प्राथमिक शेयर बाजार में दांव लगाने वाले निवेशकों के लिए आज 1 सितंबर का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। प्रायोरिटी ज्वेल्स और ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन के आईपीओ (IPO) के लिए सब्सक्रिप्शन विंडो आज शाम बंद होने जा रही है। 28 अगस्त को खुले इन दोनों पब्लिक इश्यू में निवेशकों ने अलग-अलग स्तर पर रुचि दिखाई है, जहां टेक कंपनी ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन का पलड़ा ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) में काफी भारी नजर आ रहा है।
इश्यू साइज और प्राइस बैंड का ब्योरा
दोनों कंपनियों के आईपीओ संरचनात्मक रूप से एक-दूसरे से काफी अलग हैं। प्रायोरिटी ज्वेल्स का पब्लिक इश्यू पूरी तरह से 91.50 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू है। इसके लिए कंपनी ने प्रति शेयर 190 रुपये से 200 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है।
दूसरी ओर, ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन का इश्यू आकार में काफी बड़ा है। कंपनी 720 करोड़ रुपये जुटाने के लिए फ्रेश इश्यू ला रही है, जिसके लिए प्रति शेयर 408 रुपये से 429 रुपये का प्राइस बैंड निर्धारित किया गया है।
ग्रे मार्केट में दोनों आईपीओ का प्रदर्शन
अनौपचारिक शेयर बाजार यानी ग्रे मार्केट में दोनों इश्यू को लेकर अलग-अलग रुझान देखने को मिल रहे हैं। ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन का जीएमपी (GMP) काफी तेजी से चढ़ा है। ताजा अनुमानों के मुताबिक, इसका जीएमपी 270 रुपये पर बना हुआ है। 429 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर इसका संभावित लिस्टिंग भाव 699 रुपये बैठता है, जो निवेशकों को लगभग 62.94 प्रतिशत के मजबूत लिस्टिंग मुनाफे का संकेत दे रहा है।
दूसरी तरफ, प्रायोरिटी ज्वेल्स के जीएमपी में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। बीते दिन इसका प्रीमियम 45 रुपये तक पहुंच गया था, लेकिन आज यह घटकर 10 रुपये के स्तर पर आ गया है। 200 रुपये के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से इसका अनुमानित लिस्टिंग मूल्य 210 रुपये बैठता है, जो करीब 5 प्रतिशत के लिस्टिंग गेन को दर्शाता है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जीएमपी अनौपचारिक होता है और लिस्टिंग के दिन तक इसमें बदलाव संभव है।
अलॉटमेंट से लिस्टिंग तक का पूरा शेड्यूल
दोनों कंपनियां अपने पोस्ट-इश्यू टाइमलाइन को एक साथ साझा कर रही हैं। बोली प्रक्रिया बंद होने के बाद, शेयर आवंटन का आधार 2 सितंबर को अंतिम रूप दिया जाएगा।
- 1 सितंबर: बोली लगाने की अंतिम तिथि।
- 2 सितंबर: अलॉटमेंट स्टेटस फाइनल होने की संभावित तारीख।
- 3 सितंबर: असफल निवेशकों को रिफंड और सफल निवेशकों के डीमैट खाते में शेयर क्रेडिट।
- 4 सितंबर: बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) पर दोनों शेयरों की आधिकारिक लिस्टिंग।


















