सरकारी माइनिंग कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड के शेयरों में बुधवार, 2 सितंबर को जबरदस्त बढ़त देखने को मिली। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अंतरिम डिविडेंड की घोषणा के बाद निवेशक महारत्न पीएसयू के शेयरों में खरीदारी करते दिखे। कंपनी द्वारा तय की गई रिकॉर्ड डेट अब बेहद करीब आ चुकी है, जिससे यह तय होगा कि किन निवेशकों को इस डिविडेंड का फायदा मिलेगा। कंपनी के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और ब्रोकरेज फर्मों की सकारात्मक रिपोर्ट के चलते बाजार में कोल इंडिया के प्रति रुझान बना हुआ है।
अंतरिम डिविडेंड की घोषणा और रिकॉर्ड डेट का नियम
कोल इंडिया लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दी थी। सोमवार को बीएसई फाइलिंग के जरिए दी गई जानकारी के अनुसार, महारत्न पीएसयू के बोर्ड ने 10 रुपये फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर 52.5% यानी 5.250 रुपये प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया था। कंपनी लगातार अपने शेयरधारकों को कॉर्पोरेट रिटर्न देने की परंपरा को बनाए हुए है।
डिविडेंड पाने के लिए पात्र निवेशकों की पहचान करने के मकसद से कंपनी ने शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय किया है। भारतीय शेयर बाजार के नियम के तहत, निवेशकों के पास रिकॉर्ड डेट से पहले डीमैट खाते में शेयर होने जरूरी हैं। इसका मतलब यह है कि निवेशकों को 5.250 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड पाने के लिए गुरुवार, 3 सितंबर 2026 से पहले या उस दिन तक शेयर खरीदना अनिवार्य होगा।
शेयर का प्रदर्शन, बाजार पूंजीकरण और उतार-चढ़ाव
बुधवार, 2 सितंबर के ट्रेडिंग सेशन में कोल इंडिया के स्टॉक में शानदार तेजी दर्ज की गई। बीएसई पर शेयर 3.88% की बढ़त के साथ 418.1 रुपये प्रति शेयर के स्तर पर बंद हुआ। इस बढ़त के साथ कंपनी का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन यानी बाजार पूंजीकरण बढ़कर 2,57,663.67 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
कारोबारी सत्र के दौरान स्टॉक में अच्छा खासा उतार-चढ़ाव देखने को मिला। दिन के कारोबार में कोल इंडिया का शेयर 422.35 रुपये प्रति शेयर के उच्च स्तर (इंट्राडे हाई) तक पहुंचा। वहीं, कारोबार के दौरान नीचे में यह 405.05 रुपये प्रति शेयर के निचले स्तर (इंट्राडे लो) तक भी गया। आखिरकार मुनाफावसूली के बावजूद शेयर मजबूती के साथ बंद होने में कामयाब रहा।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे
कोल इंडिया के प्रति निवेशकों के उत्साह की बड़ी वजह वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1FY27) के वित्तीय नतीजे भी हैं। महारत्न पीएसयू ने Q1FY27 में 8,852 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही (Q1FY26) के 8,797 करोड़ रुपये के मुकाबले 0.6% अधिक है।
कंपनी के रेवेन्यू में भी तिमाही के दौरान अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई। कोल इंडिया का ऑपरेशन्स से रेवेन्यू 7.8% बढ़कर 46,255 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 42,919 करोड़ रुपये था। हालांकि, लागत बढ़ने की वजह से EBITDA मार्जिन पर थोड़ा दबाव रहा और यह Q1FY27 में 26.1% पर आ गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 29.3% दर्ज किया गया था।
ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल की रेटिंग और टारगेट
प्रमुख ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने कोल इंडिया के शेयर पर अपनी 'बाय' (Buy) रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए 510 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस तय किया है। विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी के शेयर आकर्षक वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहे हैं, जिससे लंबे समय में निवेशकों को बेहतर रिटर्न मिल सकता है।
मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा बाजार मूल्य (CMP) पर यह शेयर वित्त वर्ष 2027-28 के अनुमानित EV/EBITDA (FY28E EV/EBITDA) के 4.9x मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है। ब्रोकरेज ने अपने पुराने अनुमानों को बनाए रखते हुए 6x FY28E EV/EBITDA के आधार पर 510 रुपये का टारगेट प्राइस दोहराया है। मजबूत कमाई और स्थिर डिविडेंड यील्ड के कारण संस्थागत निवेशकों का भरोसा कोल इंडिया पर बना हुआ है।



















