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इंफाल एयरपोर्ट से अगवा पश्चिम बंगाल के मोहम्मद वसीम अकरम मणिपुर में सुरक्षित बचे, कार का हैंडब्रेक खींचकर भागेमणिपुर
21 सित॰ 2026, 11:48 am (1 घंटे पहले)· 0

इंफाल एयरपोर्ट से अगवा पश्चिम बंगाल के मोहम्मद वसीम अकरम मणिपुर में सुरक्षित बचे, कार का हैंडब्रेक खींचकर भागे

इंफाल हवाई अड्डे पर उतरने के बाद अगवा किए गए पश्चिम बंगाल के मोहम्मद वसीम अकरम ने चलती गाड़ी का हैंडब्रेक खींचकर खुद को बचाया। सुरक्षा बलों ने उन्हें सुरक्षित निकालकर वाहन के चालक को गिरफ्तार कर लिया है।

मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में सुरक्षा बलों ने तत्परता दिखाते हुए पश्चिम बंगाल के एक नागरिक को कथित अपहरणकर्ताओं के चंगुल से सुरक्षित बचा लिया है। पीड़ित मोहम्मद वसीम अकरम इंफाल हवाई अड्डे पर पहुंचे ही थे कि उनका अपहरण कर लिया गया था। हालांकि, उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए चलती गाड़ी का हैंडब्रेक खींच दिया और मौके से भागकर पास मौजूद सुरक्षाकर्मियों से मदद मांगी, जिसके बाद यह पूरा मामला सामने आया।

चलती गाड़ी से साहसिक फरारी और सुरक्षा बलों का एक्शन

मोइरांग पुलिस स्टेशन के कर्मियों ने 19 सितंबर को नारनसेना इलाके से मोहम्मद वसीम अकरम को सुरक्षित निकाला। यह इलाका इंफाल हवाई अड्डे से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पुलिस के अनुसार, जब अकरम को एक चार पहिया वाहन में ले जाया जा रहा था, तब उन्होंने वाहन का हैंडब्रेक खींच दिया, जिससे गाड़ी रुकी और वे बाहर कूदकर भागने में सफल रहे। इसके तुरंत बाद उन्होंने सुरक्षा बलों से संपर्क किया और आपबीती बताई।

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चालक गिरफ्तार, अन्य आरोपियों की तलाश तेज

इस पूरे मामले में पुलिस ने उस वाहन के चालक को गिरफ्तार कर लिया है, जिसमें अकरम को ले जाया जा रहा था। आधिकारिक पुलिस बयान के अनुसार, पकड़े गए चालक से सघन पूछताछ की जा रही है ताकि अपहरण में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान कर उन्हें दबोचा जा सके। हालांकि, पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि अकरम का अपहरण किस सटीक समय पर हुआ था, इस वारदात के पीछे क्या मकसद था या इसमें किसी खास गिरोह या संगठन का हाथ था।

तनावग्रस्त इलाकों में सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी

मणिपुर में मई 2023 से जातीय हिंसा भड़कने के बाद से ही सुरक्षा बल पूरे राज्य के सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में लगातार तलाशी अभियान और नियंत्रण अभ्यास चला रहे हैं। घाटी के मैतेई समुदाय और पहाड़ी इलाकों के कुकी समुदाय के बीच हुए इस जातीय संघर्ष में अब तक कम से कम 306 लोगों की जान जा चुकी है। इसके अलावा 49 लोग अब भी लापता हैं और हजारों नागरिकों को अपने घरों से विस्थापित होकर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है।

सवाल-जवाब

अपहरण की इस घटना में किसे बचाया गया?
सुरक्षा बलों ने पश्चिम बंगाल के निवासी मोहम्मद वसीम अकरम को कथित अपहरणकर्ताओं के चंगुल से बचाया।
पीड़ित का अपहरण कहां से हुआ था?
आधिकारिक पुलिस बयान के अनुसार, मोहम्मद वसीम अकरम का अपहरण इंफाल हवाई अड्डे पर उनके आगमन के समय हुआ था।
पीड़ित अपहरणकर्ताओं के चंगुल से कैसे भागे?
उन्होंने वाहन का हैंडब्रेक खींच दिया और गाड़ी रुकते ही वहां से भागकर सुरक्षा कर्मियों से मदद मांगी।
यह बचाव अभियान किस तारीख और स्थान पर हुआ?
मोइरांग पुलिस स्टेशन के कर्मियों ने 19 सितंबर को इंफाल हवाई अड्डे से करीब 40 किलोमीटर दूर नारनसेना क्षेत्र से उन्हें सुरक्षित निकाला।
पुलिस ने इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने वाहन के चालक को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य संदिग्धों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए जांच कर रही है।
क्या अपहरण के पीछे का कारण स्पष्ट हो पाया है?
पुलिस ने अभी तक अपहरण के पीछे का सटीक कारण, वारदात का सही समय या किसी समूह की संलिप्तता का खुलासा नहीं किया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Sandeep Yadav@sandeep-yadav·11 मिनट पहले

मणिपुर में मई 2023 से चल रही जातीय हिंसा के बीच, जहां अब तक 306 लोगों की जान जा चुकी है और 49 लोग लापता हैं, इस प्रकार की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती पेश करती हैं। मोहम्मद वसीम अकरम की यह सूझबूझ भले ही उनकी जान बचाने में कामयाब रही, लेकिन हवाई अड्डे जैसे संवेदनशील क्षेत्र के पास से इस तरह अपहरण होना यह दर्शाता है कि राज्य के संवेदनशील और सीमावर्ती इलाकों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर अभी भी भारी जोखिम बने हुए हैं।

Ravikash Gupta@ravikash·34 मिनट पहले

मणिपुर में सुरक्षा बलों द्वारा मोहम्मद वसीम अकरम की सुरक्षित वापसी राहत की बात है, लेकिन यह घटना मौजूदा संघर्ष के बीच बाहरी नागरिकों की सुरक्षा और कारोबारी आवाजाही पर गंभीर सवाल खड़े करती है। इस तरह की घटनाएं राज्य के संवेदनशील माहौल में व्यापारिक विश्वास को कमजोर करती हैं, जिससे निवेशकों और बाहर से आने वाले पेशेवरों में अनिश्चितता का माहौल बन सकता है। भविष्य में इस प्रकार के जोखिमों को टालने के लिए संवेदनशील मार्गों पर विशेष सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है。

Arjun Mehta@arjun-mehta·34 मिनट पहले

पश्चिम बंगाल के नागरिक की सुरक्षित रिहाई कानून-व्यवस्था की तत्परता को दर्शाती है, किंतु इस प्रकार की घटनाएं राज्य में आवाजाही और सामान्यीकरण के प्रयासों को बड़ा झटका देती हैं। जब तक संवेदनशील क्षेत्रों में परिवहन सुरक्षा को चाक-चौबंद नहीं किया जाता, तब तक बाहरी नागरिकों और पेशेवरों का विश्वास बहाल करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बना रहेगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·57 मिनट पहले

यह घटना संवेदनशील क्षेत्रों में बाहरी नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पीड़ित की सूझबूझ से भले ही एक बड़ी अनहोनी टल गई हो, लेकिन इंफाल हवाई अड्डे जैसे अतिसंवेदनशील स्थान के पास से अपहरण होना सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक को दर्शाता है। गिरफ्तार चालक से पूछताछ के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस वारदात के पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ था या यह जातीय हिंसा से जुड़ा कोई अन्य मामला है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए अब यह आवश्यक हो गया है कि वे अंतर-राज्यीय यात्रियों की सुरक्षा के लिए हवाई अड्डों और प्रमुख मार्गों पर खुफिया तंत्र को और अधिक मजबूत करें, ताकि भविष्य में ऐसे जोखिमों को समय रहते टाला जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·57 मिनट पहले

यह घटना दर्शाती है कि मणिपुर जैसे संघर्षग्रस्त राज्य में बुनियादी ढांचे और संवेदनशील मार्गों पर बाहरी नागरिकों की सुरक्षा कितनी बड़ी चुनौती बन चुकी है। चूंकि इस जातीय संघर्ष में पहले ही सैकड़ों लोग जान गंवा चुके हैं और जांच एजेंसियां अभी तक अपहरण के पीछे के सटीक मकसद का खुलासा नहीं कर पाई हैं, इसलिए यह जरूरी है कि पुलिस जल्द से जल्द गिरफ्तार चालक से कड़ाई से पूछताछ कर अन्य आरोपियों तक पहुंचे। यदि अंतर-राज्यीय यात्रियों की सुरक्षा के लिए खुफिया तंत्र को समय रहते और अधिक मजबूत नहीं किया गया, तो राज्य की छवि और कानून-व्यवस्था पर और अधिक गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं।

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