मणिपुर के सेनापति जिले में सोमवार को अचानक हिंसा भड़क उठी, जिसके बाद कई घरों में आगजनी की घटनाएं सामने आईं। इसके अलावा दो पक्षों के बीच हुई गोलीबारी की एक घटना में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी सीआरपीएफ का एक जवान भी गंभीर रूप से घायल हो गया है। हालात बेकाबू होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गईं और प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है ताकि स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सके।
कहां से शुरू हुई हिंसा और आगजनी की घटनाएं
यह पूरा घटनाक्रम ताफौ नागा इलाके से सामने आया है, जो पड़ोसी कांगपोकपी जिले में सुबह के समय हुई एक आगजनी की घटना के तुरंत बाद शुरू हुआ। स्थानीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, ताफौ कुकी गांव में सोमवार तड़के लगभग 2:30 बजे एक घर को आग के हवाले कर दिया गया था। इस घटना के कुछ ही घंटों बाद सुबह करीब 4:00 बजे सेनापति जिले के नागा ताफौ इलाके में भी कई अन्य मकानों को जला दिया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई।
गोलीबारी में सीआरपीएफ जवान घायल
हिंसा का यह दौर तब और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया जब सुबह लगभग 9:20 बजे ताफौ नागा क्षेत्र में दो गुटों के बीच आमने-सामने की गोलीबारी शुरू हो गई। इस गोलीबारी के दौरान लियांगमाई ताफौ इलाके में 36वीं सीआरपीएफ बटालियन के एक 54 वर्षीय कांस्टेबल के पैर में गोली लगने की आशंका है, जिससे वह घायल हो गए। घायल जवान को तुरंत इलाज के लिए सेनापति के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। गनीमत यह रही कि इस हिंसा में अभी तक किसी भी आम नागरिक के हताहत होने या चोट लगने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।
सड़क जाम और स्थानीय निकायों की प्रतिक्रिया
सेनापति में हुई आगजनी की घटनाओं के विरोध में स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए और जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सेनापति गेट के पास इकट्ठा होकर नेशनल हाईवे 2 पर टायर और लकड़ी के लट्ठे जलाकर रास्ता जाम कर दिया, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई। इस बीच, ताफौ कुकी विलेज अथॉरिटी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर संपत्ति के भारी नुकसान की कड़ी निंदा की है। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि अगले 24 घंटों के भीतर आरोपियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू की जाए।
समुदायों के बीच बढ़ा तनाव और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस ताज़ा हिंसा के बाद क्षेत्र में नागा और कुकी समुदायों के बीच पहले से चल रहा तनाव और अधिक गहरा गया है, खासकर हालिया समय में हुई झड़पों और हिंसक वारदातों के मद्देनजर। बिगड़ते हालातों को नियंत्रित करने और किसी भी संभावित अप्रिय घटना को टालने के लिए प्रशासन ने सेनापति जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद मजबूत कर दिया है।



















