भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया टेस्ट श्रृंखला का दूसरा मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ। इस पूरी श्रृंखला के दौरान श्रीलंका के मध्यक्रम के बल्लेबाज सोनल दिनुशा ने असाधारण बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए रनों का विशाल अंबार खड़ा किया। सोनल दिनुशा ने कोलंबो टेस्ट मैच की दोनों पारियों में शानदार शतक जड़े और दो मैचों में कुल 420 रन बनाए। वह श्रृंखला में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे, लेकिन जब श्रृंखला के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी यानी प्लेयर ऑफ द सीरीज के पुरस्कार की घोषणा की गई, तो यह सम्मान भारत के युवा बाएं हाथ के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल को मिला।
देवदत्त पडिक्कल का प्रभावी प्रदर्शन
इस टेस्ट श्रृंखला में भारतीय बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल के प्रदर्शन पर नजर डालें तो उन्हें केवल तीन पारियों में बल्लेबाजी करने का अवसर प्राप्त हुआ। इन सीमित मौकों का पूरा लाभ उठाते हुए पडिक्कल ने गॉल और कोलंबो दोनों मैदानों पर शतकीय पारियां खेलीं और कुल 328 रन बनाए। उनका यह प्रदर्शन भारतीय टीम की स्थिति मजबूत करने में काफी अहम साबित हुआ। यद्यपि सोनल दिनुशा ने पडिक्कल से अधिक कुल रन बनाए और उनका औसत भी बेहतर रहा, फिर भी श्रृंखला पर भारतीय टीम के दबदबे और पडिक्कल के समयोचित योगदान को देखते हुए उन्हें इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा गया।
सोनल दिनुशा का रिकॉर्डतोड़ संघर्ष
श्रीलंकाई टीम के दृष्टिकोण से सोनल दिनुशा का प्रदर्शन बेहद अनुकरणीय रहा, क्योंकि उन्होंने यह रन बेहद कठिन परिस्थितियों में बनाए। पहला टेस्ट मैच गंवाने के बाद श्रीलंकाई टीम दूसरे टेस्ट में भी फॉलोऑन का सामना कर रही थी। ऐसी विपरीत परिस्थिति में दिनुशा ने क्रीज पर डटकर अद्भुत संयम का परिचय दिया। उन्होंने दो टेस्ट मैचों की चार पारियों में 140 की असाधारण औसत के साथ 420 रन जुटाए। गॉल टेस्ट में उन्होंने 100 रन और 84 रनों की पारियां खेली थीं। इसके बाद कोलंबो में खेले गए मैच की पहली पारी में 103 रन बनाए और दूसरी पारी में 133 रन बनाकर नाबाद रहे। इस ऐतिहासिक बल्लेबाजी के बल पर उन्होंने भारत के खिलाफ अपने शुरुआती दो टेस्ट मैचों में तीन शतक लगाने का रिकॉर्ड भी स्थापित किया।
रोमांचक मोड़ के बाद ड्रॉ पर समाप्त हुआ कोलंबो टेस्ट
कोलंबो में आयोजित अंतिम टेस्ट मैच में सोनल दिनुशा को उनकी बेहतरीन शतकीय पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया। उनकी इस जुझारू पारी के कारण ही श्रीलंकाई टीम मैच हारने से बच सकी। मुकाबले में भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी 9 विकेट पर 503 रन बनाकर घोषित की थी। जवाब में श्रीलंका की पहली पारी केवल 290 रनों पर सिमट गई, जिसके बाद भारत ने श्रीलंका को फॉलोऑन खेलने पर मजबूर किया। दूसरी पारी में श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने जोरदार वापसी करते हुए 9 विकेट के नुकसान पर 429 रन बनाए और मैच को सफलतापूर्वक ड्रॉ पर खत्म कराया।



















