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बिहार में जमीन और मकान खरीदना हुआ महंगा, सरकार ने सर्किल रेट में की भारी बढ़ोतरीबाज़ार
20 जून 2026, 9:26 pm (45 दिन पहले)· 0

बिहार में जमीन और मकान खरीदना हुआ महंगा, सरकार ने सर्किल रेट में की भारी बढ़ोतरी

बिहार सरकार ने लगभग एक दशक बाद राज्य भर में जमीन के सरकारी मूल्य, यानी सर्किल रेट (एमवीआर), में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की है, जिससे जमीन और संपत्ति की खरीद और रजिस्ट्री कराना अब काफी महंगा हो जाएगा. इस कदम का उद्देश्य बाजार मूल्य के साथ सरकारी मूल्यांकन को संरेखित करना और स्टांप शुल्क एवं पंजीकरण शुल्क से राज्य के राजस्व को बढ़ाना है.

रियल एस्टेट सेक्टर और संपत्ति खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए एक बड़ी खबर है. बिहार सरकार ने राज्य भर में जमीन के सर्किल रेट, जिसे न्यूनतम मूल्यांकन दर (एमवीआर) भी कहा जाता है, में काफी वृद्धि कर दी है. ये नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं, जिसके चलते अब जमीन और संपत्ति की खरीद और रजिस्ट्री कराना पहले के मुकाबले काफी महंगा हो जाएगा, क्योंकि इससे स्टांप शुल्क और रजिस्ट्रेशन फीस पर सीधा असर पड़ेगा.

बढ़ोतरी का कारण

राज्य सरकार ने यह फैसला लंबे समय बाद किया है. ग्रामीण क्षेत्रों में आखिरी बार 2013 में और शहरी क्षेत्रों में 2016 में सर्किल रेट में बदलाव किया गया था. पिछले दस सालों में जमीन के बाजार मूल्यों में कई गुना बढ़ोतरी हुई है, जिससे बाजार मूल्य और सरकारी मूल्यांकन के बीच एक बड़ा अंतर आ गया था. अधिकारियों के अनुसार, जिला स्तरीय समितियों ने इस अंतर को कम करने के लिए सर्किल रेट बढ़ाने की सिफारिश की थी, जिसके आधार पर सरकार ने ये नई दरें तय की हैं.

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नई दरों का विवरण

संशोधित नियमों के तहत, ग्रामीण इलाकों में एमवीआर में 1.6 गुना तक की वृद्धि की गई है. वहीं, शहरी और शहर से सटे क्षेत्रों में सर्किल रेट लगभग दोगुना कर दिया गया है. निबंधन विभाग ने इन नई दरों को तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया है, जिससे अब संपत्ति खरीदने वाले हर व्यक्ति को अधिक भुगतान करना होगा.

खरीदारों पर आर्थिक बोझ

इस बढ़ोतरी का सबसे सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो जमीन या फ्लैट खरीदने की सोच रहे हैं. जमीन की रजिस्ट्री इन्हीं सरकारी दरों के आधार पर होती है, इसलिए एमवीआर बढ़ने से रजिस्ट्री शुल्क और स्टांप ड्यूटी भी बढ़ जाएगी. खासकर शहरों में घर खरीदने वालों को अब अधिक आर्थिक बोझ उठाना पड़ सकता है.

पटना में जमीन की कीमतों में भारी उछाल

राज्य की राजधानी पटना में इन संशोधित दरों का सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिलेगा. Dakbangla Chowk सहित 12 प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में मुख्य सड़क के किनारे स्थित जमीन का सर्किल रेट अब बढ़कर 2.50 करोड़ रुपये प्रति कट्ठा हो गया है. इसी तरह, मुख्य सड़क के पास आवासीय जमीन की कीमत 1.43 करोड़ रुपये प्रति कट्ठा निर्धारित की गई है. अन्य सड़कों के किनारे स्थित आवासीय जमीन की सरकारी दर भी 95.15 लाख रुपये से बढ़कर 1.31 करोड़ रुपये प्रति कट्ठा हो गई है. Patliputra और Boring Road जैसे पॉश इलाकों में जमीन का सर्किल रेट 1.09 करोड़ रुपये से बढ़कर 2.18 करोड़ रुपये प्रति कट्ठा हो गया है. Jakkanpur और Mithapur जैसे कई इलाकों में भी व्यावसायिक जमीन की सरकारी कीमत लगभग दोगुनी कर दी गई है; इन क्षेत्रों में मुख्य सड़क के किनारे जमीन का सर्किल रेट 93.75 लाख रुपये से बढ़कर 1.87 करोड़ रुपये प्रति कट्ठा हो गया है.

सरकार का राजस्व और बाजार पर प्रभाव

जहां एक ओर ये नई दरें आम नागरिकों के लिए संपत्ति खरीदना महंगा कर देंगी, वहीं दूसरी ओर इनसे राज्य सरकार को रजिस्ट्री और स्टांप शुल्क के माध्यम से काफी अधिक राजस्व मिलने की उम्मीद है. हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले का असर बिहार के रियल एस्टेट बाजार पर भी पड़ सकता है, जिससे संपत्ति लेनदेन की मात्रा और मांग प्रभावित हो सकती है.

सवाल-जवाब

सर्किल रेट क्या होते हैं?
सर्किल रेट, जिन्हें न्यूनतम मूल्यांकन दर (एमवीआर) भी कहा जाता है, वे न्यूनतम मूल्य होते हैं जिस पर किसी विशिष्ट क्षेत्र में संपत्ति को राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है.
बिहार ने सर्किल रेट क्यों बढ़ाए हैं?
बिहार सरकार ने एक दशक बाद बढ़ते बाजार मूल्यों और पुराने सरकारी मूल्यांकन दरों के बीच बड़े अंतर को पाटने के लिए सर्किल रेट बढ़ाए हैं.
नई सर्किल दरें कब से लागू हुई हैं?
नई सर्किल दरें बिहार में तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं.
ग्रामीण क्षेत्रों में दरों में कितनी वृद्धि हुई है?
बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम मूल्यांकन दरों (एमवीआर) में 1.6 गुना तक की वृद्धि की गई है.
शहरी क्षेत्रों में दरों में कितनी वृद्धि हुई है?
शहरी और उससे सटे क्षेत्रों में सर्किल रेट लगभग दोगुना कर दिया गया है.
पटना के Dakbangla Chowk में मुख्य सड़क पर व्यावसायिक जमीन का नया सर्किल रेट क्या है?
पटना के Dakbangla Chowk में मुख्य सड़क पर व्यावसायिक जमीन का नया सर्किल रेट 2.50 करोड़ रुपये प्रति कट्ठा है.
संपत्ति खरीदारों पर इसका क्या असर होगा?
संपत्ति खरीदारों को अधिक स्टांप शुल्क और पंजीकरण फीस देनी होगी, जिससे जमीन या संपत्ति खरीदने की कुल लागत बढ़ जाएगी.
क्या सरकार को इस बदलाव से फायदा होगा?
हाँ, सरकार को बढ़ी हुई पंजीकरण और स्टांप शुल्क वसूली के माध्यम से काफी अधिक राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है.
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