अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने अपनी हालिया गिरावट पर लगाम लगाते हुए एक मजबूत वापसी दर्ज की है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.7120 के महत्वपूर्ण समर्थन स्तर के करीब पहुंचने के बाद करेंसी में देखे गए उछाल ने अल्पकालिक बिकवाली के दबाव को काफी हद तक कम कर दिया है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह सकारात्मक रुझान बना रहता है, तो आने वाले दिनों में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7200 के स्तर को दोबारा हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
24 घंटे का तकनीकी दृष्टिकोण: 0.7140 से 0.7180 के दायरे में कारोबार के संकेत
अल्पकालिक ट्रेडिंग परिदृश्य का आकलन करने पर पता चलता है कि बीते सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में गिरावट की उम्मीद जताई गई थी। हालांकि, तकनीकी गति के आधार पर यह पहले ही स्पष्ट कर दिया गया था कि 0.7120 का प्रमुख समर्थन स्तर टूटना मुश्किल होगा। बाजार में 0.7160 पर प्रतिरोध देखा जा रहा था और 0.7170 के ऊपर की बढ़त इस बात का संकेत थी कि मंदी का दबाव कमजोर पड़ रहा है।
सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर घटकर 0.7122 के निचले स्तर तक गया, जो अनुमानित समर्थन स्तर के बेहद करीब था। इसके बाद अचानक एक जोरदार तेजी देखने को मिली, जिसने करेंसी को 0.7176 के उच्च स्तर तक पहुंचा दिया। इस अप्रत्याशित उछाल ने मंदी के तात्कालिक दबाव को समाप्त कर दिया है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए, आज ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मुख्य रूप से 0.7140 से 0.7180 के सीमित दायरे के बीच कारोबार करने की संभावना है।
1 से 3 सप्ताह का परिदृश्य: मंदी का जोर कम, 0.7190 का स्तर बेहद अहम
व्यापक समयावधि पर नजर डालें तो 31 अगस्त को 0.7160 के स्पॉट स्तर पर लगभग एक महीने से जारी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की मजबूती के दौर को समाप्त घोषित किया गया था। उस समय यह संभावना जताई गई थी कि करेंसी में 0.7120 की तरफ और गिरावट आ सकती है। बीते कारोबार में मुद्रा 0.7122 के निचले स्तर को छूने के बाद तेजी से संभली और 0.34 प्रतिशत की बढ़त के साथ 0.7170 पर बंद हुई।
इस रिकवरी से पता चलता है कि नीचे की ओर जाने की गति अब सुस्त पड़ रही है। यदि ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7190 के स्तर से ऊपर निकलने में कामयाब रहता है, तो यह इस बात की पुष्टि करेगा कि 0.7120 का निचला स्तर फिलहाल पहुंच से बाहर हो चुका है। ऐसी स्थिति में बाजार का ध्यान फिर से 0.7200 के ऊपरी लक्ष्य पर केंद्रित हो जाएगा।
एशियाई बाजार में मिली-जुली स्थितियां और अमेरिकी आर्थिक आंकड़े
गुरुवार को एशियाई कारोबारी घंटों के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर दो सप्ताह के निचले स्तर से उबरने के बावजूद 0.7150 के स्तर के ऊपर बने रहने के लिए संघर्ष करता दिखा। ऑस्ट्रेलिया के निराशाजनक व्यापार आंकड़ों ने जहां मुद्रा पर दबाव बनाया, वहीं चीन के रेटिंगडॉग सर्विसेज PMI के सकारात्मक आंकड़ों ने इसे सहारा दिया।
दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर में आ रही गिरावट थमने से भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त सीमित रही। अमेरिका में निजी रोजगार से जुड़े कमजोर ADP रिपोर्ट आने के बाद डॉलर सूचकांक गिरा था। लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव तथा सितंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की मजबूत होती संभावनाओं ने अमेरिकी डॉलर को निचले स्तरों पर सहारा दिया।
जापानी येन में मजबूती और USD/JPY पर बिकवाली का दबाव
यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान USD/JPY जोड़ी में बिकवाली का दौर जारी रहा और यह घटकर 157.00 के स्तर से नीचे आ गया। अमेरिका के कमजोर ADP आंकड़ों ने वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर की धारणा को प्रभावित किया, जिससे विभिन्न मुद्राओं के मुकाबले डॉलर में कमजोरी दर्ज की गई।
इसके अलावा, बैंक ऑफ जापान (BoJ) की ओर से सख्त मौद्रिक नीति के संकेतों और येन को संभालने के लिए सरकारी हस्तक्षेप के जोखिम ने जापानी येन को मजबूती प्रदान की। इन कारकों के चलते USD/JPY पर बिकवाली का दबाव बना हुआ है।
सोने की कीमतों में रिकवरी और बॉन्ड यील्ड का असर
कमोडिटी बाजार में सोना यूरोपीय सत्र की शुरुआत तक अपने मजबूती के रुख को बनाए रखने में सफल रहा, हालांकि यह $4,450 के स्तर के नीचे ही बना रहा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट और कमजोर ADP रिपोर्ट ने डॉलर को कमजोर किया, जिससे सोने को अपने चार सप्ताह के निचले स्तर से उबरने में मदद मिली।
हालांकि, ऊर्जा दरों में बढ़ोतरी से उपजी मुद्रास्फीति की चिंताएं और फेडरल रिजर्व द्वारा दरें बढ़ाए जाने की उम्मीदें अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को समर्थन दे रही हैं। यह स्थिति सोने की कीमतों में बड़ी तेजी को सीमित कर रही है।
डीजल बाजार में ऐतिहासिक उछाल और क्रिप्टो संपत्तियों का रुख
ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतें भले ही स्थिर दिख रही हों, लेकिन डीजल बाजार में अप्रत्याशित तेजी देखी जा रही है। अमेरिका में WTI क्रूड के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल (ULSD) फ्यूचर्स के प्रीमियम को दर्शाने वाला 'डीजल क्रैक स्प्रेड' इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल के पार निकल गया और $102.00 प्रति बैरल का सर्वकालिक उच्च स्तर छू लिया।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में रिपल (XRP) और स्टैलर (XLM) का तकनीकी परिदृश्य अलग-अलग दिशाओं में जाता दिख रहा है। XRP को निचले स्तरों पर खरीदारों का समर्थन मिल रहा है, जिससे इसका एक मजबूत सपोर्ट ज़ोन बन रहा है। वहीं दूसरी ओर, XLM अपने प्रमुख एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के समूह से नीचे फिसल गया है।



















