राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के बागोर थाना क्षेत्र में सनसनी फैलाने वाले साहूकार शोभालाल जैन हत्याकांड में पुलिस को बुधवार सुबह बड़ी कामयाबी हाथ लगी। महीनेभर से फरार चल रहे मुख्य आरोपी 36 वर्षीय रोशन गुर्जर को पुलिस ने मध्य प्रदेश के सागर जिले से दबोच लिया। इस वारदात में रोशन के साथी नारायण लाल सरगरा को पुलिस पहले ही 1 अगस्त को गिरफ्तार कर चुकी थी, अब मुख्य साजिशकर्ता भी सलाखों के पीछे पहुंच गया है।
ब्याज का कारोबार करने वाले सेठ की बेरहमी से हत्या
बागोर थाना प्रभारी बच्छराज चौधरी के मुताबिक, बावलास गांव के 78 वर्षीय साहूकार शोभालाल जैन इलाके में ब्याज पर पैसा देने का काम करते थे। कुछ दिनों से लापता चल रहे शोभालाल की 26 जुलाई को बेहद बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। हैरानी की बात यह रही कि इस हत्याकांड के पीछे कोई अनजान शख्स नहीं बल्कि उन्हीं का बरसों पुराना भरोसेमंद मुनीम रोशन गुर्जर निकला, जो उनके यहां मुनीम के साथ-साथ ड्राइवर का काम भी संभालता था। रोशन ने अपने दोस्त नारायण लाल के साथ मिलकर सेठ की करोड़ों की संपत्ति और उनके पास मौजूद 70 लाख रुपये हड़पने की नीयत से इस वारदात को अंजाम दिया।
सांवलिया सेठ की यात्रा बनी हत्या की स्क्रिप्ट
पुलिस जांच में सामने आया कि 18 जुलाई को शोभालाल अपने मुनीम रोशन के साथ सांवलिया सेठ की धार्मिक यात्रा पर निकले थे। यात्रा से वापस लौटते वक्त कार में ही आरोपियों ने अपनी योजना पर अमल किया। नारायण ने शोभालाल के दोनों हाथ जकड़ लिए, जबकि रोशन ने उनका मुंह दबाकर दम घोंट दिया। सेठ की जान किसी भी सूरत में न बचे, इसके लिए आरोपियों ने उनके मुंह पर टेप भी चिपका दिया। हत्या को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपियों ने शव को सीमेंट के एक खंभे से बांधा और उसे एक सुनसान कुएं में फेंककर मौके से फरार हो गए।
10 लाख के लालच और शराब पार्टी में तैयार हुआ साथी
पुलिस के मुताबिक, रोशन को पहले से पता था कि साहूकार शोभालाल के पास 70 लाख रुपये नकद मौजूद हैं। इतनी बड़ी रकम अकेले हड़पना आसान नहीं था, इसलिए रोशन ने अपने पुराने दोस्त नारायण लाल सरगरा को शराब पार्टी देकर हत्या की साजिश में शामिल होने के लिए राजी किया। बदले में उसने नारायण को 10 लाख रुपये देने का लालच दिया। इसके बाद नारायण के दिमाग में हत्या की योजना लगातार घूमती रही, जब तक कि 18 जुलाई को दोनों को मौका नहीं मिल गया।
पानीपुरी बेचने वाला निकला हत्या में साथी
गिरफ्तार आरोपी नारायण लाल सरगरा अड़र्सीपुरा गांव का रहने वाला है और मध्य प्रदेश में पानीपुरी बेचने का धंधा करता है। वह मुनीम रोशन गुर्जर का पुराना दोस्त बताया जा रहा है। वारदात को अंजाम देकर शव कुएं में फेंकने के बाद नारायण भी अपने गांव से फरार हो गया था, जिसे पुलिस ने 1 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं मुख्य साजिशकर्ता रोशन गुर्जर लंबे समय तक पुलिस को चकमा देता रहा, आखिरकार बुधवार सुबह पुलिस ने उसे मध्य प्रदेश के सागर जिले से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर वारदात की पूरी कड़ियां जोड़ने में जुटी है और शोभालाल की संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।





















