मणिपुर में बिजली की भारी किल्लत के चलते प्रशासन ने पूरे राज्य में अस्थायी तौर पर रोटेशनल बिजली कटौती लागू करने का फैसला किया है। मणिपुर स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने बुधवार को इस बात की जानकारी दी कि राज्य में मौजूदा समय में लगभग 90 MW बिजली की कमी बनी हुई है। बिजली बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में उनके पास केवल 180 MW बिजली की उपलब्धता है, जबकि राज्य में पीक आवर्स के दौरान कुल मांग 270 MW तक पहुंच जाती है। मांग और आपूर्ति के बीच के इस बड़े अंतर को पाटने के लिए यह कदम उठाना पड़ा है ताकि ट्रांसमिशन ग्रिड सुरक्षित रह सके।
कम बारिश और कोयले की किल्लत बनी बड़ी वजह
बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक एम. रवि सिंह की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि यह समस्या केवल एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कई अन्य हिस्से भी इसी तरह के बिजली संकट का सामना कर रहे हैं। हालांकि राज्य के पास बिजली खरीदने के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध है, फिर भी बाजार में पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण आपूर्ति सुचारू रूप से नहीं हो पा रही है। इस संकट के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं, जिनमें कम बारिश के कारण जलविद्युत उत्पादन में आई भारी गिरावट भी शामिल है। इसके अलावा, अल नीनो मौसम पैटर्न की अनियमितताओं ने भी हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स के उत्पादन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
कोयला संकट और बाजार में बिजली की सीमित उपलब्धता
जलविद्युत के साथ-साथ थर्मल पावर यानी तापीय विद्युत उत्पादन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिसकी मुख्य वजह कोयले के भंडारण और उसकी आपूर्ति में आने वाली रुकावटें हैं। ऊर्जा बाजार में बिजली की सीमित उपलब्धता ने इस स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया है। वितरण कंपनी का यह भी कहना है कि ग्रिड की स्थिरता बनाए रखने और पूरे सिस्टम को पूरी तरह ठप होने से बचाने के लिए यह कटौती एक जरूरी उपाय बन गई थी।
स्थिति से निपटने के लिए प्रयास जारी
वितरण कंपनी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, "यह ग्रिड स्थिरता बनाए रखने के लिए एक आवश्यक उपाय है।" अधिकारियों का यह भी कहना है कि राज्य सरकार के साथ मिलकर लगातार ऐसे विकल्पों पर विचार किया जा रहा है जिससे बिजली कटौती के समय को कम किया जा सके और जल्द से जल्द स्थिति को सामान्य बनाया जा सके। देश भर में चल रहे इस व्यापक ऊर्जा संकट के बीच राज्य प्रशासन सामान्य आपूर्ति बहाल करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।



















