अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर एक बार फिर अपनी ताकत दिखा रहा है, जहां प्रमुख मुद्राओं की तुलना में ग्रीनबैक में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की गई है। सोमवार को यूरोपीय कारोबारी घंटों के दौरान यूएस डॉलर इंडेक्स (DXY) 102.53 के स्तर तक जा पहुंचा, जो पिछले लगभग 18 महीनों का उच्चतम स्तर है। हालांकि इस ऊंचाई को छूने के बाद इंडेक्स में हल्का करेक्शन देखा गया और यह 102.20 के आसपास कारोबार करता दिखा। पिछले कारोबारी सत्र में आई मामूली गिरावट के बाद डॉलर में यह उछाल वैश्विक वित्तीय बाजारों में सुरक्षित निवेश की मांग और व्यापक भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच आया है। छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की बास्केट के मुकाबले डॉलर की मजबूती का रुख अल्पावधि में सकारात्मक बना हुआ है।
तकनीकी संकेतकों पर बना ओवरबॉट का दबाव
दैनिक तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो डॉलर इंडेक्स की मौजूदा चाल एक असेंडिंग वेज पैटर्न के भीतर आगे बढ़ रही है। सामान्य तौर पर यह ढांचा तेजी के अस्थायी जारी रहने का संकेत देता है, लेकिन जब कीमतें पैटर्न के शीर्ष पर पहुंचती हैं या इसके निचले समर्थन स्तर को तोड़ती हैं, तो मंदी के उलटफेर या सुधारात्मक गिरावट की आशंका बन जाती है। इस समय 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 76.30 पर पहुंच चुका है, जो बाजार में ओवरबॉट यानी अत्यधिक खरीदारी की स्थिति को स्पष्ट करता है। लाइव तकनीकी आंकड़ों के अनुसार भी RSI 74 के आसपास दर्ज किया जा रहा है, जिससे संकेत मिलता है कि मौजूदा स्तरों पर कुछ समय के लिए तेजी की रफ्तार थम सकती है।
मूविंग एवरेज के मोर्चे पर स्थिति अभी भी खरीदारों के पक्ष में नजर आ रही है। DXY वर्तमान में अपने 9-पीरियड और 50-पीरियड एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) दोनों से काफी ऊपर बना हुआ है। छोटी अवधि के मूविंग एवरेज का लंबी अवधि के औसत से ऊपर टिके रहना इस बात की पुष्टि करता है कि अल्पकालिक रुझान मजबूत बना हुआ है। इसके अलावा 50-पीरियड EMA का 200-पीरियड EMA से ऊपर होना दीर्घकालिक तेजी का समर्थन करता है। 20-दिन के आधार पर बोलिंजर बैंड्स 98.40 से 102.63 के दायरे में फैले हैं, जबकि मौजूदा मूल्य इसी दायरे के भीतर रहते हुए ऊपरी सीमा के करीब चुनौती पेश कर रहा है।
चार्ट पर समर्थन और प्रतिरोध के अहम स्तर
ऊपरी स्तरों पर डॉलर इंडेक्स के लिए पहला बड़ा परीक्षण एशियाई सत्र में बना 102.53 का स्तर है, जो असेंडिंग वेज पैटर्न की ऊपरी सीमा से मेल खाता है। यदि खरीदारी का रुझान आगे भी बना रहता है तो प्रतिरोध स्तर R1 102.53 और उसके बाद R2 102.87 की ओर नजरें जा सकती हैं। 52-सप्ताह के ऐतिहासिक दायरे में यह 95.55 से 102.54 के बीच रहा है, जिससे साफ है कि डॉलर अपने वार्षिक शिखर के बेहद करीब कारोबार कर रहा है।
दूसरी ओर, नीचे की तरफ पहला प्रमुख सहारा 9-दिवसीय EMA पर 101.49 के पास स्थित है, जो असेंडिंग वेज की निचली सीमा से बिल्कुल सटा हुआ है। यदि सूचकांक इस वेज के निचले स्तर को तोड़कर नीचे आता है, तो एक मंदी का उलटफेर शुरू हो सकता है। ऐसी स्थिति में बिकवाली का दबाव गहराने पर डॉलर इंडेक्स 50-दिवसीय EMA यानी 100.30 के स्तर की जांच कर सकता है। अगर गिरावट का यह सिलसिला और तेज होता है, तो 20 अगस्त को दर्ज किया गया चार महीने का निचला स्तर 98.56 फिर से परीक्षण के दायरे में आ सकता है। दैनिक अस्थिरता को मापने वाला 14-दिवसीय एटीआर (ATR) 0.48 पर बना हुआ है, जिसे बाजार प्रतिभागी स्टॉप-लॉस बफर के रूप में देख रहे हैं।
वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले डॉलर का दबदबा
मुद्राओं के आपसी प्रदर्शन पर नजर डालें तो अमेरिकी डॉलर सबसे ज्यादा बढ़त यूरो के मुकाबले बनाता दिखा है। EUR/USD गिरकर मई 2025 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। इस जोड़ी ने बुधवार को 1.1312 का निचला स्तर छुआ था और यह जनवरी के अपने 1.2082 के शिखर से काफी नीचे कारोबार कर रही है। यूरो में आई यह भारी गिरावट डॉलर की मजबूती के साथ-साथ ऊर्जा कीमतों में उछाल और यूरोप की आर्थिक संवेदनशीलता को दर्शाती है।
दूसरी तरफ, एशियाई व्यापार में AUD/USD पर भी नया बिकवाली दबाव बना और यह 0.6900 के स्तर की ओर फिसल गया। मिडिल ईस्ट और रूस-यूक्रेन के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव ने जोखिम वाली मुद्राओं पर दबाव बनाए रखा है। बाजार प्रतिभागी अब तेल की कीमतों, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के रुख पर टकटकी लगाए हुए हैं। जापानी मुद्रा के मोर्चे पर, USD/JPY अपनी शुरुआती गिरावट को मिटाते हुए एशियाई सत्र में 158.00 के स्तर को दोबारा हासिल करने में कामयाब रहा। हालांकि बैंक ऑफ जापान (BoJ) की सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों और मुद्रा हस्तक्षेप के जोखिम के चलते इस जोड़ी की ऊपरी बढ़त पर सीमित दायरा रहने का अनुमान है।
कमोडिटी और क्रिप्टो बाजार की चाल
सोने के बाजार में भी डॉलर की मजबूती का व्यापक असर देखने को मिला। सोने की कीमतें यूरोपीय सत्र की शुरुआत से पहले 4,150 डॉलर प्रति औंस के नीचे सीमित दायरे में कारोबार करती रहीं। निवेशक पिछले शुक्रवार को आए निराशाजनक अमेरिकी रोजगार आंकड़ों को पीछे छोड़ चुके हैं और अप्रैल 2025 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंचे डॉलर के कारण सोने की बढ़त थमी हुई है। हालांकि फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों के कमजोर पड़ने से सोने की कीमतों को निचले स्तरों पर सहारा मिल रहा है।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में BNB (जिसे पहले बिनांस कॉइन के नाम से जाना जाता था) लगातार तीन हफ्तों की बढ़त के बाद सोमवार को 790 डॉलर के आसपास थोड़ा कमजोर होकर कारोबार करता दिखा। इसके बावजूद डेरिवेटिव बाजार में ओपन इंटरेस्ट का बढ़ना और फंडिंग रेट का सकारात्मक रहना यह दर्शाता है कि वायदा कारोबारियों के बीच अभी भी तेजी की स्थिति मजबूत बनी हुई है।
आर्थिक आंकड़ों और सेवा क्षेत्र पर नजर
व्यापक आर्थिक मोर्चे पर बाजार की निगाहें इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट (ISM) द्वारा जारी किए जाने वाले सितंबर के सेवा क्षेत्र के आंकड़ों पर टिकी हैं। आम सहमति यह मान रही है कि यह आंकड़ा अगस्त के 55.4 से मामूली बढ़कर 55.7 पर आ सकता है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो इससे अमेरिकी सेवा क्षेत्र की मजबूती और अर्थव्यवस्था में भरोसे का संकेत मिलेगा, जो डॉलर को बुनियादी स्तर पर सहारा दे सकता है।

















