भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 4 अगस्त 2026 को सकारात्मक रुख के साथ कारोबार होने की संभावना है। कच्चे तेल की गिरती कीमतों, बेहतर होते वैश्विक बाजार के माहौल और व्यापक खरीदारी के दम पर बाजार में पिछले सत्र की तेजी बरकरार रह सकती है। हालांकि, भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) द्वारा 5 अगस्त को पेश किए जाने वाले ब्याज दरों से जुड़े फैसले से पहले निवेशक काफी सतर्कता भी बरत रहे हैं।
दलाल स्ट्रीट के भागीदार इस पूरे हफ्ते ब्रेंट क्रूड ऑयल के भाव, जारी हो रहे चालू तिमाही के कॉरपोरेट वित्तीय नतीजों और आगामी मैन्युफैक्चरिंग एवं सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) के आंकड़ों पर लगातार नजर बनाए रखेंगे। यह सभी कारक इस कारोबारी सप्ताह में निवेशकों की धारणा को दिशा देने में बड़ी भूमिका निभाएंगे।
सप्ताह के पहले दिन बाजार में दिखा था चौतरफा उछाल
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को भारतीय इक्विटी सूचकांक जबरदस्त तेजी के साथ बंद हुए थे। बाजार में सुबह की शुरुआत बढ़त वाले गैप-अप के साथ हुई थी, जिसके बाद पूरे दिन खरीदारी का माहौल बना रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव फिसलकर 85 यूएसडी प्रति बैरल के स्तर से नीचे आ गया था। इसके साथ ही भू-राजनीतिक मोर्चे पर जारी तनाव कम होने से वैश्विक और घरेलू निवेशकों का भरोसा लौटा और उन्होंने इक्विटी संपत्तियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई।
सोमवार को बाजार में तेजी किसी एक क्षेत्र तक सीमित न रहकर व्यापक रही। लगभग सभी प्रमुख सेक्टर्स में जमकर खरीदारी दर्ज की गई, जिसकी बदौलत दोनों मानक सूचकांक अपने दिन के उच्चतम स्तरों के करीब बंद होने में कामयाब रहे। निफ्टी 50 सूचकांक 1.60 प्रतिशत की बड़ी छलांग लगाकर 24,774 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर, बीएसई सेंसेक्स 0.70 प्रतिशत की बढ़त दर्ज करते हुए 78,639 के स्तर पर जा पहुंचा।
निफ्टी 50 का तकनीकी खाका और अहम स्तर
तकनीकी विश्लेषण के दृष्टिकोण से बजाज ब्रोकिंग रिसर्च का मानना है कि निफ्टी ने पिछले तीन महीनों के कंसोलिडेशन दायरे से बाहर निकलकर अपने चार्ट ढांचे को काफी मजबूत कर लिया है। ब्रोकरेज ने अपने विश्लेषणात्मक आकलन में स्पष्ट किया कि सूचकांक ने दैनिक चार्ट पर एक मजबूत बुलिश कैंडल बनाई है। इस कैंडल में हायर हाई और हायर लो का पैटर्न साफ नजर आ रहा है। इसके साथ ही सूचकांक ने अपने हालिया कंसोलिडेशन रेंज के ऊपरी स्तर को सफलतापूर्वक पार करके क्लोजिंग दी है।
सोमवार के कारोबारी सत्र के दौरान निफ्टी ने अपने 200-दिनों के सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) का भी परीक्षण किया, जो बाजार में लौटती मजबूत गति की ओर सीधा संकेत करता है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ट्राइंगुलर कंसोलिडेशन पैटर्न से बाहर निकलने के बाद अब निफ्टी के लिए आने वाले सत्रों में 25,000 से 25,200 के जोन की तरफ बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।
हालांकि, तकनीकी संकेतकों में शामिल डेली स्टोकेस्टिक ऑसिलेटर 91 के आंकड़े पर पहुंच चुका है, जो यह दर्शाता है कि बाजार ओवरबॉट यानी अत्यधिक खरीदारी वाले क्षेत्र में प्रवेश कर रहा है। ऐसी स्थिति में ऊपरी स्तरों पर कुछ मुनाफावसूली या हल्की बिकवाली से इनकार नहीं किया जा सकता है।
ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि बाजार का समग्र रुझान सकारात्मक बना रहेगा और यदि आने वाले सत्रों में कोई गिरावट आती है, तो उसे खरीदारी के अच्छे अवसर के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए। गिरावट की स्थिति में निफ्टी के लिए पहला तात्कालिक सपोर्ट 24,500 से 24,400 के स्तर पर मौजूद है। वहीं, लघु अवधि का सबसे महत्वपूर्ण सपोर्ट 24,200 के स्तर पर टिका हुआ है, जो मौजूदा तेजी के महत्वपूर्ण रिट्रेसमेंट स्तर और 20-दिनों के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) का संगम बिंदु है।
बैंक निफ्टी में नया ब्रेकआउट देने की तैयारी
बैंकिंग सूचकांक यानी बैंक निफ्टी ने भी सोमवार को अपनी तेजी का सिलसिला जारी रखा। बैंक निफ्टी ने दैनिक चार्ट पर हायर हाई और हायर लो के साथ एक मजबूत बुलिश कैंडल का निर्माण किया और मनोवैज्ञानिक रूप से बेहद अहम 58,000 के स्तर से ऊपर सफलतापूर्वक बंद हुआ।
बजाज ब्रोकिंग रिसर्च के अनुसार, बैंक निफ्टी बीते सात हफ्तों से 56,500 से 58,700 के एक सीमित दायरे के भीतर समय बिता रहा था। अगर बैंकिंग सूचकांक 58,700 के इस ऊपरी दायरे को निर्णायक रूप से तोड़कर ऊपर निकलता है, तो इससे बाजार में नई खरीदारी की लहर आ सकती है। इस ब्रेकआउट के बाद बैंक निफ्टी के लिए आगामी सत्रों में 59,300 और फिर 60,000 के ऐतिहासिक स्तरों तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा।
दूसरी ओर, यदि बैंकिंग सूचकांक 58,700 के पार खुद को बनाए रखने में विफल रहता है, तो जब तक स्पष्ट ब्रेकआउट नहीं मिल जाता, तब तक बैंक निफ्टी 57,000 से 58,700 के दायरे के बीच ही कारोबार करता रह सकता है। नीचे की तरफ 56,500 से 56,000 का क्षेत्र एक बेहद मजबूत सपोर्ट जोन बना हुआ है। इस सपोर्ट जोन को छह-सप्ताह के ट्रेडिंग रेंज के निचले स्तर, एक ऊपर चढ़ती ट्रेंडलाइन और 52-सप्ताह के EMA का मजबूत सहारा प्राप्त है। जब तक सूचकांक इस मजबूत सपोर्ट क्लस्टर से ऊपर बना रहता है, तब तक व्यापक बाजार का दृष्टिकोण सकारात्मक और उत्साहजनक बना रहेगा।



















