रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा अपनी आगामी मौद्रिक नीति बैठक में मुख्य नकद दर को बढ़ाने की संभावना काफी प्रबल हो गई है। वित्तीय अध्ययन फर्म टीडी सिक्योरिटीज के प्रमुख रणनीतिकार प्रशांत न्यूनाहा के ताजा विश्लेषण के अनुसार केंद्रीय बैंक सितंबर के उत्तरार्ध में आयोजित होने वाली बैठक के दौरान नकद दर में 25 बेसिस पॉइंट्स (बीपीएस) का इजाफा करके इसे 4.60% के स्तर पर पहुंचा सकता है। ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था में दूसरी तिमाही (Q2) के दौरान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर अनुमान से अधिक रहने और उपभोक्ता खर्च में निरंतर मजबूती देखने को मिलने के बाद ब्याज दर में बढ़ोतरी की यह उम्मीद जताई गई है। प्रशांत न्यूनाहा का मानना है कि यद्यपि वार्षिक आर्थिक वृद्धि दर ट्रेंड से थोड़ी ऊपर चल रही है, फिर भी मुद्रास्फीति पर काबू पाने के लिए आर्थिक रफ्तार को थोड़ा धीमा करने की आवश्यकता होगी।
जीडीपी वृद्धि और घरेलू खपत के ताजा आंकड़े
दूसरी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद के आंकड़ों ने मौद्रिक नीति को और कड़ा करने के तर्कों को काफी बल दिया है। प्रशांत न्यूनाहा का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया की वार्षिक आर्थिक विकास दर केंद्रीय बैंक के निर्धारित दीर्घकालिक ट्रेंड से मामूली रूप से ऊपर बनी हुई है। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने स्पष्ट रूप से यह रुख अपनाया है कि देश में बढ़ती महंगाई दर को लक्षित दायरे में लाने के लिए आर्थिक गतिविधियों का थोड़ा धीमा होना अनिवार्य है। अगस्त 2026 के मौद्रिक नीति वक्तव्य (एमपीएस) में जताए गए पूर्वानुमानों को हासिल करने के लिए ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था को चालू वर्ष की तीसरी तिमाही (Q3) और चौथी तिमाही (Q4) में कम से कम 0.3% की तिमाही-दर-तिमाही (q/q) जीडीपी वृद्धि दर हासिल करनी होगी।
उपभोक्ता व्यवहार के मोर्चे पर कुल घरेलू खपत के आंकड़े केंद्रीय बैंक के 0.4% तिमाही-दर-तिमाही अनुमान के काफी करीब रहे हैं। हालांकि विवेकाधीन खर्च (डिस्क्रेशनरी स्पेंडिंग) में हाल की तिमाइयों के दौरान तेजी दर्ज की गई है। यद्यपि मासिक आधार पर जारी होने वाला घरेलू खर्च का डेटा राष्ट्रीय खातों में दर्ज किए जाने वाले खर्च के पैमाने से पूरी तरह मेल नहीं खाता, लेकिन जुलाई महीने के मासिक खर्च आंकड़ों से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि ऑस्ट्रेलियाई उपभोक्ता विवेकाधीन मदों पर जमकर पैसा खर्च कर रहे हैं। इस प्रवृत्ति से अर्थव्यवस्था में मांग का दबाव बना हुआ है जो मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के केंद्रीय बैंक के प्रयासों के लिए एक चुनौती बन सकता है।
एसएंडपी पीएमआई सर्वे और तीसरी तिमाही का परिदृश्य
आर्थिक गतिविधियों की गति को नापने वाले एसएंडपी ऑस्ट्रेलिया कंपोजिट पीएमआई सर्वे के जुलाई और अगस्त के शुरुआती आंकड़े यह दर्शाते हैं कि तीसरी तिमाही में देश की आर्थिक वृद्धि में और सुधार देखने को मिल सकता है। पीएमआई सूचकांक में आई यह मजबूती यह संकेत देती है कि चालू तिमाही की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा तय किए गए 0.3% के अनुमानित आंकड़े को भी पार कर सकती है। प्रशांत न्यूनाहा के अनुसार चालू वर्ष में सितंबर के बाद एक और दर वृद्धि की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन यह टीडी सिक्योरिटीज का प्राथमिक या केंद्रीय अनुमान नहीं है। फिलहाल मुख्य ध्यान सितंबर के अंत में होने वाले फैसले पर केंद्रित है।
कनाडा के केंद्रीय बैंक का नीतिगत रुख
एक तरफ जहां ऑस्ट्रेलिया में नीतिगत दरें बढ़ने के आसार हैं, वहीं वैश्विक पटल पर बैंक ऑफ कनाडा द्वारा अपनी नीतिगत दर को 2.25% पर स्थिर रखने की व्यापक उम्मीद जताई जा रही है। यदि बैंक ऑफ कनाडा अपनी आगामी बैठक में ब्याज दर को 2.25% पर बरकरार रखता है, तो यह लगातार सातवीं ऐसी मौद्रिक नीति समीक्षा होगी जिसमें कनाडा का केंद्रीय बैंक दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। इससे पहले जुलाई महीने की अपनी बैठक के दौरान भी बैंक ऑफ कनाडा ने दरों को 2.25% पर ही बनाए रखने का निर्णय लिया था, जो बाजार की उम्मीदों के अनुरूप था।
विदेशी मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव और मुद्राओं का हाल
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में बुधवार को अमेरिकी डॉलर में लगातार मजबूती दर्ज की गई, जिसके कारण कई प्रमुख मुद्राओं पर दबाव देखा गया। ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) में जारी गिरावट का सिलसिला और गहरा गया और यह गिरकर 1.3470 के स्तर के आसपास पहुंच गया, जो बीते चार हफ्तों का सबसे निचला स्तर है। पाउंड में इस बड़े सुधार की मुख्य वजह अमेरिकी ग्रीनबैक की सर्वव्यापी रिकवरी और वैश्विक स्तर पर बनी लगातार भू-राजनीतिक चिंताएं रही हैं।
दूसरी ओर यूरोपीय साझा मुद्रा यूरो (EUR/USD) ने शुरुआती कमजोरी से उबरते हुए वापसी की और बुधवार को 1.1580 के क्षेत्र को फिर से स्पर्श कर लिया। सत्र के शुरुआती चरण में यूरो दो सप्ताह के निचले स्तर पर चला गया था, लेकिन अमेरिका में अगस्त महीने के एडीपी रोजगार आंकड़े उम्मीद से कमजोर आने के बाद डॉलर की गति थोड़ी धीमी पड़ी, जिससे यूरो को उबरने में मदद मिली।
कीमती धातुओं में बढ़त और कच्चे तेल का रिकॉर्ड
कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों ने तीन दिनों की लगातार गिरावट के बाद फिर से वापसी की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना प्रति ट्रॉय औंस $4,280 के निचले स्तर तक फिसलने के बाद संभला और $4,300 का स्तर पार कर गया। अमेरिकी डॉलर में मामूली तेजी, स्थिर भू-राजनीतिक अनिश्चितता और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में मिश्रित बदलावों के बीच सोने ने मामूली बढ़त दर्ज की।
कच्चे तेल के बाजार में बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड की कीमतों में एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान तेजी बनी रही। डब्ल्यूटीआई क्रूड लगातार तीसरे दिन चढ़कर 24 जुलाई के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। पिछले छह कारोबारी सत्रों में यह पांचवां मौका था जब कच्चे तेल में तेजी का रुख देखने को मिला।
डीजल क्रैक स्प्रेड में ऐतिहासिक उछाल
कच्चे तेल के बाजार में जहां ऊपरी तौर पर स्थिरता दिख रही है, वहीं डीजल बाजार से बिल्कुल अलग संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी बाजार में डीजल क्रैक स्प्रेड यानी डब्ल्यूटीआई क्रूड ऑयल के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स के प्रीमियम में अभूतपूर्व उछाल आया है। इतिहास में पहली बार अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड $100 प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर $102.00 प्रति बैरल से अधिक के इंट्राडे रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। रिफाइनिंग मार्जिन में यह तेज उछाल डीजल की मांग और आपूर्ति के बीच गहरे असंतुलन को उजागर करता है।



















