यूरोपीय ट्रेडिंग सेशन के दौरान ऑस्ट्रेलियन डॉलर (AUD) में अमेरिकी डॉलर (USD) के मुकाबले लगातार गिरावट दर्ज की गई। AUD/USD की जोड़ी लगभग 0.1% घटकर 0.7135 के स्तर पर कारोबार कर रही है, जबकि हालिया बाजार आंकड़ों में यह 0.7131 के आसपास बनी हुई है। बाजार में निवेशकों की नजर इस महीने होने वाली फेडरल रिजर्व (Fed) की मौद्रिक नीति बैठक पर टिकी है। अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ाए जाने की मजबूत उम्मीदों के कारण अमेरिकी डॉलर को व्यापक समर्थन मिल रहा है, जिसका सीधा असर ऑस्ट्रेलियन डॉलर की विनिमय दर पर देखा जा रहा है। इसके साथ ही वित्तीय बाजार के प्रतिभागी अमेरिका के आगामी ADP एम्प्लॉयमेंट चेंज डेटा का भी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जो अमेरिकी श्रम बाजार की स्थिति को स्पष्ट करेगा।
फेडरल रिजर्व का सख्त रुख और अमेरिकी डॉलर की मजबूती
अमेरिकी डॉलर की ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले ग्रीनबैक के मूल्य को मापने वाला अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) 0.1% बढ़कर 99.75 के करीब पहुंच गया है। यह पिछले दो हफ्तों से अधिक समय का सबसे उच्चतम स्तर है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक के अधिकारियों के बयानों ने भी दरों में वृद्धि की संभावनाओं को बल दिया है। फेड गवर्नर माइकल बार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि मुद्रास्फीति उच्च स्तर पर बनी रहती है, तो ब्याज दरों में और बढ़ोतरी करना आवश्यक हो जाएगा। इस बीच, FXS Fed सेंटिमेंट इंडेक्स 0.42 अंक गिरकर 128.86 पर आ गया है। हालांकि यह गिरावट थोड़ी कम सख्त नीति का संकेत देती है, लेकिन इंडेक्स का 100 के तटस्थ स्तर से काफी ऊपर बना रहना यह साबित करता है कि Fed की समग्र मौद्रिक नीति काफी सख्त बनी हुई है। उच्च इंडेक्स स्तर और मजबूत स्पीचट्रैकर स्कोर कम प्रतिफल देने वाली मुद्राओं की तुलना में डॉलर के पक्ष में माहौल बनाए हुए हैं।
ऑस्ट्रेलिया के मजबूत GDP आंकड़े और RBA की दर वृद्धि की संभावनाएं
एक तरफ जहां अमेरिकी डॉलर मजबूत हो रहा है, वहीं ऑस्ट्रेलिया के आर्थिक आंकड़े भी सकारात्मक परिणाम दर्शा रहे हैं। ऑस्ट्रेलियन ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, दूसरी तिमाही (Q2) में ऑस्ट्रेलिया का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वर्ष-दर-वर्ष (YoY) आधार पर 0.4% बढ़ा है। यह बाजार के अनुमानों और पिछली तिमाही के 0.3% के आंकड़े से बेहतर है। वार्षिक आधार पर, ऑस्ट्रेलिया की GDP वृद्धि 2.1% दर्ज की गई, जो 1.8% के अनुमान से अधिक है, हालांकि यह पिछली रीडिंग के 2.5% से थोड़ी धीमी है। ऑस्ट्रेलिया में GDP के इन मजबूत आंकड़ों ने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों को बढ़ा दिया है। आर्थिक गतिविधियों में मजबूती रहने से RBA पर भी मुद्रास्फीति नियंत्रण के लिए नीतिगत दरों को कड़ा करने का दबाव बन रहा है।
AUD/USD का तकनीकी विश्लेषण और महत्वपूर्ण प्राइस लेवल्स
तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो AUD/USD जोड़ी के लिए शुरुआती सपोर्ट दिन के शुरुआती स्तर 0.7135 के पास देखा जा रहा है। 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 0.7118 (लाइव डेटा के अनुसार 0.7117) पर मौजूद है, जो पास के डिमांड जोन को मजबूत करता है। गिरावट के रुख को रोकने के लिए इस सपोर्ट बैंड का कायम रहना बेहद जरूरी है। व्यापक तकनीकी रुझान में 50-दिवसीय EMA 0.7071 पर और 200-दिवसीय EMA 0.6923 पर स्थित है, जो बाजार में दीर्घकालिक अपट्रेंड और बुलिश क्रॉसओवर को दर्शाता है। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 55 के स्तर पर है, जो न्यूट्रल से सकारात्मक गति का संकेत देता है। इसके अतिरिक्त, बोलिंजर बैंड्स 0.7013 से 0.7213 के बीच फैले हुए हैं, और कीमत मध्य बैंड 0.7113 के ऊपर बनी हुई है। पिवट प्वाइंट 0.7138 पर है, जबकि ऊपरी रेजिस्टेंस स्तर R1 0.7147 और R2 0.7162 पर हैं, तथा सपोर्ट लेवल्स S1 0.7123 और S2 0.7114 पर स्थित हैं। जोड़ी का 52-हफ्तों का दायरा 0.6422 से 0.7277 बना हुआ है।
अमेरिकी श्रम बाजार के आंकड़े और ADP रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार के कारोबारी ऑटोमैटिक डेटा प्रोसेसिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट की आगामी रिपोर्ट पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं। अगस्त महीने के लिए निजी क्षेत्र में रोजगार सृजन से जुड़ा ADP एम्प्लॉयमेंट चेंज डेटा जल्द जारी होने वाला है। बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि अगस्त के दौरान अमेरिकी निजी क्षेत्र में 47K नए रोजगार जुड़े हैं, जो जुलाई में दर्ज किए गए 44K नए रोजगार के आंकड़े से थोड़ा अधिक है। इसके अलावा, शुक्रवार को जारी होने वाली अमेरिकी गैर-कृषि पेरोल (Non-Farm Payrolls) रिपोर्ट भी बेहद अहम होगी। यदि रोजगार के आंकड़े उम्मीद से मजबूत आते हैं, तो इससे Fed के ब्याज दरें बढ़ाने के फैसले को और बल मिलेगा, जिससे डॉलर की बढ़त जारी रह सकती है।
यूरोपीय मुद्राओं पर दबाव और मिडल ईस्ट का असर
फेडरल रिजर्व की सख्त नीति और वैश्विक अनिश्चितता का असर केवल ऑस्ट्रेलियन डॉलर तक सीमित नहीं है। यूरोपीय सत्र की शुरुआत में GBP/USD की जोड़ी गिरकर 1.3500 के करीब आ गई। मिडल ईस्ट में लगातार बढ़ते तनाव के कारण निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश वाली संपत्तियों की ओर बढ़ा है, जिससे सुरक्षित ठिकाना मानी जाने वाली अमेरिकी डॉलर मुद्रा को ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले बढ़त मिल रही है। इसी तरह, EUR/USD भी मंदी के दबाव में है और 1.1600 के नीचे दो हफ्तों के निचले स्तर पर कारोबार कर रहा है। मिडल ईस्ट में तनाव बढ़ने और Fed की ब्याज दरों के पुनर्मूल्यांकन से रिस्क-ऑफ का माहौल बना है, जिससे यूरोपीय साझा मुद्रा बैकफुट पर आ गई है।
कमोडिटी मार्केट में हलचल: सोना, कच्चा तेल और डीजल क्रैक स्प्रेड में रिकॉर्ड तेजी
मुद्रा बाजार के अलावा कमोडिटीज में भी बड़ा फेरबदल देखा जा रहा है। सोना शुरुआती चार हफ्तों के निचले स्तर से उबरते हुए यूरोपीय सत्र की शुरुआत में $4,320 प्रति औंस के ऊपर कारोबार कर रहा है। डॉलर में मामूली नरमी ने सोने को सहारा दिया है, लेकिन Fed की ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदों के कारण सोने की बड़ी तेजी सीमित लग रही है। दूसरी तरफ, मिडल ईस्ट संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड की कीमतें लगातार तीसरे दिन बढ़कर 24 जुलाई के बाद के नए उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने मुद्रास्फीति की चिंताओं को फिर से जन्म दे दिया है, जिससे Fed द्वारा सितंबर में दरें बढ़ाने की संभावना और मजबूत हुई है। इस बीच, ईंधन बाजार में डीजल क्रैक स्प्रेड (WTI के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का प्रीमियम) इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल से ऊपर निकलकर $102.00 के सर्वकालिक इंट्राडे रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जो वैश्विक ऊर्जा बाजार में सप्लाई दबाव को दर्शाता है।



















