त्रिपुरा के कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिला तोहफा, डीए बढ़कर हुआ 44 फीसदी और एचआरए में भी बढ़ोतरीबांदीकुई में डीएपी खाद के लिए मची भगदड़ में दो किसान बेहोश, 840 कट्टों के लिए घंटों कतार में खड़े रहे अन्नदातानोवाक जोकोविच ने जीता चाइना ओपन, करियर का 102वां एकल खिताब अपने नाम कियाबेडरूम में पूछा जाने वाला एक आम सवाल महिलाओं के चरमसुख में क्यों बन जाता है बड़ी रुकावटनाथन मैकस्वीनी के शतक और बियर्डमैन की तेज गेंदबाजी से पस्त हुआ भारत ए, पहले मुकाबले में मिली करारी शिकस्तनागालैंड में एनपीपी के चार विधायकों के पाला बदलने पर कॉनराड के संगमा ने जताई नाराजगीखाली समय में बच्चों के हाथ में स्क्रीन थमाने के बजाय विकसित करें खुद सोचने का हुनरनंदनी क्रिएशन के शेयरों में उछाल, जानिए जयपुर कुर्ती का प्रोजेक्ट 50 विस्तार प्लानउत्तर प्रदेश 2027 चुनाव: पीलीभीत में लगातार तीसरी जीत की फिराक में भाजपा, हिसाब बराबर करने की जुगत में जुटी सपाराष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हिली धरती, 4.4 रही भूकंप की तीव्रता
18 महीने के उच्च स्तर से फिसला अमेरिकी डॉलर इंडेक्स, 102 के नीचे आया डीएक्सवाईबाज़ार
6 अक्तू॰ 2026, 10:16 pm (57 मिनट पहले)· 0

18 महीने के उच्च स्तर से फिसला अमेरिकी डॉलर इंडेक्स, 102 के नीचे आया डीएक्सवाई

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 102.50 के 18 महीने के शिखर से गिरकर 102.00 के नीचे आ गया है, जबकि बॉन्ड यील्ड में गिरावट और कच्चे तेल में नरमी से वैश्विक बाजारों में जोखिम की भूख लौटी है।

DX-Y.NYB━SMA20 ━SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण6 अक्टूबर 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

DX-Y.NYB अभी $102 पर है, जबकि EMA20 $101, EMA50 $100 और EMA200 $99.51 पर हैं।

आगे संभावित चाल

EMA20 ($101) तक गिरावट पर खरीदार बचाव करते हैं।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स अपने 18 महीने के उच्चतम स्तर से फिसलकर नीचे आ गया है। सोमवार को 102.50 के पार पहुंचकर लंबी ऊपरी विक बनाने के बाद डॉलर इंडेक्स (डीएक्सवाई) मंगलवार को 102.00 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे लुढ़क गया। यह गिरावट सोमवार के निचले स्तर से भी नीचे दर्ज की गई, जिससे हालिया तेजी की रफ्तार धीमी पड़ती दिख रही है।

डॉलर इंडेक्स फिसलकर 101.75 के क्षेत्र तक आ गया, जो 9 सितंबर के 98.60 के निचले स्तर से शुरू हुई तेजी का पांचवां हिस्सा भी नहीं है। वर्तमान में इंडेक्स 101.85 के आसपास कारोबार कर रहा है। तकनीकी संकेतकों पर नजर डालें तो सितंबर के अंत से मोमेंटम इंडिकेटर्स नीचे की तरफ मुड़ते देखे गए हैं। इसके बावजूद इंडेक्स 100.35 के करीब स्थित अपने 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) से काफी ऊपर बना हुआ है। लाइव तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, 102.17 के पिछले बंद स्तर के मुकाबले इंडेक्स 101.87 पर 0.29 प्रतिशत की नरमी के साथ ट्रेड कर रहा है। 14-दिवसीय आरएसआई 67 पर है और 39 का एडीएक्स एक मजबूत ट्रेंड को दर्शाता है। दैनिक पिवट 101.97 पर है, जिसमें निकटतम सपोर्ट 101.66 और 101.44 पर तथा रेजिस्टेंस 102.19 और 102.50 पर स्थित है। 52-सप्ताह का दायरा 95.55 से 102.54 के बीच रहा है।

ये भी पढ़ें

बॉन्ड यील्ड में नरमी और यूरोपीय कर्ज लागत में राहत

वैश्विक कमोडिटी और कर्ज बाजार में भी बड़ा बदलाव देखा गया है। खाड़ी देशों से तेल का निर्यात बढ़ने के कारण ब्रेंट क्रूड फिसलकर 98 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया। कच्चे तेल की कीमतों में इस गिरावट के साथ ही यूरोप और अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में भी नरमी दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड में गिरावट का एक बड़ा कारण ग्रुप ऑफ सेवन (जी7) देशों द्वारा चार महीनों में 10 करोड़ बैरल का इमरजेंसी स्टॉक जारी करने का फैसला भी है। यह मात्रा युद्ध से पहले होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले लगभग पांच दिनों के तेल प्रवाह के बराबर है।

बॉन्ड यील्ड घटने का सबसे बड़ा लाभ फ्रांस को मिला है, जिससे उसकी उधारी लागत में कमी आई है। जर्मनी के मुकाबले फ्रांस के 10-वर्षीय कर्ज पर निवेशकों द्वारा मांगा जाने वाला अतिरिक्त यील्ड शुक्रवार के 1.5 प्रतिशत से घटकर लगभग 1.3 प्रतिशत अंक रह गया। इसके चलते यूरो ने भी अपने निचले स्तर से शानदार वापसी की है।

इक्विटी बाजारों में नई ऊंचाई पर एसएंडपी 500

डॉलर और बॉन्ड यील्ड में नरमी के बीच निवेशक जोखिम भरी संपत्तियों की खरीदारी कर रहे हैं, जिससे वॉल स्ट्रीट पर एसएंडपी 500 नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, बाजार की यह रिकॉर्ड तेजी काफी सीमित शेयरों पर टिकी है। एनवीडिया (NVDA), एप्पल (AAPL) और माइक्रोसॉफ्ट (MSFT) मिलकर अब एसएंडपी 500 के कुल भारांक का 21 प्रतिशत से अधिक हिस्सा बनाते हैं। इसके विपरीत, छोटी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाला रसेल 2000 इंडेक्स बमुश्किल ही बढ़त हासिल कर पाया है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था में अमेरिकी डॉलर की भूमिका और मौद्रिक नीति

अमेरिकी डॉलर संयुक्त राज्य अमेरिका की आधिकारिक मुद्रा है और दुनिया के कई देशों में स्थानीय नोटों के समानांतर व्यावहारिक मुद्रा के रूप में चलन में है। 2022 के आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक विदेशी मुद्रा कारोबार में 88 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी अमेरिकी डॉलर की है, जो प्रतिदिन औसतन 6.6 ट्रिलियन डॉलर के लेनदेन के बराबर है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद डॉलर ने ब्रिटिश पाउंड की जगह दुनिया की प्राथमिक आरक्षित मुद्रा का दर्जा हासिल किया। 1971 के ब्रेटन वुड्स समझौते और गोल्ड स्टैंडर्ड समाप्त होने से पहले तक डॉलर सोने द्वारा समर्थित था।

डॉलर के मूल्य को निर्धारित करने वाला सबसे प्रमुख कारक फेडरल रिजर्व (फेड) की मौद्रिक नीति है। फेडरल रिजर्व के दो मुख्य अधिदेश हैं, जिनमें मूल्य स्थिरता (मुद्रास्फीति नियंत्रण) और अधिकतम रोजगार सुनिश्चित करना शामिल है। इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए फेड ब्याज दरों का इस्तेमाल करता है। जब मुद्रास्फीति फेड के 2 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर निकल जाती है, तो वह ब्याज दरों में वृद्धि करता है, जिससे डॉलर को मजबूती मिलती है। इसके उलट, जब मुद्रास्फीति 2 प्रतिशत से नीचे आ जाती है या बेरोजगारी दर बढ़ जाती है, तो फेड ब्याज दरों में कटौती करता है, जिसका दबाव डॉलर पर पड़ता है।

क्वांटिटेटिव ईजिंग और क्वांटिटेटिव टाइटनिंग का तंत्र

अत्यधिक आर्थिक संकट की स्थिति में फेडरल रिजर्व अतिरिक्त डॉलर छापकर क्वांटिटेटिव ईजिंग (क्यूई) लागू कर सकता है। क्यूई एक गैर-पारंपरिक नीतिगत उपाय है, जिसका उपयोग तब किया जाता है जब बैंकों द्वारा एक-दूसरे को कर्ज न देने के कारण वित्तीय प्रणाली में तरलता रुक जाती है। यह कदम केवल ब्याज दरों में कटौती के अप्रभावी रहने पर उठाया जाता है, जैसा कि 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान क्रेडिट क्रंच से निपटने के लिए किया गया था। इस प्रक्रिया में फेड वित्तीय संस्थानों से सरकारी बॉन्ड खरीदता है, जिससे आमतौर पर डॉलर कमजोर होता है।

इसके विपरीत, क्वांटिटेटिव टाइटनिंग (क्यूटी) वह प्रक्रिया है जिसमें फेडरल रिजर्व वित्तीय संस्थानों से बॉन्ड खरीदना बंद कर देता है और परिपक्व हो चुके बॉन्ड के मूलधन का पुनर्निवेश नहीं करता। यह प्रक्रिया सामान्य तौर पर अमेरिकी डॉलर के लिए सकारात्मक मानी जाती है।

प्रमुख करेंसी जोड़ों और वित्तीय संपत्तियों का हाल

अन्य प्रमुख संपत्तियों और मुद्राओं के बाजार में भी व्यापक हलचल दर्ज की गई है

  • ऑस्ट्रेलियन डॉलर (AUD/USD): मंगलवार को एशियाई सत्र में एयूडी/यूएसडी थोड़ा कमजोर होकर पिछले सप्ताह के दो महीने के निचले स्तर से हुई दो दिवसीय रिकवरी को रोक बैठा। फिक्स्ड इनकम बाजार में बिकवाली से अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बहु-वर्षीय उच्च स्तरों के करीब बनी हुई है, जिससे अक्टूबर फेड बढ़ोतरी की कम होती संभावनाओं के बावजूद डॉलर को समर्थन मिला। हालांकि, इस महीने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (आरबीए) द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीदें ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सहारा दे सकती हैं।
  • जापानी येन (USD/JPY): यूरोपीय सुबह के सत्र में यूएसडी/जेपीवाई 158.00 के पार निकल गया। बैंक ऑफ जापान (बीओजे) की सख्ती की उम्मीदों और हस्तक्षेप के जोखिमों के बावजूद येन दबाव में है। डॉलर के मुकाबले येन 158.00 के करीब बना हुआ है, जबकि इस सप्ताह जापान के महत्वपूर्ण आंकड़े आने हैं और बीओजे की समयसीमा अभी भी अनिश्चित है।
  • सोना: सोमवार की हल्की बढ़त को आगे बढ़ाते हुए सोने की कीमतों में सुधार दिखा, हालांकि मंगलवार को यह 4,200 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के प्रमुख स्तर को दोबारा हासिल करने के लिए संघर्ष करता नजर आया। डॉलर में नए सिरे से कमजोरी और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट से सोने को सहारा मिला है।
  • क्रिप्टोकरेंसी: बिटकॉइन 85,837 डॉलर पर कारोबार करते हुए मजबूत तेजी का रुख बनाए हुए है। एथेरियम 2,700 डॉलर के ऊपर सीमित दायरे में बना हुआ है, जबकि रिपल 1.50 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर के आसपास घूम रहा है।
  • यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ईसीबी): मुद्रास्फीति लक्ष्य से लगभग दोगुनी रहने के कारण ईसीबी के सामने ब्याज दरें बढ़ाने का पारंपरिक विकल्प है, लेकिन बॉन्ड बाजार द्वारा पहले से ही सख्ती किए जाने से केंद्रीय बैंक एक कठिन दुविधा का सामना कर रहा है।

सवाल-जवाब

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) 18 महीने के उच्चतम स्तर से गिरकर कहां आ गया है?
डॉलर इंडेक्स सोमवार के 102.50 के उच्च स्तर से गिरकर 102.00 के नीचे आ गया है और 101.85 के आसपास कारोबार कर रहा है।
ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
जी7 देशों द्वारा 10 करोड़ बैरल आपातकालीन स्टॉक जारी करने और खाड़ी देशों से निर्यात बढ़ने से ब्रेंट क्रूड 98 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गया।
एसएंडपी 500 में किन कंपनियों की हिस्सेदारी 21 प्रतिशत से अधिक हो गई है?
एनवीडिया, एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट मिलकर अब एसएंडपी 500 के कुल भारांक का 21 प्रतिशत से अधिक हिस्सा बनाते हैं।
वैश्विक मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की कितनी हिस्सेदारी है?
2022 के आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक विदेशी मुद्रा कारोबार में 88 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अमेरिकी डॉलर का है, जो प्रतिदिन औसतन 6.6 ट्रिलियन डॉलर का लेनदेन है।
क्वांटिटेटिव ईजिंग (QE) क्या है और इसका डॉलर पर क्या असर होता है?
क्वांटिटेटिव ईजिंग के तहत केंद्रीय बैंक वित्तीय संस्थानों से बॉन्ड खरीदकर वित्तीय प्रणाली में नकदी बढ़ाता है, जिससे आमतौर पर डॉलर कमजोर होता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·14 मिनट पहले

डॉलर का गिरना तो ठीक है, पर टेक शेयरों के भरोसे मार्केट का यूं रिकॉर्ड बनाना लंबे समय तक टिकेगा नहीं।

Divya Reddy@divya-reddy·14 मिनट पहले

रविकेश जी, आपकी बात सही है। जब मैं विदेश में पढ़ रही थी, तब मेरे एक विदेशी सहपाठी ने कहा था कि जब कुछ ही बड़ी कंपनियों पर सारा बाजार टिका हो, तो एक झटका पूरे सिस्टम को हिला देता है।

Michael Anderson@michael-anderson·34 मिनट पहले

डिफेंस शेयरों और कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव के बीच डॉलर का इस तरह फिसलना क्या सच में वैश्विक बाजारों में बड़ी राहत का संकेत है या यह महज एक अस्थायी हलचल है?

Rohan Gupta@rohan-gupta·34 मिनट पहले

मैيكل, बात तो सही है। जब एनवीडिया, ऐपल और माइक्रोसॉफ्ट जैसे टेक जायंट्स अकेले ही एसएंडपी 500 का 21% हिस्सा संभाल रहे हों, तो डॉलर का गिरना और यील्ड घटना एक अस्थायी हलचल ही लगता है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp