वैश्विक मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड ने मंगलवार के कारोबारी सत्र के दौरान अपनी स्थिति काफी मजबूत की है। विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर की बहु-महीनों की ऊंचाई से आई गिरावट के बीच पाउंड में करीब 0.40% की बढ़त दर्ज की गई। मुद्रा जोड़ी GBP/USD इस समय 1.3281 के स्तर पर कारोबार कर रही है। बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की सदस्य कैथरीन मान के सख्त बयानों ने पाउंड को मजबूत सहारा दिया है, जबकि अमेरिका के बढ़ते व्यापार घाटे ने अमेरिकी डॉलर पर सीधा दबाव बनाया है।
डॉलर इंडेक्स पर दबाव और जोखिम धारणा में बदलाव
वैश्विक वित्तीय बाजारों में जोखिम लेने की धारणा में सुधार होने के कारण अमेरिकी मुद्रा को नुकसान झेलना पड़ा है। छह प्रमुख प्रतिस्पर्धी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर के प्रदर्शन को मापने वाला यूएस डॉलर इंडेक्स (DXY) 0.31% गिरकर 101.78 के स्तर पर आ गया है। इस गिरावट से यूरोपीय और ब्रिटिश मुद्राओं को तेजी हासिल करने में मदद मिली है। इसके अलावा, मध्य पूर्व में जारी संघर्ष का असर भी व्यापक बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। यमन की सेना और हूती विद्रोहियों के बीच लाल सागर में जहाजों की आवाजाही सामान्य करने और बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य पर दोबारा नियंत्रण को लेकर गोलाबारी तेज हो गई है। भू-राजनीतिक तनावों के बीच ऊर्जा कीमतों में नरमी आई, जिससे अमेरिकी कच्चे तेल का बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 0.59% गिरकर 88.75 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
अमेरिका का रिकॉर्ड व्यापार घाटा और श्रम बाजार का रुख
आर्थिक आंकड़ों के मोर्चे पर संयुक्त राज्य अमेरिका से जारी व्यापार घाटे के आंकड़ों ने निवेशकों को निराश किया। अगस्त महीने में अमेरिका के आयात में भारी उछाल आया और यह रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया। इस वजह से मेक्सिको सहित कम से कम तीन प्रमुख साझेदार देशों के साथ अमेरिका का वस्तुओं का व्यापार घाटा रिकॉर्ड ऊंचाई पर दर्ज किया गया। कुल व्यापार घाटा -105.6 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो कि विश्लेषकों के -102 अरब डॉलर के अनुमान से काफी अधिक खराब रहा। हालांकि, श्रम बाजार के मोर्चे पर स्थिति मजबूत बनी रही। एडीपी रोजगार परिवर्तन के चार हफ्तों का औसत पिछले हफ्ते के 22.5K से सुधरकर 23.75K पर पहुंच गया।
कैथरीन मान का बयान और बैंक ऑफ इंग्लैंड की आगामी बैठक
ब्रिटेन के आर्थिक कैलेंडर में मंगलवार को बहुत अधिक आंकड़े नहीं थे, लेकिन बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति समिति की सदस्य कैथरीन मान की टिप्पणियों ने पूरे बाजार का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कैथरीन मान ने स्पष्ट रूप से कहा कि ब्रिटेन में मुद्रास्फीति अब अर्थव्यवस्था में काफी गहराई तक अपनी जड़ें जमा चुकी है। उनके इस आक्रामक रुख ने ब्रिटिश मुद्रा को मजबूती प्रदान की। अब विदेशी मुद्रा बाजार के ट्रेडर्स की नजरें बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर एंड्रयू बेली पर टिक गई हैं, जो गुरुवार को अपना संबोधन देने वाले हैं। प्राइम टर्मिनल के आंकड़ों के अनुसार, मध्य पूर्व संकट के लंबा खिंचने और ऊर्जा कीमतों के दबाव के चलते मुद्रा बाजार नवंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की 87% संभावना मानकर चल रहा है।
तकनीकी स्तर और प्रमुख सपोर्ट व रेजिस्टेंस
चार्ट संरचना के आधार पर GBP/USD के लिए तत्काल ऊपरी रुकावट 1.3304 के आसपास दिख रही है, जो पहले टूटी प्राथमिक अवरोही ट्रेंड लाइन का स्तर है। इसके बाद द्वितीयक गिरावट रेजिस्टेंस 1.3428 के आसपास और व्यापक एसएमए क्लस्टर 1.3451 के निकट प्रतिरोध का काम कर रहा है। नीचे की ओर, मौजूदा बढ़त वाली संरचना 1.3159 के आसपास पहली तकनीकी सहायता प्रदान करती है। यदि वर्तमान 1.3276 का धुरी बिंदु टूटता है, तो मध्यम अवधि का मजबूत आधार 1.3140 के करीब मौजूद है, जहां खरीदार दोबारा सक्रिय हो सकते हैं। लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, क्लोजिंग बेल सत्र में GBP/USD की कीमत 1.33 पर चल रही है, जो पिछले 1.32 के बंद भाव के मुकाबले 0.22% ऊपर है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 1.30 से 1.38 के बीच रहा है। तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय आरएसआई 40 पर है, जबकि एमएसीडी -0.01 पर है। 20-दिवसीय ईएमए 1.33, 50-दिवसीय ईएमए 1.34 और 200-दिवसीय ईएमए 1.34 के स्तर पर हैं। बॉलिंजर बैंड 1.31 से 1.36 के बीच बना हुआ है, जबकि एडीएक्स 33 पर ट्रेंडिंग स्थिति दर्शा रहा है। स्टोकैस्टिक फास्ट लाइन 40 और सिग्नल लाइन 22 पर स्थित है, तथा दैनिक अस्थिरता एटीआर 0.01 दर्ज की गई है। 20-दिवसीय तकनीकी स्तरों में सपोर्ट 1.32 और रेजिस्टेंस 1.36 के आसपास बना हुआ है।
अन्य वैश्विक मुद्राओं और परिसंपत्तियों की स्थिति
मंगलवार को प्रमुख मुद्राओं में ब्रिटिश पाउंड ने जापानी येन के मुकाबले सबसे मजबूत प्रदर्शन किया। वहीं ऑस्ट्रेलियाई डॉलर एशियाई सत्र के दौरान फिसल गया और पिछले सप्ताह के दो महीने के निचले स्तर से शुरू हुई दो दिवसीय रिकवरी थम गई। अमेरिकी फिक्स्ड इनकम बाजार में बिकवाली जारी रहने से बॉन्ड यील्ड बहु-वर्षीय उच्च स्तर पर बनी हुई है, जो डॉलर को समर्थन दे रही है। हालांकि ऑस्ट्रेलियाई रिजर्व बैंक (RBA) द्वारा इस महीने संभावित ब्याज दर वृद्धि की उम्मीदें ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए मददगार साबित हो सकती हैं। दूसरी ओर, USD/JPY यूरोपीय सुबह के दौरान 158.00 के स्तर से ऊपर निकल गया, क्योंकि बैंक ऑफ जापान की संभावित सख्ती या हस्तक्षेप के संकेतों के बावजूद जापानी येन में तेजी नहीं बन सकी। पीली धातु सोना भी सोमवार की हल्की बढ़त को आगे बढ़ाने में संघर्ष करता दिखा और 4,200 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अहम स्तर को दोबारा हासिल नहीं कर पाया। क्रिप्टो बाजार में बिटकॉइन ने 85,837 डॉलर पर कारोबार करते हुए तेजी का रुझान बनाए रखा, जबकि एथेरियम 2,700 डॉलर के ऊपर और रिपल 1.50 डॉलर के स्तर के आसपास स्थिर रुख में कारोबार करते नजर आए। इसके अलावा, यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के सामने भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है, जहां महंगाई लक्ष्य से दोगुनी रहने पर सामान्यतः दरें बढ़ाई जाती हैं, लेकिन मौजूदा समय में बॉन्ड बाजार खुद वित्तीय स्थितियों को कड़ा कर रहा है।
























