भारतीय बाजारों में बड़ी गिरावट
19 जून को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई, जिससे प्रमुख सूचकांकों में मंदी देखने को मिली। सेंसेक्स 696 अंक लुढ़क कर 76,713 पर आ गया, वहीं निफ्टी में 200 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 23,974 पर कारोबार कर रहा था। इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर सूचना प्रौद्योगिकी (IT) सेक्टर पर पड़ा, जहां निफ्टी IT इंडेक्स 5% से ज्यादा फिसल गया। बाजार में आई इस अप्रत्याशित गिरावट ने कई निवेशकों को सोचने पर मजबूर कर दिया कि ईरान-US समझौते और कच्चे तेल की कीमतों में कमी जैसी सकारात्मक वैश्विक खबरों के बावजूद बाजार क्यों गिरा।
Accenture की चुनौतियां बनीं वैश्विक IT सेक्टर की चिंता
इस बड़ी बाजार गिरावट की मुख्य वजह वैश्विक IT दिग्गज कंपनी Accenture के शेयरों में आई भारी गिरावट थी। कंपनी के शेयर रातोंरात लगभग 18% टूट गए। Accenture ने FY26 के लिए अपने राजस्व वृद्धि (रेवेन्यू ग्रोथ) के अनुमान को घटा दिया है और साथ ही वेस्ट एशिया (Middle East) से कारोबार पर बढ़ते दबाव की चेतावनी भी दी है। इस घटनाक्रम का सीधा असर भारतीय IT कंपनियों के ADRs पर भी पड़ा, जिससे घरेलू IT सेक्टर में कमजोरी बढ़ गई। निवेशकों को अब इस बात की चिंता सता रही है कि वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी खर्च में सुधार अभी भी धीमा रह सकता है।
Accenture के वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य के अनुमान
Accenture का तीसरी तिमाही (Q3) का राजस्व 18.7 अरब डॉलर रहा, जो अनुमानों के काफी करीब था। प्रति शेयर कमाई (EPS) भी बाजार की उम्मीदों से बेहतर रही। हालांकि, कंपनी द्वारा FY26 के लिए राजस्व वृद्धि के अनुमान को घटाने के फैसले ने इन सकारात्मक आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया। Accenture ने इस कटौती के पीछे कमजोर मांग और मिडिल ईस्ट में कारोबार संबंधी चुनौतियों को मुख्य कारण बताया है। कंपनी को मिले नए ऑर्डर (Bookings) भी घटकर 19.3 अरब डॉलर रह गए, जबकि एक साल पहले यह आंकड़ा 19.7 अरब डॉलर था। इन्हीं संयुक्त कारकों के चलते निवेशकों की चिंता बढ़ी और Accenture के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली।
अमेरिकी बाजारों से मिले-जुले संकेत
एशियाई बाजारों के विपरीत, अमेरिकी शेयर बाजार में गुरुवार को मजबूत रिकवरी देखने को मिली। यह बढ़ोतरी अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (Fed) द्वारा अपनी FOMC बैठक में ब्याज दरों को फिलहाल स्थिर रखने के फैसले के बाद आई। हालांकि दरों को अपरिवर्तित रखा गया, फेड ने 2026 में दरों में बढ़ोतरी के संकेत भी दिए। इस सकारात्मक माहौल में S&P 500 इंडेक्स 1% से अधिक की बढ़त के साथ 7,500.58 पर बंद हुआ, वहीं Nasdaq भी 1% से ज्यादा उछल कर बंद हुआ। Dow Jones Industrial Average भी 72.15 अंक यानी 0.14% बढ़कर 51,564.70 पर बंद हुआ। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि 19 जून शुक्रवार को Juneteenth राष्ट्रीय अवकाश के कारण अमेरिकी शेयर बाजार और बॉन्ड बाजार बंद रहेंगे।













