अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा बाजार में जापानी येन ने प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले शानदार मजबूती हासिल की है। बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति बैठक से ठीक पहले निवेशकों ने आक्रामक खरीदारी दिखाई, जिसके परिणामस्वरूप ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले मुद्रा जोड़ी ने अपनी पुरानी बढ़त गंवा दी। बाजार में जोखिम की धारणा सुधरने के साथ ही ट्रेडर्स ने आगामी नीतिगत सख्ती की तैयारी शुरू कर दी है, जिससे जापानी येन दिन की सबसे मजबूत मुद्रा बनकर उभरा।
मुद्रा जोड़ी में यू-टर्न और अहम तकनीकी चार्ट पैटर्न
विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में ब्रिटिश पाउंड और जापानी येन की विनिमय दर 209.19 के उच्च स्तर तक चढ़ने के बाद अचानक पलट गई। सत्र के दौरान इसमें लगभग 0.39 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 208.32 के स्तर पर आ गई। तकनीकी चार्ट विश्लेषण के अनुसार, कीमतों में 'ईवनिंग स्टार' का संकेत दिखाई दिया है। यह एक मंदी का कैंडलस्टिक पैटर्न माना जाता है, जो यह स्पष्ट करता है कि बिकवाल जोड़ी को नीचे की ओर धकेल रहे हैं और बाजार वार्षिक निचले स्तरों की दोबारा परीक्षा लेने की ओर बढ़ सकता है।
बाजार की गति को मापने वाला रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स अर्थात RSI मंदी के रुझान का संकेत दे रहा है और यह एक बार फिर ओवरसोल्ड दायरे के करीब पहुंच रहा है। यह तकनीकी स्थिति दर्शाती है कि बाजार में बिकवाली का दबाव निरंतर गहरा रहा है। वहीं लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, GBP/JPY का भाव वर्तमान में 210.14 के स्तर पर बना हुआ है, जबकि इसका पिछला बंद 208.54 रहा था, जो 0.77 प्रतिशत का बदलाव दर्शाता है। पिछले 52 हफ्तों के दौरान इस क्रॉस-पेयर का दायरा 197.50 से 219.52 के बीच दर्ज हुआ है। तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय RSI 43 के स्तर पर है, जबकि MACD -1.81 पर है जो -1.70 की सिग्नल लाइन से नीचे रहकर मंदी की पुष्टि करता है। घातीय मूविंग एवरेज यानी EMA20 211.03, EMA50 213.10 और दीर्घकालिक EMA200 211.71 पर स्थित है, जबकि दैनिक वोलैटिलिटी मापने वाला ATR(14) 1.78 पर बना हुआ है।
सपोर्ट और रेजिस्टेंस के प्रमुख स्तर
चार्ट विश्लेषकों के लिए नीचे की दिशा में सबसे पहला प्रमुख सपोर्ट स्तर 8 सितंबर का निचला स्विंग स्तर 207.10 है। यदि भाव इस महत्वपूर्ण सीमा से नीचे फिसलते हैं, तो निचले स्तरों और निचली चोटियों का मंदी चक्र फिर से सक्रिय हो जाएगा। ऐसी स्थिति में 16 दिसंबर 2025 का दैनिक निचला स्तर 206.73 सीधे तौर पर दांव पर लग जाएगा। इस पड़ाव के भी टूटने के बाद मुद्रा जोड़ी मनोवैज्ञानिक रूप से बेहद संवेदनशील 205.00 के मील के पत्थर तक गोता लगा सकती है। 20 दिनों के ऐतिहासिक दायरे में 207.10 का स्तर एक प्राथमिक आधार के रूप में उभरा है।
इसके विपरीत, यदि बाजार में खरीदार दोबारा हावी होते हैं और विनिमय दर 16 सितंबर के 209.47 के उच्च स्तर को पार करने में सफल होती है, तो 210.00 के स्तर की ओर तेजी की संभावना बन जाएगी। यदि तेजी की यह गति और मजबूत होती है, तो अगला महत्वपूर्ण लक्ष्य 4 सितंबर का स्विंग हाई 211.82 होगा, जो 212.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर से कुछ ही नीचे स्थित है। ऊपरी दिशा में 20-दिवसीय प्रतिरोध स्तर 217.46 के आसपास देखा गया है, जबकि बोलिंजर बैंड्स का दायरा 204.35 से 219.52 के बीच फैला हुआ है।
बैंक ऑफ जापान की सख्ती और वैश्विक कैरी ट्रेड का अंत
विदेशी मुद्रा बाजार में जापानी येन की इस ताजा मजबूती के केंद्र में केंद्रीय बैंक की रणनीति है। शुक्रवार के शुरुआती सत्र में बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनी नीतिगत ब्याज दरों में 25 आधार अंकों (bps) की बढ़ोतरी करने की व्यापक संभावना जताई गई है। एक दशक से भी अधिक समय तक जापान की अति-निम्न ब्याज दरों ने दुनिया भर में खरबों डॉलर के वैश्विक निवेशों को फंड करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस व्यवस्था ने जापानी येन को दुनिया भर में सबसे सस्ता फंडिंग स्रोत बना दिया था।
अब बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनी वित्तीय नीति को फिर से सख्त किए जाने की संभावनाओं के बीच यह सस्ता लाभ एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। जब दुनिया की लगभग सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं अपनी नीतिगत ब्याज दरों में तेजी से बढ़ोतरी कर रही थीं, तब भी जापान वैश्विक स्तर पर एक अपवाद बना हुआ था। नीति में आने वाला यह बदलाव वैश्विक पोर्टफोलियो में भारी फेरबदल का कारण बन रहा है, जिससे निवेशकों का रुझान येन की सुरक्षित खरीदारी की ओर मुड़ रहा है।
अमेरिकी डॉलर, सोना और अन्य वैश्विक बाजारों की हलचल
विदेशी मुद्रा विनिमय तालिका और हीट मैप के अनुसार, जापानी येन आज की तारीख में ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले सबसे मजबूत स्थिति में दर्ज किया गया। साथ ही एशिया में शुरुआती घंटी बजने से ठीक पहले अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन 156.00 के दायरे में गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। इस गिरावट ने डॉलर-येन जोड़ी के पिछले तीन दिनों के सकारात्मक सिलसिले को तोड़ दिया, जो 156.50 के स्तर के ठीक पहले लड़खड़ा गया। पूरा ध्यान अब टोक्यो में होने वाले नीतिगत फैसले पर केंद्रित हो चुका है।
दूसरी ओर, अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपने नीतिगत रुख को सख्त बनाए रखा है। फेडरल रिजर्व ने अपनी फेड फंड टारगेट रेंज (FFTR) को सर्वसम्मति से 25 आधार अंक बढ़ाकर 3.75 प्रतिशत से 4.00 प्रतिशत कर दिया है। केंद्रीय बैंक का मानना है कि इस कदम से मुद्रास्फीति को उसके 2 प्रतिशत के लक्ष्य तक समय पर वापस लाने में मदद मिलेगी। अमेरिकी केंद्रीय बैंक के इस आक्रामक संदेश को पचाने के बीच अमेरिकी डॉलर में हल्की नरमी देखी गई, जिसका फायदा ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को मिला। वॉल स्ट्रीट के बंद होने के बाद AUD/USD जोड़ी ने अपने तीन दिनों के नुकसान की भरपाई करते हुए 0.7100 के स्तर को फिर पार कर लिया।
कमोडिटी बाजार में सोने ने जबरदस्त छलांग लगाई और गुरुवार को सप्ताह के नए रिकॉर्ड स्तर को छू लिया। हालांकि, सोने की यह तेजी 4,400 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के क्षेत्र के आसपास प्रारंभिक बाधा का सामना करती दिखी। पीली धातु का यह उछाल लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद आया है, जिसे अमेरिकी डॉलर की हल्की वापसी और कच्चे तेल की कीमतों में दर्ज की गई कमजोरी का भी सहारा मिला है।



















