श्रीलंका में 11वें नंबर पर आकर बरसे गुरनूर बराड़, युवा गेंदबाज के 4 छक्कों पर गदगद हुए गौतम गंभीर'शाका लाका बूम बूम' से लेकर साउथ सिनेमा की स्टार बनने तक, विवादों और निजी जिंदगी के उथल-पुथल से भरा रहा हंसिका का सफरनई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले योगी आदित्यनाथ, सुशासन के लिए मार्गदर्शन पर जताया आभारसावन की पहली कामिका एकादशी पर इस विधि से करें विष्णु पूजन, नोट करें शुभ मुहूर्त और पारण का समयमेष राशिफल 9 अगस्त: वित्तीय फैसलों में बरतें विशेष सावधानी, जानें करियर और प्यार का हालअलवर में ससुराल वालों को नशीला खाना देकर जेवर-नकदी चुराने वाली महिला और प्रेमी 3 साल बाद गिरफ्तारमूलांक 2 अंकराशिफल 9 अगस्त 2026: चंद्र और अंक 9 का प्रभाव बढ़ाएगा संवेदनशीलता, जानें करियर व धन का हालतमिलनाडु के तिरुवन्नामलाई स्थित श्री रमणाश्रमम् पहुंचे अमित शाह, भगवान रमण महर्षि को दी श्रद्धांजलिमूलांक 3 अंकराशिफल 9 अगस्त 2026: गुरु के प्रभाव से सुधरेगी लव लाइफ, करियर और पैसों में मिलेगी राहततरुण तेजपाल को 10 साल की सजा पर बोले जीनत अमान के बेटे जहान खान, हाईकोर्ट के फैसले को बताया गलत
अमेरिकी डॉलर की मजबूती से स्विस फ्रैंक 10 महीने के निचले स्तर पर, फेड के रुख का असरबाज़ार
24 जून 2026, 9:25 pm (45 दिन पहले)· 3

अमेरिकी डॉलर की मजबूती से स्विस फ्रैंक 10 महीने के निचले स्तर पर, फेड के रुख का असर

फेडरल रिजर्व के सख्त नीतिगत संकेत और मुद्रास्फीति के दबाव के बीच अमेरिकी डॉलर में लगातार उछाल देखा जा रहा है। इसका सीधा असर स्विस फ्रैंक, यूरो और सोने की कीमतों पर पड़ा है जो अपने निचले स्तरों की ओर बढ़ रहे हैं।

अमेरिकी डॉलर लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और मई 2025 के बाद अपने सबसे मजबूत स्तर पर पहुंच गया है। इस तेजी के पीछे पिछले हफ्ते हुई फेडरल रिजर्व की बैठक का अहम योगदान है, जिसमें नीति निर्माताओं ने बढ़ती ऊर्जा लागत के कारण पैदा हुई महंगाई को रोकने के लिए इस साल ब्याज दरों में और बढ़ोतरी का संकेत दिया है।

डॉलर इंडेक्स और महंगाई के आंकड़े

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY), जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की चाल को मापता है, अभी 101.36 के आसपास कारोबार कर रहा है। यह स्तर मई 2025 के बाद से सबसे ज्यादा है। अमेरिका में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) मई में 4.2% तक पहुंच गया है, जो फेड के 2% के लक्ष्य से दोगुना से भी ज्यादा है। अब बाजार की निगाहें गुरुवार को आने वाले पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) प्राइस इंडेक्स पर टिकी हैं। अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि मुख्य PCE प्राइस इंडेक्स अप्रैल के 3.3% से बढ़कर मई में 3.4% सालाना हो सकता है।

ये भी पढ़ें

भू-राजनीतिक तनाव और बाजार पर दबाव

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत पर भी वैश्विक बाजारों की पैनी नजर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान परमाणु निरीक्षणों के लिए सहमत हो गया है, लेकिन तेहरान ने ऐसी किसी भी प्रतिबद्धता से इनकार किया है। जब तक कोई अंतिम समझौता नहीं हो जाता, तब तक भू-राजनीतिक जोखिम बने रहेंगे, जो सुरक्षित निवेश माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर को और मजबूती दे रहे हैं।

अन्य मुद्राओं और संपत्तियों की स्थिति

  • GBP/USD: पाउंड नवंबर 2025 के बाद अपने सबसे निचले स्तर 1.3140 के करीब आ गया है। ब्रिटेन में राजनीतिक अस्थिरता और डॉलर की मजबूती इसे लगातार दबाव में रख रही है।
  • EUR/USD: बुधवार को यूरो और गिरकर अपने नए वार्षिक निचले स्तर 1.1320 के पास पहुंच गया है।
  • सोना: कीमती धातु सोना नवंबर 2025 के बाद पहली बार 4,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अहम स्तर से नीचे फिसल गया है।
  • बिटकॉइन: भू-राजनीतिक तनाव और व्यापक आर्थिक अनिश्चितता के कारण बिटकॉइन 62,000 डॉलर से 63,000 डॉलर के दायरे में कारोबार कर रहा है।

हाल ही में कीयर स्टार्मर के इस्तीफे के बाद भी पाउंड पर कोई बड़ा असर नहीं दिखा, जो यह दर्शाता है कि बाजार की चाल ब्रिटेन के नेताओं के बजाय गिल्ट कर्व की लंबी अवधि की गतिविधियों से संचालित हो रही है। फेड की कमान संभालने के बाद केविन वॉर्श की पहली बैठक में बेंचमार्क दर को 3.50% से 3.75% के बीच स्थिर रखा गया है, जो कि बाजार की उम्मीदों के अनुरूप था, लेकिन उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुरानी नीतियों को बदलने के स्पष्ट संकेत दिए हैं।

सवाल-जवाब

अमेरिकी डॉलर में तेजी का मुख्य कारण क्या है?
फेडरल रिजर्व के नीति निर्माताओं द्वारा बढ़ती महंगाई को देखते हुए इस साल ब्याज दरों में और बढ़ोतरी के संकेत देने से डॉलर को मजबूती मिली है।
स्विस फ्रैंक पर क्या असर पड़ा है?
अमेरिकी डॉलर की मजबूती के चलते स्विस फ्रैंक गिरकर 10 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है।
अगला महत्वपूर्ण आर्थिक डेटा कब आने वाला है?
गुरुवार को पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) प्राइस इंडेक्स की रिपोर्ट आने वाली है, जिस पर बाजार की नजर है।
सोने की कीमत पर क्या प्रभाव पड़ा है?
सोना नवंबर 2025 के बाद पहली बार 4,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के स्तर से नीचे फिसल गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR