अमेरिकी शेयर बाजार का वायदा कारोबार बुधवार को अनिश्चितता के दौर से गुजरता दिखाई दिया, जहां लगातार तीन दिनों की बिकवाली के बाद निवेशक बेहद संभलकर कदम उठा रहे हैं। सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाले रिटर्न यानी 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के उछलकर 4.80% पर पहुंच जाने से इक्विटी बाजारों पर बड़ा दबाव बना हुआ है, जो शुरुआती 2025 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। इसके साथ ही मिडल ईस्ट में होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी ठिकानों पर अमेरिकी सैन्य हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आए उछाल ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति के खतरे को फिर से बड़ा कर दिया है।
शेयर बाजार वायदा में सुस्ती और लगातार तीसरे दिन का दबाव
यूरोपीय कारोबारी घंटों के दौरान अमेरिकी शेयर वायदा सूचकांकों में मिला-जुला रुझान देखने को मिला। डाउ जॉन्स फ्यूचर्स में 0.05% की मामूली बढ़त दर्ज की गई और यह 52,850 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था। दूसरी ओर, S&P 500 फ्यूचर्स 0.4% की गिरावट के साथ 7,640 के पास आ गया, जबकि नैस्डैक 100 फ्यूचर्स 0.19% टूटकर 29,070 के आसपास ट्रेड करता नजर आया।
वायदा बाजार की यह स्थिति मंगलवार के उस उथल-पुथल भरे कारोबारी सत्र के बाद आई है जिसमें वॉल स्ट्रीट के तीनों प्रमुख सूचकांक लगातार तीसरे दिन लाल निशान में बंद हुए थे। मंगलवार को डाउ जॉन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.79% नीचे गिरा, जबकि S&P 500 में 0.71% और नैस्डैक कंपोजिट में 1.03% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट में सबसे ज्यादा नुकसान कंज्यूमर डिस्क्रैशनरी, इंडस्ट्रियल और मैटेरियल्स सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों को उठाना पड़ा, जिससे निवेशकों की धारणा काफी प्रभावित हुई है।
10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में तेजी और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति
वित्तीय बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बॉन्ड यील्ड में आया हालिया उछाल शेयर बाजार में बिकवाली का एक बड़ा कारण है। 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड का 4.80% के स्तर तक पहुंचना कॉर्पोरेट और व्यक्तिगत कर्ज की लागत को सीधा बढ़ाता है। जब जोखिम मुक्त बॉन्ड यील्ड बढ़ने लगती है, तो निवेशक शेयरों जैसे जोखिम वाले परिसंपत्तियों से अपना पैसा निकालकर सुरक्षित बॉन्ड की ओर शिफ्ट करने लगते हैं।
इसके अलावा, मुद्रास्फीति के दोबारा उभरने के जोखिम से यह आशंका गहरा गई है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (Fed) आगामी सितंबर की बैठक में ब्याज दरों में कटौती करने के बजाय दरों में बढ़ोतरी का फैसला ले सकता है। जब-जब फेडरल रिजर्व की ओर से सख्त मौद्रिक नीति का संकेत मिलता है, तब-तब क्रेडिट की लागत बढ़ती है, जिससे वे कंपनियां सबसे ज्यादा प्रभावित होती हैं जो अपनी पूंजीगत आवश्यकताओं के लिए उधारी पर निर्भर रहती हैं।
मिडल ईस्ट सैन्य तनाव, कच्चे तेल का उछाल और डीजल क्रैक स्प्रेड का रिकॉर्ड
होर्मुज क्षेत्र में ईरानी ठिकानों पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में हड़कंप मचा दिया है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) कच्चा तेल लगातार तीसरे कारोबारी दिन तेजी के साथ कारोबार करता दिखा, जो पिछले छह कारोबारी सत्रों में से पांचवें दिन की बढ़त को दर्शाता है। एशियाई सत्र के दौरान WTI कच्चे तेल की कीमतें 24 जुलाई के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं।
ऊर्जा बाजार में केवल कच्चे तेल का भाव ही नहीं बढ़ा है, बल्कि रिफाइंड उत्पादों में भी ऐतिहासिक उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। अमेरिका में अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स और WTI कच्चे तेल के बीच का अंतर, जिसे डीजल क्रैक स्प्रेड कहा जाता है, पहली बार प्रति बैरल $100 के पार निकल गया। इंट्राडे कारोबार के दौरान यह प्रीमियम उछलकर $102.00 प्रति बैरल के सर्वकालिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। डीजल की बढ़ती लागत सीधे परिवहन और माल ढुलाई के खर्च को बढ़ाती है, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में महंगाई का दबाव कई गुना बढ़ सकता है।
विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की मजबूती और सोने की चाल
भू-राजनीतिक तनाव और सख्त मौद्रिक नीति की संभावनाओं के बीच विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर को सुरक्षित ठिकाने के रूप में देखा जा रहा है। बुधवार को शुरुआती यूरोपीय कारोबारी सत्र में ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ और GBP/USD की जोड़ी गिरकर 1.3500 के करीब पहुंच गई।
इसी तरह EUR/USD की जोड़ी पर भी मंदी का दबाव बना हुआ है। मंगलवार को गिरावट के साथ बंद होने के बाद यह जोड़ी बुधवार को दो सप्ताह के निचले स्तर पर आकर 1.1600 के नीचे कारोबार करती देखी गई। सुरक्षित परिसंपत्तियों की बढ़ती मांग और फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की फिर से बन रही संभावनाओं के कारण यूरो दबाव में बना हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना अपने चार सप्ताह के निचले स्तर से उबरने में सफल रहा और यूरोपीय सत्र की शुरुआत से पहले $4,320 प्रति औंस से ऊपर कारोबार करता नजर आया। हालांकि अमेरिकी डॉलर में मामूली नरमी से सोने को थोड़ा सहारा जरूर मिला, लेकिन फेड द्वारा सितंबर में ब्याज दरें बढ़ाए जाने के मजबूत दांव के कारण सोने की बड़ी तेजी पर लगाम लगी हुई है।
अमेरिकी रोजगार के आंकड़े और श्रम बाजार के संकेत
वित्तीय बाजार के भागीदार अब अमेरिकी श्रम बाजार से जुड़े आगामी आंकड़ों पर अपनी नजरें टिकाए हुए हैं। ऑटोमैटिक डेटा प्रोसेसिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट अगले बुधवार को अगस्त महीने के लिए अपनी प्राइवेट-सेक्टर जॉब क्रिएशन रिपोर्ट (ADP Employment Change) जारी करने वाला है। विश्लेषकों का अनुमान है कि अगस्त के दौरान अमेरिकी निजी क्षेत्र में 47K नई नौकरियां जुड़ी हैं, जो जुलाई में दर्ज की गई 44K नई नौकरियों की तुलना में मामूली रूप से अधिक है। इसके अतिरिक्त, इस शुक्रवार को अमेरिका की आधिकारिक अगस्त जॉब्स रिपोर्ट जारी होने वाली है, जो फेडरल रिजर्व के अगले नीतिगत फैसले को दिशा देने में बेहद अहम भूमिका निभाएगी।
डाउ जॉन्स इंडस्ट्रियल एवरेज की संरचना और कार्यप्रणाली
डाउ जॉन्स इंडस्ट्रियल एवरेज (DJIA) दुनिया के सबसे पुराने और सबसे प्रतिष्ठित शेयर बाजार सूचकांकों में से एक है। इसकी स्थापना चार्ल्स डाउ द्वारा की गई थी, जिन्होंने वित्तीय समाचार पत्र वॉल स्ट्रीट जर्नल की भी नींव रखी थी। DJIA में अमेरिका की 30 सबसे बड़ी और सक्रिय रूप से कारोबार करने वाली प्रमुख कंपनियां शामिल हैं।
यह सूचकांक बाजार पूंजीकरण (Market Capitalization) के आधार पर तय न होकर मूल्य-भारित (Price-Weighted) प्रणाली पर काम करता है। इसका मतलब है कि सूचकांक की गणना इसमें शामिल 30 कंपनियों के शेयर मूल्यों को जोड़कर एक विशेष विभाजक (Divisor) से भाग देकर की जाती है, जो वर्तमान में 0.152 है। हाल के वर्षों में कई अर्थशास्त्रियों ने इस बात पर आलोचना भी की है कि केवल 30 बड़ी कंपनियों के आधार पर बने होने के कारण यह S&P 500 की तरह संपूर्ण अमेरिकी अर्थव्यवस्था का व्यापक प्रतिनिधित्व नहीं करता। फिर भी कॉर्पोरेट आय की घोषणाएं, ब्याज दरें और मुद्रास्फीति के आंकड़े डाउ जॉन्स की चाल तय करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
डाउ थ्योरी: बाजार रुझान और इसके तीन महत्वपूर्ण चरण
बाजार के प्राथमिक रुझान को समझने के लिए चार्ल्स डाउ द्वारा विकसित 'डाउ थ्योरी' (Dow Theory) का उपयोग किया जाता है। इस सिद्धांत का मुख्य नियम यह है कि डाउ जॉन्स इंडस्ट्रियल एवरेज (DJIA) और डाउ जॉन्स ट्रांसपोर्टेशन एवरेज (DJTA) दोनों की दिशा की तुलना की जाए। बाजार में किसी भी बड़े ट्रेंड की पुष्टि तभी मानी जाती है जब दोनों सूचकांक एक ही दिशा में आगे बढ़ रहे हों, और इसे ट्रेडिंग वॉल्यूम द्वारा भी समर्थन मिलना आवश्यक है।
डाउ थ्योरी बाजार के ट्रेंड को तीन मुख्य चरणों में विभाजित करती है
- संचयन चरण (Accumulation Phase): जब जानकार और संस्थागत निवेशक (Smart Money) चुपचाप संपत्तियों को खरीदना या बेचना शुरू करते हैं।
- सार्वजनिक भागीदारी चरण (Public Participation Phase): जब आम निवेशक और व्यापक जनता बाजार के रुझान को देखकर इसमें शामिल होने लगती है।
- वितरण चरण (Distribution Phase): जब संस्थागत निवेशक मुनाफा कमाकर बाजार से बाहर निकलने लगते हैं और आम जनता शेयर खरीद रही होती है।
डाउ जॉन्स सूचकांक में निवेश और ट्रेडिंग के प्रमुख माध्यम
निवेशकों के पास डाउ जॉन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में हिस्सा लेने के कई वित्तीय साधन उपलब्ध हैं। इनमें एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) सबसे लोकप्रिय माध्यम हैं, जिनके जरिए निवेशक सभी 30 कंपनियों के शेयर अलग-अलग खरीदने के बजाय SPDR Dow Jones Industrial Average ETF (DIA) जैसी सिंगल सिक्योरिटी में निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा डाउ जॉन्स फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स के जरिए वायदा बाजार में सूचकांक के भावी मूल्य पर सट्टा लगाया जा सकता है, जबकि ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स पूर्व निर्धारित मूल्य पर खरीदने या बेचने का अधिकार प्रदान करते हैं। वहीं म्यूचुअल फंड्स के माध्यम से भी निवेशक डाउ की घटक कंपनियों के विविध पोर्टफोलियो में लंबी अवधि का निवेश कर सकते हैं।



















