मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में सुरक्षा बलों ने तत्परता दिखाते हुए पश्चिम बंगाल के एक नागरिक को कथित अपहरणकर्ताओं के चंगुल से सुरक्षित बचा लिया है। पीड़ित मोहम्मद वसीम अकरम इंफाल हवाई अड्डे पर पहुंचे ही थे कि उनका अपहरण कर लिया गया था। हालांकि, उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए चलती गाड़ी का हैंडब्रेक खींच दिया और मौके से भागकर पास मौजूद सुरक्षाकर्मियों से मदद मांगी, जिसके बाद यह पूरा मामला सामने आया।
चलती गाड़ी से साहसिक फरारी और सुरक्षा बलों का एक्शन
मोइरांग पुलिस स्टेशन के कर्मियों ने 19 सितंबर को नारनसेना इलाके से मोहम्मद वसीम अकरम को सुरक्षित निकाला। यह इलाका इंफाल हवाई अड्डे से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पुलिस के अनुसार, जब अकरम को एक चार पहिया वाहन में ले जाया जा रहा था, तब उन्होंने वाहन का हैंडब्रेक खींच दिया, जिससे गाड़ी रुकी और वे बाहर कूदकर भागने में सफल रहे। इसके तुरंत बाद उन्होंने सुरक्षा बलों से संपर्क किया और आपबीती बताई।
चालक गिरफ्तार, अन्य आरोपियों की तलाश तेज
इस पूरे मामले में पुलिस ने उस वाहन के चालक को गिरफ्तार कर लिया है, जिसमें अकरम को ले जाया जा रहा था। आधिकारिक पुलिस बयान के अनुसार, पकड़े गए चालक से सघन पूछताछ की जा रही है ताकि अपहरण में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान कर उन्हें दबोचा जा सके। हालांकि, पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि अकरम का अपहरण किस सटीक समय पर हुआ था, इस वारदात के पीछे क्या मकसद था या इसमें किसी खास गिरोह या संगठन का हाथ था।
तनावग्रस्त इलाकों में सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी
मणिपुर में मई 2023 से जातीय हिंसा भड़कने के बाद से ही सुरक्षा बल पूरे राज्य के सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में लगातार तलाशी अभियान और नियंत्रण अभ्यास चला रहे हैं। घाटी के मैतेई समुदाय और पहाड़ी इलाकों के कुकी समुदाय के बीच हुए इस जातीय संघर्ष में अब तक कम से कम 306 लोगों की जान जा चुकी है। इसके अलावा 49 लोग अब भी लापता हैं और हजारों नागरिकों को अपने घरों से विस्थापित होकर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है।
























