हट गया जब पुलिस की जांच गहराई तक पहुंची और इस पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया। महाराष्ट्र पुलिस ने रियल एस्टेट कारोबारी की हत्या के आरोप में बीस वर्षीय सिया गोयल और बाईस वर्षीय चेतन चौधरी दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने घटनाओं के क्रम और युवा जोड़े के मकसद की बारीकी से जांच की है। मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए, पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यद्यपि यह अपराध बहुत ही सुनियोजित था, लेकिन अब तक की जांच में यह बात कहीं से सामने नहीं आई है कि इसमें कोई सुपारी किलर या पेशेवर अपराधी शामिल था। यह पूरी साजिश केवल सिया और चेतन ने ही रची और अंजाम दी थी। दोनों आरोपियों को फिलहाल न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और वे पुणे की यरवडा केंद्रीय जेल में बंद हैं, जहां वे अपने किए गए अपराध के लिए मुकदमे का इंतजार कर रहे हैं।

सवाल-जवाब

पुणे के लोहागढ़ किला मामले में किसकी हत्या हुई?
छब्बीस वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की चट्टान से धकेल कर हत्या की गई।
केतन अग्रवाल हत्याकांड में मुख्य आरोपी कौन हैं?
इस मामले में मुख्य आरोपी उनकी बीस वर्षीय मंगेतर सिया गोयल और उसका बाईस वर्षीय प्रेमी चेतन चौधरी हैं।
सिया गोयल ने अपने मंगेतर की हत्या क्यों की?
उसने होने वाली शादी को रोकने के लिए हत्या की, क्योंकि वह घर से भागकर अपने माता-पिता और केतन के परिवार को सामाजिक रूप से बदनाम नहीं करना चाहती थी।
यह हत्याकांड किस जगह पर हुआ?
यह हत्या 18 जून को पुणे के पास स्थित ऐतिहासिक लोहागढ़ किले पर की गई।
क्या आरोपियों ने हत्या के लिए किसी को सुपारी दी थी?
नहीं, पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि दोनों ने खुद इस हत्या को अंजाम दिया और इसमें कोई सुपारी किलर शामिल नहीं था।
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