कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार संतुलन में अगस्त के दौरान एक बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है, जहां व्यापार खाता बढ़कर 4.2 अरब डॉलर के अधिशेष में पहुंच गया। ऊर्जा उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आई जोरदार तेजी और महीने के अंत में संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा लागू किए गए नए सीमा शुल्कों से पहले निर्यातकों द्वारा भेजी गई खेपों की होड़ ने इस आंकड़े को ऊपर उठाने में केंद्रीय भूमिका निभाई है। रॉयल बैंक ऑफ कनाडा के नाथन जैनजेन के अनुसार, मासिक व्यापारिक आंकड़े सामान्य तौर पर काफी उतार-चढ़ाव भरे होते हैं, लेकिन हालिया आंकड़े मजबूत ऊर्जा निर्यात, गैर-शुल्क व्यापार प्रवाह के लचीलेपन और देश के भीतर सुधरती मांग की स्पष्ट तस्वीर पेश करते हैं।
ऊर्जा निर्यात और रिफाइंड उत्पादों में जोरदार उछाल
व्यापार संतुलन को सहारा देने में सबसे बड़ा योगदान ऊर्जा क्षेत्र से आया। अगस्त महीने में तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की ऊंची कीमतों ने व्यापारिक संतुलन को मजबूत आधार दिया। यदि सितंबर के परिदृश्य पर नजर डाली जाए, तो ऊर्जा की कीमतों में यह तेजी लगातार जारी रही और कच्चे तेल की दरों में 16 प्रतिशत की और बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इसके साथ ही, वैश्विक स्तर पर रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की किल्लत ने भी कनाडाई ऊर्जा निर्यात को उल्लेखनीय गति प्रदान की है। मूल्य प्रभावों को अलग करके देखा जाए, तो डीजल जैसे रिफाइंड उत्पादों के निर्यात परिमाण में अगस्त के दौरान 13 प्रतिशत की ठोस बढ़त देखी गई।
अमेरिकी सीमा शुल्क और गैर-शुल्क व्यापारिक प्रवाह
अगस्त के अंतिम चरण में अमेरिकी प्रशासन की ओर से नए शुल्क लगाए गए थे। इन शुल्कों के प्रभावी होने से ठीक पहले अमेरिकी बाजार में कनाडाई सामानों के निर्यात में तेज उछाल देखा गया। हालांकि, केवल शुल्क के डर से पहले भेजा गया माल ही इस तेजी की वजह नहीं था। शुल्क के दायरे में आने वाले उत्पादों और ऊर्जा वस्तुओं को अलग करने के बाद भी, संयुक्त राज्य अमेरिका को होने वाले वार्षिक निर्यात में लगभग 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
रॉयल बैंक ऑफ कनाडा के विश्लेषण के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन द्वारा लगाए गए नए शुल्कों का उन विशिष्ट क्षेत्रों पर गहरा और प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ेगा जिन्हें सीधे तौर पर लक्षित किया गया है। लेकिन व्यापक आर्थिक तस्वीर काफी हद तक स्थिर बनी रहने की उम्मीद है। इसका प्रमुख कारण यह है कि CUSMA समझौते के तहत संयुक्त राज्य अमेरिका को भेजे जाने वाले कनाडा के 80 प्रतिशत से अधिक निर्यात को अब भी शुल्क मुक्त पहुंच प्राप्त है। इसी वजह से व्यापक राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर इसके नकारात्मक प्रभाव सीमित रहने का अनुमान है, साथ ही प्रति व्यक्ति आधार पर क्रमिक सुधार की संभावना जताई जा रही है।
घरेलू मांग में सक्रियता के सकारात्मक संकेत
कनाडा के घरेलू बाजार के भीतर भी आर्थिक गतिविधियों में सकारात्मक लक्षण दिखाई दे रहे हैं। मूल्य प्रभावों को हटाकर गणना करने पर समग्र आयात परिमाण में 1.7 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके बावजूद, व्यावसायिक निवेश के प्रमुख संकेतक माने जाने वाले मशीनरी और उपकरणों के आयात में बढ़ोतरी दर्ज की गई।
उपभोक्ता मांग के प्रमुख बैरोमीटर के रूप में देखे जाने वाले उपभोक्ता वस्तुओं के आयात में भी तेजी आई है। व्यावसायिक पूंजीगत व्यय और उपभोक्ता खर्च से जुड़े इन दोनों क्षेत्रों में आई यह मजबूती यह दर्शाती है कि घरेलू मांग धीरे-धीरे अपने पैर जमा रही है।
वैश्विक मुद्रा बाजार और बांड यील्ड की हलचल
कनाडाई व्यापार आंकड़ों के साथ-साथ वैश्विक वित्तीय बाजारों में भी कई महत्वपूर्ण गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान AUD/USD में हल्की गिरावट दर्ज की गई, जिससे पिछले सप्ताह छुए गए दो महीने के निचले स्तर से शुरू हुई दो दिवसीय रिकवरी की रफ्तार थम गई। फिक्स्ड इनकम बाजार में जारी बिकवाली के कारण अमेरिकी बांड यील्ड बहु-वर्षीय उच्च स्तर के करीब बनी हुई है। फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ाने की घटती संभावनाओं के बावजूद, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और ऊंची यील्ड ने अमेरिकी डॉलर को मजबूती प्रदान की है। दूसरी ओर, रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा चालू महीने में एक और दर वृद्धि की उम्मीद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए मददगार साबित हो सकती है।
यूरोपीय सत्र की शुरुआत में USD/JPY वापस 158.00 के स्तर से ऊपर निकल गया। बैंक ऑफ जापान द्वारा दरों को लेकर सख्त रुख की उम्मीदों और संभावित हस्तक्षेप के जोखिमों के बावजूद जापानी येन में कोई खास मजबूती नहीं दिखी। जापानी आंकड़ों से भरे व्यस्त सप्ताह और केंद्रीय बैंक की अस्पष्ट समय-सारणी के बीच येन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 158.00 के आसपास कारोबार कर रहा है।
सोना, क्रिप्टोकरेंसी और केंद्रीय बैंकों का संकट
अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई गिरावट से डॉलर पर दबाव बढ़ा, जिसका सीधा लाभ सोने को मिला। एशियाई कारोबारी घंटों में 4,104 डॉलर के दो महीने के निचले स्तर तक फिसलने के बाद XAU/USD सुधरकर 4,173 डॉलर के करीब कारोबार करने लगा, जो दिन के आधार पर 0.82 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन तेजी के रुख के साथ 85,837 डॉलर पर कारोबार करता दिखा, जहां विक्रेता इस रुझान को मोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं अन्य संपत्तियों में मिला-जुला रुख रहा; एथेरियम 2,700 डॉलर के ऊपर सीमित दायरे में बना रहा और एक्सआरपी 1.50 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर के आसपास टिका रहा। यूरोपीय मोर्चे पर, लक्ष्य से लगभग दोगुनी चल रही मुद्रास्फीति से निपटने के लिए सामान्य परिस्थितियों में ब्याज दरें बढ़ाना सीधा उपाय होता, लेकिन वर्तमान में बांड बाजार स्वयं आंशिक रूप से नीति को कड़ा कर रहा है, जिससे यूरोपीय सेंट्रल बैंक के सामने एक जटिल दुविधा खड़ी हो गई है।

















