वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की लगातार छह दिनों से जारी तेजी पर गुरुवार को विराम लग गया। फेडरल रिजर्व द्वारा हालिया मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों में की गई वृद्धि के बाद डॉलर में आया जोरदार उछाल अब कुछ धीमा पड़ता दिख रहा है। इसके चलते स्विस फ्रैंक के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर में हल्की गिरावट दर्ज की गई। मौजूदा सत्र में यूएसडी/सीएचएफ मुद्रा जोड़ी 0.8245 के आसपास कारोबार कर रही है, जो मई 2025 के बाद का इसका उच्चतम दायरा माना जा रहा है। लाइव ट्रेडिंग आंकड़ों के अनुसार, इस जोड़ी का भाव 0.8218 के करीब देखा गया, जो पिछले बंद स्तर 0.8249 के मुकाबले 0.37 प्रतिशत की नरमी को दर्शाता है। पिछले 52 हफ्तों के दौरान इस जोड़ी का निचला स्तर 0.7629 और ऊपरी स्तर 0.8262 दर्ज किया गया है।
केंद्रीय बैंकों के फैसलों और बढ़ती ब्याज दर खाई का असर
अमेरिकी केंद्रीय बैंक यानी फेडरल रिजर्व ने अपनी नीतिगत दरों में सर्वसम्मति से 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी करते हुए इसे 3.75 प्रतिशत से 4.00 प्रतिशत के दायरे में पहुंचा दिया है। वर्ष 2023 के बाद यह पहला मौका है जब फेड ने अपनी उधार दरों में इजाफा करने का फैसला लिया है। बैंक के नीति निर्माताओं का मानना है कि यह कदम मुद्रास्फीति को दो प्रतिशत के लक्ष्य तक समयबद्ध तरीके से वापस लाने में मदद करेगा। इसके साथ ही नए जारी डॉट प्लॉट अनुमानों से संकेत मिलता है कि 18 में से 16 नीति निर्माता चालू वर्ष के समाप्त होने से पहले कम से कम एक और चौथाई प्रतिशत की दर वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं।
दूसरी ओर, स्विट्जरलैंड के केंद्रीय बैंक (एसएनबी) और फेडरल रिजर्व के बीच ब्याज दरों का बढ़ता अंतर स्विस फ्रैंक को दबाव में बनाए हुए है। वैश्विक वित्तीय बाजारों में स्विस फ्रैंक अब कैरी ट्रेड के लिए एक लोकप्रिय फंडिंग करेंसी बनता जा रहा है। इसका मुख्य कारण यह है कि बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनी नीतिगत दरों को सख्त करने की तैयारियों के चलते जापानी येन में उधार लेना निवेशकों के लिए पहले जितना आकर्षक नहीं रहा। जापान ने एक दशक से भी अधिक समय तक अपनी ब्याज दरों को बेहद निचले स्तर पर बनाए रखा था, जिससे दुनिया भर में खरबों डॉलर के निवेश को वित्तपोषित करने में मदद मिली। अब जापान में मौद्रिक सख्ती की सुगबुगाहट से निवेशक फंडिंग के लिए फ्रैंक की ओर रुख कर रहे हैं।
बाजार रणनीतिकारों का तकनीकी आकलन और प्रमुख स्तर
यूओबी ग्रुप के विश्लेषकों के अनुसार, इस जोड़ी में हाल में आई तेजी उनके पहले के अनुमानों से कहीं ज्यादा मजबूत रही है। बाजार विश्लेषकों ने पहले 15 सितंबर को 0.8175 के स्तर पर संकेत दिया था कि यदि डॉलर 0.8205 के स्तर को पार कर उस पर टिकता है, तभी 0.8245 तक की छलांग संभव होगी। हालांकि, बुधवार के सत्र में डॉलर दोनों ही बाधाओं को लांघते हुए 0.8265 के उच्च स्तर तक पहुंच गया, जिसने अल्पकालिक तेजी के रुख पर मुहर लगा दी।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी गति मजबूत बनी हुई है, लेकिन अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह डॉलर को 0.8300 के मनोवैज्ञानिक स्तर के पार ले जाने के लिए पर्याप्त है या नहीं। यदि विनिमय दर नीचे फिसलकर 0.8185 के महत्वपूर्ण स्तर को तोड़ती है, तो इसका स्पष्ट अर्थ होगा कि हालिया तेजी का रुख कमजोर पड़ने लगा है। इससे पहले मजबूत समर्थन स्तर 0.8145 पर आंका गया था। वर्तमान तकनीकी आंकड़ों में 20-दिवसीय समर्थन स्तर लगभग 0.8014 और प्रतिरोध 0.8262 पर स्थित है, जबकि दैनिक पिवट बिंदु 0.8231 के आसपास बना हुआ है। प्रतिरोध के स्तर क्रमशः 0.8247 (आर1) और 0.8275 (आर2) पर देखे जा रहे हैं, वहीं गिरावट की स्थिति में समर्थन 0.8203 (एस1) और 0.8187 (एस2) पर मौजूद है।
दैनिक चार्ट पर तकनीकी संकेतकों की स्थिति
दैनिक मूल्य चार्ट का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि यूएसडी/सीएचएफ अपने 50-दिवसीय, 100-दिवसीय और 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (एसएमए) से ऊपर बना हुआ है। यह संरचना लंबी अवधि में सकारात्मक रुख की पुष्टि करती है। वर्तमान में 50-दिवसीय ईएमए 0.8101 और 200-दिवसीय ईएमए 0.7999 पर स्थित है, जबकि 20-दिवसीय ईएमए 0.8144 पर चल रहा है। 50-दिवसीय ईएमए के 200-दिवसीय ईएमए से ऊपर निकलने के साथ एक गोल्डन क्रॉस की स्थिति भी चार्ट पर बनी हुई है।
मोमेंटम संकेतकों की बात करें तो 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) 63 से 68 के आसपास मंडरा रहा है, जो तेजी की ताकत को दर्शाता है लेकिन अत्यधिक खरीदारी यानी ओवरबॉट क्षेत्र के बेहद करीब है। एमएसीडी सूचक शून्य के स्तर पर बना हुआ है और हल्का सकारात्मक रुझान दिखा रहा है, जिससे खरीदारों का पलड़ा भारी दिखता है। हालांकि, 14-दिवसीय एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स (एडीएक्स) 20 के आसपास स्थिर है, जो दर्शाता है कि व्यापक ट्रेंड की तीव्रता अभी भी सीमित दायरे में फंसी हुई है। स्टोकेस्टिक इंडिकेटर की फास्ट लाइन 78 और सिग्नल लाइन 89 पर देखी गई है। बॉलिंजर बैंड्स की सीमाएं 0.7982 और 0.8255 के बीच फैली हैं, जहां मध्य बैंड 0.8119 पर है और भाव फिलहाल बैंड के भीतर ही गतिमान है। 14-दिवसीय एवरेज ट्रू रेंज (एटीआर) 0.01 पर है, जो दैनिक उतार-चढ़ाव को मापने के लिए स्टॉप-लॉस बफर का काम करता है।
अन्य वैश्विक संपत्तियों और मुद्राओं का प्रदर्शन
अमेरिकी डॉलर में आए इस ठहराव का असर अन्य वैश्विक मुद्राओं और कमोडिटीज पर भी साफ देखा गया। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (एयूडी/यूएसडी) ने एशियाई कारोबारी सत्र में फिर से बढ़त हासिल करते हुए 0.7100 का आंकड़ा दोबारा छू लिया। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा संभावित दर वृद्धि की उम्मीदों और अमेरिका-ईरान कूटनीतिक वार्ताओं की सकारात्मक खबरों ने बाजार में जोखिम उठाने की क्षमता को बढ़ाया है। वहीं यूएसडी/जेपीवाई जोड़ी 156.00 के नीचे संक्षिप्त गिरावट के बाद संभलती दिखी, क्योंकि बैंक ऑफ जापान के आगामी नीतिगत निर्णय से पहले बाजार में सतर्कता का माहौल है।
दूसरी ओर, कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला। सोने ने लगातार तीन दिनों की गिरावट के सिलसिले को तोड़ते हुए नए साप्ताहिक शिखर को छू लिया, हालांकि 4,400 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर के पास इसे हल्की रुकावट का सामना करना पड़ा। कच्चे तेल की गिरती कीमतों और डॉलर की नरमी ने सोने के इस सुधार को अतिरिक्त सहारा दिया। यूरोप की बात करें तो बैंक ऑफ इंग्लैंड ने अपनी मुख्य बैंक दर को 3.75 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा, लेकिन मुद्रास्फीति के बिगड़ते परिदृश्य को देखते हुए काफी सख्त रुख अपनाने का संदेश दिया। ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले अमेरिकी डॉलर का प्रदर्शन सबसे अधिक मजबूत दर्ज किया गया।



















