वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में ब्राजीलियाई रियल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। वित्तीय विशेषज्ञों का विश्लेषण है कि मुद्रा जोड़ी 5.05 और 5.07 के स्तर की ओर खिसक रही है, जो इसके पिछले दो महीनों के दायरे का निचला हिस्सा है। इस बदलाव के पीछे आगामी अक्टूबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के नए जनमत सर्वेक्षण और राजनीतिक माहौल का बड़ा हाथ माना जा रहा है।
चुनाव में बदलता समीकरण और राजनीतिक हलचल
हालिया चुनावी आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे चरण के रन-ऑफ मुकाबले में पहली बार एक सर्वे में चैलेंजर फ्लावियो बोल्सनारो को मौजूदा राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा से आगे निकलते हुए दिखाया गया है। हालांकि सट्टा बाजार और प्रेडिक्शन प्लेटफॉर्म अभी भी राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा की जीत की संभावनाओं को बोल्सनारो से लगभग सात प्रतिशत आगे बता रहे हैं, लेकिन दोनों के बीच का यह अंतर तेजी से कम होता जा रहा है। बाजार के जानकारों का कहना है कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के कड़े होने का सीधा असर मुद्रा बाजार पर देखने को मिल रहा है।
रियल की मजबूती और आगे की नीतियां
ब्राजीलियाई रियल में भारी निवेश करने वाले निवेशक किसी बड़े बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं। जानकारों का मानना है कि यदि फ्लावियो बोल्सनारो चुनाव जीतने में सफल होते हैं और देश में कुछ सुधार, वित्तीय अनुशासन तथा deregulation जैसे कदम उठाते हैं, तो इससे कोलंबियाई पेसो जैसी तेज बढ़त देखने को मिल सकती है। कम से कम यह उम्मीद तो की जा रही है कि ब्राजील की मुद्रा अपनी उच्च वास्तविक ब्याज दरों के दम पर फॉरवर्ड कर्व से बेहतर प्रदर्शन जारी रखेगी। यदि चुनावी रुझान और अधिक बोल्सनारो के पक्ष में झुकते हैं, तो मुद्रा में प्रत्यक्ष नामिनल मजबूती भी आ सकती है।
एशियाई और वैश्विक मुद्रा बाजारों का हाल
इसी दौरान वैश्विक मुद्रा बाजार के अन्य हिस्सों में भी सुस्ती और हलचल बनी हुई है। एशियाई सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियन डॉलर 0.7200 के स्तर से ऊपर समेकन के दौर में बना हुआ है, जिसे चीन के महंगाई के आंकड़ों से कोई खास प्रेरणा नहीं मिली है। इसके अलावा, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती अटकलें ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को सहारा दे रही हैं। जापानी येन में मजबूती के बीच अमेरिकी डॉलर पर भी दबाव बना हुआ है, और ट्रेडर आने वाले दिनों में अमेरिका से आने वाले महंगाई के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं ताकि बाजार को नई दिशा मिल सके।
सोना और अन्य जिंस बाजारों की स्थिति
कीमती धातुओं के बाजार में सोने ने रिकवरी दर्ज की है और यह अपने तीन दिन के गिरावट के सिलसिले को तोड़ते हुए प्रति ट्रॉय औंस चार हजार चार सौ डॉलर के महत्वपूर्ण आंकड़े से ऊपर लौट आया है। सोने में यह उछाल अमेरिकी डॉलर पर बिकवाली के दबाव और भू-राजनीतिक मोर्चे पर बनी अनिश्चितता के कारण आया है। दूसरी ओर, ऊर्जा बाजारों में कच्चे तेल के मुकाबले डीजल की कीमतें एक अलग ही कहानी बयां कर रही हैं। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड, जो कि अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स और डब्ल्यूटीआई क्रैक का प्रीमियम है, हाल ही में एक सौ डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है और अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर को छू चुका है।



















