त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल के अंतर्गत आने वाले ग्राम समिति चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। आगामी चुनावों के लिए विभिन्न दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों की ओर से कुल 10,936 उम्मीदवारों द्वारा 10,958 नामांकन पत्र दाखिल किए गए हैं। हालांकि, राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों का कहना है कि अभी अंतिम समेकित आंकड़े मिलना बाकी हैं और डेटा संकलन का काम चल रहा है।
प्रमुख दलों की उम्मीदवारी और आंकड़े
राज्य निर्वाचन आयोग से प्राप्त अब तक के आंकड़ों के अनुसार, टिपरा मोथा पार्टी ने सबसे अधिक उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। पार्टी की ओर से 4,371 उम्मीदवारों ने कुल 4,390 नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। इसके बाद भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी यानी सीपीएम का स्थान है, जिसके 2,484 उम्मीदवारों ने 2,484 नामांकन पत्र जमा किए हैं।
भारतीय जनता पार्टी ने 1,974 उम्मीदवारों के जरिए कुल 1,974 नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। वहीं, कांग्रेस पार्टी की ओर से 466 नामांकन पत्र जमा किए गए हैं। इसके अलावा, इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा ने 486 नामांकन पत्र दाखिल किए हैं, जबकि कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया ने चार नामांकन पत्र जमा किए। इन प्रमुख दलों के अलावा अन्य उम्मीदवारों और निर्दलीयों की तरफ से 1,151 नामांकन पत्र दाखिल किए गए हैं।
चुनावी कार्यक्रम और प्रक्रिया
चुनाव आयोग द्वारा तय किए गए शेड्यूल के मुताबिक, इन ग्राम समितियों के लिए मतदान 28 सितंबर को संपन्न होगा। इसके बाद 5 अक्टूबर को वोटों की गिनती की जाएगी और परिणाम सामने आएंगे। नामांकन पत्रों की जांच की प्रक्रिया 9 सितंबर को पूरी होगी, जबकि उम्मीदवार 11 सितंबर तक अपने नाम वापस ले सकेंगे।
नाम वापसी की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद निर्वाचन आयोग वैध और चुनाव मैदान में डटे रहने वाले उम्मीदवारों की अंतिम सूची का प्रकाशन करेगा। इस सूची के जारी होने के बाद मतपत्रों की छपाई का काम शुरू किया जाएगा ताकि मतदान की तैयारियां समय पर पूरी की जा सकें।
सीटों का आरक्षण और सुरक्षा व्यवस्था
यह चुनाव कुल 4,597 ग्राम समिति सीटों के लिए आयोजित किए जा रहे हैं जो 2,634 निर्वाचन क्षेत्रों के अंतर्गत आती हैं। कुल सीटों में से 4,025 सीटें अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित हैं, जबकि 178 सीटें अनुसूचित जातियों के लिए और 394 सीटें अनारक्षित श्रेणी में रखी गई हैं।
शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। केंद्रीय बलों की 24 कंपनियों की तैनाती की पुष्टि पहले ही हो चुकी थी। इसके अलावा अतिरिक्त बलों को भी मंजूरी दी गई है और केंद्रीय गृह मंत्रालय से और अधिक सुरक्षाकर्मियों के मिलने की उम्मीद जताई जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।


















