कुकी समुदाय के शीर्ष संगठन कुकी इनपी मणिपुर ने राज्य के सभी कुकी-ज़ो विधायकों से आगामी विधानसभा सत्र का बहिष्कार करने की अपील की है। 2 सितंबर से शुरू होने वाला यह विधानसभा सत्र 6 दिनों का होगा, जो 7 सितंबर तक चलेगा। इस अवधि के दौरान विधानसभा में कुल 3 बैठकें आयोजित की जानी तय हैं।
कुकी-ज़ो विधायकों को जारी निर्देश
एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कुकी इनपी मणिपुर ने कुकी-ज़ो विधायकों को निर्देश दिया है कि वे मणिपुर विधानसभा के इस 8वें सत्र में भाग लेने के लिए इम्फाल की यात्रा न करें। शीर्ष संगठन ने अपने निर्देश में यह भी स्पष्ट किया कि जो विधायक इस फैसले को नजरअंदाज करेंगे और सत्र में शामिल होंगे, उन्हें समुदाय के सामूहिक राजनीतिक रुख के खिलाफ काम करने वाला माना जा सकता है।
अलग प्रशासनिक व्यवस्था की मांग और बहिष्कार की वजह
संगठन ने कुकी-ज़ो समुदाय के लिए अलग राजनीतिक प्रशासनिक व्यवस्था की अपनी मांग को एक बार फिर दोहराया है। संगठन का कहना है कि जब तक मणिपुर में बना राजनीतिक संकट पूरी तरह हल नहीं हो जाता, तब तक सामान्य विधायी प्रक्रियाओं को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। कुकी इनपी मणिपुर का तर्क है कि अगर कुकी-ज़ो विधायक इस सत्र में हिस्सा लेते हैं तो इससे ऐसा संदेश जा सकता है कि राज्य में हालात सामान्य हो चुके हैं, जिससे अंतिम राजनीतिक समाधान की मांग कमजोर पड़ सकती है। संगठन ने विधायकों से राजनीतिक जिम्मेदारी निभाने और समुदाय की आकांक्षाओं के साथ बने रहने का आह्वान किया है।
मणिपुर विधानसभा में विधायकों का समीकरण
कुल 60 सदस्यों वाली मणिपुर विधानसभा में कुकी-ज़ो समुदाय के 9 विधायक शामिल हैं। इन 9 विधायकों में उप मुख्यमंत्री नेमचा किपगेन और भारतीय जनता पार्टी के 6 अन्य विधायक भी शामिल हैं। हालांकि संगठन ने अपना आधिकारिक रुख साफ कर दिया है, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सभी कुकी-ज़ो विधायक इस बहिष्कार के निर्देश का पालन करेंगे या सत्र में हिस्सा लेंगे।



















